Wednesday, 28 October 2015

1.कारोबार के लिए बेहतर हुआ माहौल, वर्ल्ड बैंक रैंकिंग में 12 पोजिशन ऊपर आया इंडिया
i.वर्ल्‍ड बैंक की 'ईज ऑफ डूइं‍ग‍ बिजनेस' (आसानी से कारोबार करने लायक माहौल वाले देश) लिस्ट में भारत की रैंकिंग 12 पायदान सुधरकर 130 हो गई है। 
ii.इससे पहले, भारत की रैंकिंग 142 थी। वर्ल्‍ड बैंक के टॉप इकोनॉमिस्‍ट और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट कौशिक बसु ने रिपोर्ट जारी की है।
iii.उन्होंने कहा कि अगर भारत इकोनॉमिक रिफॉर्म जारी रखता है, गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (जीएसटी) को जल्‍द लागू करता है और ब्‍यूरोक्रेटिक कॉस्‍ट में कटौती करता है, तो वह 2016 तक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस लिस्ट के टॉप 100 देशों में शामिल हो सकता है।

2.सरकार ने आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों को सरल बनाने के लिए एक समिति गठन किया
i.भारत सरकार ने आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों को सरल बनाने के दृष्टिकोण से एक समिति का गठन किया है| 
ii.इसमें शामिल व्यक्तियों के नाम इस प्रकार हैं:
  • न्यायमूर्ति आर.वी. ईश्वर, (सेवानिवृ‍त्त) पूर्व न्यायाधीश, दिल्ली हाई कोर्ट और पूर्व अध्यक्ष आईटीएटी –अध्यक्ष
  • वी.के. भसीन, पूर्व विधि सचिव - सदस्य
  • विनोद जैन, चार्टर्ड एकाउंटेंट - सदस्य
  • राजीव मैमानी, सलाहकार - सदस्य
  • रवि गुप्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता - सदस्य
  • मुकेश पटेल, चार्टर्ड एकाउंटेंट - सदस्य
  • अजय बहल, सलाहकार - सदस्य
  • प्रदीप पी शाह, निवेश सलाहकार - सदस्य
  • अरविंद मोदी, आईआरएस (आईटी: 81,009) - सदस्य
  • डॉ विनय कुमार सिंह, आईआरएस (आईटी: 95,006) - सदस्य

3.भारत और श्रीलंका का संयुक्त नौसैनिक अभ्यास एसएलआईएनईएक्स 2015 शुरू
i.भारतीय नौसेना और श्रीलंकाई नौसेना ने श्रीलंका के त्रिंकोमाली तट पर चौथा श्रीलंका-भारत नौसैनिक अभ्यास (एसएलआईएनईएक्स) शुरू किया है| यह अभ्यास 1 नवंबर 2015 को संपन्न होगा|
ii.एसएलआईएनईएक्स 15 से समुद्र में दोनों सेनाओं द्वारा मिलकर कार्य करने की क्षमता बढ़ेगी, जो इस क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा की दिशा में योगदान होगा|
iii.यह अभ्यास बंदरगाह चरण से शुरू होगा, इस दौरान प्रतिभागी व्यवसायिक, सांस्कृतिक और सामाजिक बातचीत करेंगे| बंदरगाह चरण के बाद 30 अक्टूबर 2015 से समुद्री चरण शुरू होगा|
iv.समुद्र चरण में समुद्री डकैती को रोकने, गोलीबारी, क्रॉस डैक हेली‍कॉप्टर अभियान सहित जटिल अभ्यास किए जाएंगे|
4.वित्तमंत्री अरुण जेटली ने 'पैन कैंप' और 'ई सहयोग' का शुभारम्भ किया
i.केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पायलट परियोजना के आधार पर 'पैन कैंप' और 'ई सहयोग' योजना का शुभारम्भ किया है|
ii.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया में भागीदारी करते हुए आयकर विभाग ने इस सुविधा को शुरू किया है| इसके तहत आयकर के रिटर्न की गड़बड़ियों को ई मेल के मध्यम से सही किया जाएगा| इसके अतिरिक्त दूर दराज के इलाके के लिए स्पेशल पैन कैंप की भी शुरूआत की गई है| 
iii.ई- सहयोग केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की कागज रहित पहल है| इसके जरिए आयकरदाताओं को नोटिस ही नहीं बल्कि उसकी गलतियां भी मेल के माध्यम से ही सही की जाएंगी| ई मेल पर आए जवाब को आयकर अधिकारी जांचेंगे और यदि संतोषजनक हुआ तो उसी समय उसका निदान निकाल दिया जाएगा|
5.प्रवीण कुमार बने एसबीआई के प्रबंध निदेशक
i.सरकार ने प्रवीण कुमार गुप्ता को देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) का प्रबंध निदेशक नियुक्त किया है। 
ii.बैंक ने जारी बयान में कहा कि गुप्ता वर्तमान में एसबीआई के उपप्रबंध निदेशक हैं। वह 31 अक्टूबर को सेवा निवृत्त हो रहे पी. प्रदीप कुमार का स्थान लेंगे। 
iii.उसने कहा कि गुप्ता 01 नवंबर या उसके बाद प्रभार ग्रहण करेंगे। उनकी नियुक्ति उनके सेवानिवृत्त होने की तिथि 31 मार्च 2020 तक या अगले आदेश, जो पहले हो, तक प्रभावी रहेगी।
6.एबीआईएल ग्रुप ने लग्‍जरी ब्रांड वरसाचे के साथ किया टाई-अप
i.अविनाश भोसले ग्रुप (एबीआईएल) अपने नए रेजिडेंशियल प्रोजेक्‍ट के लिए वरसाचे ग्रुप के साथ टाई-अप किया है।
iiयह प्रोजेक्‍ट दक्षिणी मुंबई के ह्यूजेज रोड पर लॉन्‍च किया जाएगा।
iii.इस टाई-अप से हम एक वर्ल्‍ड क्‍लास प्रोजेक्‍ट बनाएंगे। वरसाचे होम द्वारा बनाए जाने वाले इस प्रोजेक्‍ट में बेहतरीन इंटीरियर देखने को मिलेगा।
7.चीन ने तिंहुई (Tianhui) -1 श्रृंखला के तीसरे मानचित्र उपग्रह का प्रक्षेपण किया
i.चीन ने तिंहुई (Tianhui) -1 सी मानचित्र उपग्रह का गांसु के उत्तर-पश्चिमी प्रांत में जिउक़ुअन (Jiuquan) उपग्रह केंद्र की नामित कक्षा में सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया है|
ii.तिंहुई (Tianhui) -1 सी मानचित्र उपग्रह को अंतरिक्ष में मार्च 2 डी कैरियर रॉकेट ने लांच पैड की सहायता से स्थापित किया है|
iii.यह नव स्थापित उपग्रह तिंहुई (Tianhui) वैज्ञानिक प्रयोगों, भूमि संसाधन सर्वेक्षण, मानचित्रण, फसल की उपज के आकलन और आपदा राहत के आकलन के लिए देश की क्षमता को बढ़ावा देगा|
iv.तिंहुई (Tianhui) -1 सी, तिंहुई (Tianhui) -1 श्रृंखला का तीसरा उपग्रह है, जिसे चीन एयरोस्पेस विज्ञान और प्रौद्योगिकी निगम (सीएएसटीसी) की सहायक कंपनी द्वारा डिजाइन किया गया है|
8.समीरन चक्रवर्ती सिटी बैंक इंडिया के मुख्य अर्थशास्त्री नियुक्त
i.सिटी बैंक ने समीरन चक्रवर्ती को भारत के लिए मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की है| 
ii.इस नियुक्ति से पूर्व समीरन स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के प्रबंध निदेशक और दक्षिण एशिया के लिए मैक्रो अनुसंधान प्रमुख के पद पर कार्यरत थे|
iii..उन्होंने ने आईसीआईसीआई बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री के रूप में भी अपनी सेवा दी है इसके अतिरिक्त दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स गणितीय अर्थशास्त्र और खुली अर्थव्यवस्था मैक्रोइकॉनॉमिक्स संकाय में भी कार्य किया है|
9.सिल्वी लुकास संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सुधारों की आईजीएन अध्यक्ष नियुक्त
i.संयुक्त राष्ट्र में लक्ज़मबर्ग की दूत सिल्वी लुकास को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधार के अंतर-सरकारी वार्ता (आईजीएन) के अगले अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है|
ii.उनकी नियुक्ति 70वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के अध्यक्ष मॉर्गेन लिक्केटऑफ्ट द्वारा की गई| वह कोर्टएने रैटट्रे का स्थान लेंगी जो जमैका के राजदूत थे|
iii.इसके अतिरिक्त लक्ज़मबर्ग बेनेलक्स(बेल्जियम, नीदरलैंड और लक्जमबर्ग) देशों का भी सदस्य है जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधारों का समर्थन कर रहा है|
10.7वीं दक्षिण एशियाई रग्बी चैम्पियनशिप की मेजबानी करेगा जम्मू-कश्मीर
i.वर्ष 2016 की 7वीं दक्षिण एशियाई रग्बी चैम्पियनशिप की मेजबानी जम्मू कश्मीर की सौंपी गई है| यह घोषणा जम्मू कश्मीर के युवा सेवा और खेल मंत्री मौलवी इमरान रजा अंसारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई राज्य खेल परिषद की 131वीं स्थायी समिति बैठक में की गई|
ii.यह प्रतियोगिता वर्ष 2016 में 18 जून से 20 जून के मध्य जम्मू कश्मीर के बक्शी स्टेडियम में आयोजित की जाएगी| 
iii.इस प्रतियोगिता में श्रीलंका, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और भारत सहित 180 देश भाग लेंगे| प्रतियोगिता के सुचारू संचालन के लिए बोर्डिंग, लॉजिंग और रसद जैसे विभिन्न सुविधाएं परिषद द्वारा प्रदान की जाएंगी|

Monday, 26 October 2015

1.दूरदर्शन सबसे ज्यादा देखा जाने वाला हिंदी चैनल बना
i.सार्वजनिक प्रसारक दूरदर्शन ने दावा किया है कि अगर हर चैनल पर दर्शकों के खर्च किए गए समय का आकलन किया जाए तो दूरदर्शन सबसे ज्यादा देखे जाने वाला हिंदी चैनल है| ब्रॉडकास्ट ऑडियेंस रिसर्च काउंसिल (बीएआरसी) ने अखिल भारतीय दर्शक डाटा जारी किया है जिसमें यह ‘ऐतिहासिक विकास’ हुआ है|

ii.दूरदर्शन के अनुसार 'बीएआरसी रेटिंग के अंतर्गत वर्ष 2015 के 41वें सप्ताह में नेटवर्क के मुख्य चैनल डीडी नेशनल पर हार दर्शक ने औसतन 51 मिनट का समय व्यतीत किया है जो हिंदी जीईसी (सामान्य मनोरंजन चैनेल) में सर्वाधिक है|
iii.अखिल भारतीय और सिग्नल के सभी मोड का प्रतिनिधित्व करने वाले कुल 15.35 करोड़ टीवी परिवारों में से 7.75 करोड़ शहरी टीवी परिवार हैं जबकि 7.6 करोड़ ग्रामीण टीवी परिवार हैं|
2.रेल मंत्रालय ने भ्रष्टाचार के खिलाफ विजीथॉन का आयोजन किया
i.केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने मुंबई में विजीथॉन का हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया है| इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर लोगों में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जागरुकता फैलाना था| 
ii.विभिन्न स्कूलों के बच्चे, जनसाधारण, बैंक के उपभोक्ता एवं कर्मचारी इस दौरान मौजूद थे तथा उन्होंने इस दौड़ में बढ़-चढ़ कर भाग लिया| इन सभी लोगों को एक मंच पर लाकर उन्हें भ्रष्टाचार के विरुद्ध खड़ा किया गया है|
iii. विजीथॉन यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध आयोजित की गयी एक मैराथन रेस है|
iv.यह दौड़ सतर्कता जागरूकता सप्ताह (26 अक्टूबर 2015 से 31 अक्टूबर 2015) के दौरान आयोजित की गयी है| केंद्रीय सतर्कता आयोग के निर्देशों के अनुसार सतर्कता जागरूकता सप्ताह का आयोजन वर्ष 2000 से प्रतिवर्ष किया जा रहा है|
3.मुंबई और गोवा के बीच देश की पहली एसी डबल डेकर शताब्दी ट्रेन चलाने की योजना
i.रेल मंत्रालय ने मुंबई और गोवा के बीच देश की पहली एसी डबल डेकर शताब्दी ट्रेन चलाने की योजना तैयार की है| रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने इसकी जानकारी दी है| प्रस्तावित एसी डबल डेकर शताब्दी ट्रेन चलाने का मुख्य उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना है|
ii.पहली डबल डेकर एसी ट्रेन हावड़ा एवं धनबाद के बीच अक्टूबर 2011 में शुरू की गई थी| इसके बाद यह सेवा कई शहरों के बीच शुरू हुई, जिनमें अहमदाबाद-मुंबई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-जयपुर एवं दिल्ली-लखनऊ के बीच ऐसी ट्रेनें चल रही हैं. एसी डबल डेकर ट्रेनों में आधुनिक सुविधाएं होती हैं तथा इसमें करीब 1500 यात्रियों के बैठने की सुविधा होती है|
4.एनडीआरएफ ने आपदाओं से निपटने हेतु 30 सार्वजनिक उपक्रमों के साथ समझौता किया
i.राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने सार्वजनिक क्षेत्र के 30 उपक्रमों के साथ समझौता किया है| इस समझौते का उद्देश्य मानव निर्मित अथवा प्राकृतिक आपदाओं का प्रभावी ढंग से सामना करना है|
ii.इस संबंध में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल एवं ओएनजीसी, गेल, एयर इंडिया, खनन और शिपिंग तथा भारी उद्योग क्षेत्र के उपक्रमों के बीच बैठक आयोजित की गयी जिसमें इन उपक्रमों के 40 वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे|
iii.एनडीआरएफ ने इन उपक्रमों के अधिकारियों से कहा कि परमाणु, जैविक अथवा रासायनिक आपदा की स्थिति में अपने कौशल मोड्यूल का विकास करके लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है तथा इस संबंध में प्रशिक्षण भी दिया जायेगा|
iv.इस समय एनडीआरएफ ने भारत में आपदाओं से निपटने हेतु 11 स्थानों पर अपना कार्य बल तैनात किया है| इन स्थानों में बठिंडा (पंजाब), ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश), वड़ोदरा (गुजरात), पुणे (महाराष्ट्र), नागपुर (महाराष्ट्र), आराकोनम (तमिलनाडु), विजयवाड़ा (आंध्र प्रदेश), मुंडाली (उड़ीसा) कोलकाता (पश्चिम बंगाल), गुवाहाटी (असम) तथा पटना (बिहार) शामिल हैं|
5.जीएसटी के अंतर्गत ऐल्कॉहॉल और तंबाकू पर 'अनिष्ट कर' लगाया जायेगा
i.अक्टूबर 2015 के चौथे सप्ताह में अनिष्ट कर चर्चा में रहा क्योंकि केंद्र सरकार ने गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) में एक नया प्रावधान जोड़ा जिसके अंतर्गत जो कंपनियां ऐल्कॉहॉल (शराब) और तंबाकू जैसी नुकसानदेह वस्तुएं बनाती हैं उन्हें अतिरिक्त अनिष्ट कर देना होगा| 
ii.सरकार ने जीएसटी को 1 अप्रैल 2016 से लागू करने के लिए कहा है| जीएसटी द्वारा देश भर में एक समान अप्रत्यक्ष टैक्स व्यवस्था होगी| वित्त मंत्रालय के अनुसार, जीएसटी में ऐल्कॉहॉल और तंबाकू जैसे उद्योगों के लिए अतिरिक्त कर लगाने का प्रावधान किया गया है|
iii.यह उन वस्तुओं पर लगाया जाता है जो समाज के नजरिए से हानिकारक या स्वास्थ्य के हिसाब से नुकसानदेह मानी जाती हैं|
6.विश्व पोलियो दिवस 
i.पोलियो के मामले भले ही तीन वर्षों से भारत में न देखे गए हों, लेकिन खतरा अभी भी बरक़रार है|
ii.24 अक्टूबर विश्व पोलियो दिवस के रूप में मनाया जाता है और इस दिवस का ध्येय है पोलियो जैसी बीमारी के विषय में लोगों में जागरूकता फैलाना है|
iii.पोलियो एक संक्रामक बीमारी है, जो पूरे शरीर को प्रभावित कर देती हैं और यह बीमारी बच्चों में अधिक होती है| 
7.हॉलीवुड की "फेरी" मौरीन ओहरा का निधन
i."मिरेकल ऑन 34थ स्ट्रीट", "द क्वाइट मैन" और "द पैरेंट ट्रैप" जैसी अमेरिकी फिल्मों का हिस्सा रह चुकीं आयरलैंड की अभिनेत्री मौरीन ओहरा नहीं रहीं। वह 95 साल की थीं। 
ii.वह हॉलीवुड के स्वर्णिम युग की जीवित बची अभिनेत्रियों में से एक थीं। उन्हें अकसर "फेरी" कहकर पुकारा जाता है और उन्होंने "हाउ ग्रीन वाज माय वैली" और "अवर मैन इन हवाना" जैसी फिल्मों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 
iii.मौरीन का अभिनय करियर अभिनेता चाल्र्स लॉटन की बदौलत शुरू हुआ। चाल्र्स ने मौरीन का एक स्क्रीन टेस्ट देखा था और उसके बाद उन्होंने व उनके साथी एरिक पोमेर ने अपनी कंपनी मायफ्लोवर फिल्म्स के लिए उनके साथ सात साल का एक करार किया था। 
iv.मौरीन को 2014 में एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर एंड आर्ट साइंसेज ने गवर्नर्स अवाड्र्स में ऑनरेरी ऑस्कर से सम्मानित किया गया। मौरीन की आत्मकथा "टिस हरसेल्फ" 2004 में प्रकाशित हुई थी।
8.जाने माने बंगाली अभिनेता पीजूष गांगुली का निधन
i.गाली फिल्म, टीवी और रंगमंच अभिनेता पीजूष गांगुली का शनिवार को तड़के शहर के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह गत मंगलवार को सड़क हादसे में जख्मी हो गए थे। वह 50 वर्ष के थे।   
ii.गांगुली ने अपना करियर एक रंगमंच अभिनेता के तौर पर शुरू किया था और बाद में वह टीवी तथा फिल्मों में काम करने लगे थे। उन्होंने अर्पणा सेन की 'गायनार बक्शा', 'कौशिक गांगुली की लैपटॉप' सहित कई प्रसिद्ध फिल्मों में काम किया।
9.लुईस हैमिल्टन ने तीसरी बार फार्मूला वन विश्व चैंपियनशिप का खिताब जीता
i.मर्सिडीज ड्राइवर लुईस हैमिल्टन ने टेक्सास के ऑस्टिन में अमेरिकी ग्रां प्री का फॉर्मूला वन खिताब जीता है| इसके साथ ही लुईस हैमिल्टन ने तीसरी बार फार्मूला वन विश्व चैंपियनशिप का खिताब भी जीत लिया|
ii.जर्मनी के निको रोसबर्ग दूसरे स्थान पर, जबकि फेरारी ड्राइवर सेबेस्टियन वेट्टल (जर्मनी) तीसरे स्थान पर रहे|
iii.टोरो रोस्सो के डच ड्राइवर मैक्स वर्सटेपन चौथे और फोर्स इंडिया के सर्जियो पेरेज पांचवें स्थान पर रहे| इसके अलावा टोरो रोस्सो के कालरेस सेंज छठे, मैकलारेन के जेंसन बटन सातवें और लोटस के पास्टर मालडोनाडो आठवें स्थान पर रहे| यह 2015 सत्र में हैमिल्टन की 10वीं जीत थी| 
10.दिल्ली के अभिषेक ने दिलाया वर्ल्ड कप फाइनल में ऐतिहासिक रजत
i.दिल्ली के अभिषेक वर्मा ने भारत को आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल में ऐतिहासिक रजत पदक दिलाया। अभिषेक ने कंपाउंड वर्ग में रजत पदक हासिल किया।
ii.एशियाई खेलों में व्यक्तिगत रजत पदक जीतने वाले 26 वर्षीय वर्मा ने सेमीफाइनल में मैक्सिको के मारियो कार्डोसो के खिलाफ परफेक्ट 150 का स्कोर किया था लेकिन स्वर्ण पदक के लिए हुए मुकाबले में वह दिमिर से 143-145 से हार गए।
iii.अभिषेक ने 150-142 से जीत दर्ज की। सेमीफाइनल में शानदार जीत के बाद वर्मा ने पहले राउंड में अच्छा प्रदर्शन किया और एक अंक की बढ़त बना ली थी लेकिन अगले चार राउंड में उनका मुकाबला बेहद कड़ा हुआ। दूसरे सेट में वर्मा के निशाने कुछ भटके जिसके कारण प्रतिद्वंद्वी दिमिर 57-56 से बढ़त पर आ गए|

Sunday, 25 October 2015

1.भारतीय पर्वतारोहियों द्वारा एक अछूते पर्वत का नाम एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर रखा गया
i.भारत के दो पर्वतारोहियों अर्जुन वाजपेयी तथा भुपेश कुमार ने अक्टूबर 2015 के तीसरे सप्ताह में हिमाचल की स्पीती घाटी में 6180 मीटर उंचे एक अनाम पर्वत पर चढ़ाई कर के इतिहास रचा है| इन दोनों पर्वतारोहियों ने इस पर्वत का नाम भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम के सम्मान में माउंट कलाम रखा| 

ii.माउंट कलाम बड़ा-शिगरी ग्लेशियर के नजदीक स्थित है| यह हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा ग्लेशियर है| बड़ा-शिगरी ग्लेशियर हिमालय पर्वतमाला में गंगोत्री के बाद सबसे लम्बा ग्लेशियर है, इसकी लम्बाई 30 किलोमीटर है|
iii.अर्जुन वाजपेयी तथा भुपेश कुमार क्रमशः नोएडा तथा बुलंदशहर के रहने वाले हैं| उन्होंने अपना यह अभियान 8 अक्टूबर 2015 को आरंभ किया तथा 14 अक्टूबर 2015 को पर्वत के शिखर पर भारतीय ध्वज फहराकर समाप्त किया है| 

2.राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान किये
i.राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने संगीत, कला एवं नाटक के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विभिन्न क्षेत्रों के 39 कलाकारों को वर्ष 2014 के संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया है|
ii.मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में वर्ष 2014 के लिए चार कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप (अकादमी रत्न सदस्यता) एवं 35 कलाकारों को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान किये|  
iii.संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप पुरस्कार पाने वालों में एस. आर. जानकीरमण, एम. एस. सत्यु, विजय कुमार किचलू और तुलसीदास वसंत बोरकर शामिल हैं|
iv.अकादमी फेलोशिप पुरस्कार पाने वाले कलाकारों को ताम्रपत्र और तीन लाख रूपये का चेक तथा अकादमी पुरस्कार पाने वालों को एक प्रशस्ति पत्र एवं एक लाख रूपये का चेक प्रदान किया गया है|
v.राष्ट्रपति ने जिन 35 कलाकारों को अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया, उनमें अश्विनी भिड़े देशपांडे, नाथ नेरालकर, नयन घोष, रोनू मजूमदार, असगर वजाहत, उमा डोगरा, सूर्य मोहन कुलश्रेष्ठ, रामदयाल शर्मा, अब्दुल रशीद हफीज और कलामंडलम राम मोहन शामिल हैं|

3.अशोक एलेग्जेंडर श्रीधरन जर्मनी स्थित बॉन के मेयर बने
i.भारतीय मूल के अशोक एलेग्जेंडर श्रीधरन ने जर्मनी स्थित बॉन शहर के मेयर की शपथ ग्रहण की है| बॉन जर्मनी में 18वां सबसे अधिक जनसंख्या वाला शहर है तथा पश्चिमी जर्मनी की राजधानी है|
ii.श्रीधरन का चयन एंजेला मर्केल की पार्टी, क्रिस्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन ऑफ़ जर्मनी के उम्मीदवार के रूप में सितम्बर 2015 में आयोजित चुनावों में जीत के पश्चात् हुआ है|
iii.इस जीत से, श्रीधरन भारत मूल के पहले नागरिक बन गये हैं जिनकी जर्मनी के किसी बड़े शहर में मेयर पद पर नियुक्ति की गयी हो|
iv.देश के 21 वर्षों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब क्रिस्चियन डेमोक्रेटिक यूनियन ऑफ़ जर्मनी पार्टी से कोई उम्मीदवार मेयर बना हो|

4.मेक्सिको में तूफान पैट्रीशिया का हमला
i.मेक्सिको के दक्षिण-पश्चिमी प्रशांत तट पर तूफान पैट्रीशिया ने दस्तक दी है। पैट्रीशिया तूफान पांचवीं श्रेणी का तूफान है।
ii.सरकारी मौसम विभाग ने जानकारी दी कि मेक्सिको के जलिस्को राज्य के एक गांव एमिलियानो जपाटा के पास शुक्रवार शाम तूफान ने दस्तक दी। एसएनएम जांच स्टेशनों के मुताबिक, इस तूफान की अधिकतम रफ्तार 305 किलोमीटर प्रतिघंटा है।
iii.यह तूफान पूर्वोत्तर की ओर 22 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से बढ़ रहा है। पैट्रीशिया में तूफान की रफ्तार जल्द ही धीमी पड़ने की संभावना है, क्योंकि यह तूफान पहाड़ों की ओर बढ़ रहा है।

5.रतन टाटा ने सि‍लि‍कॉन वैली के स्टार्टअप अब्रा में निवेश कि‍या
i.ओला और स्नैपडील जैसी कंपनियों ने निवेश कर चुके टाटा ग्रुप के एमेरिटस चेयरमैन रतन टाटा ने अब अमेरिका में सिलिकॉन वैली स्थित स्टार्टअप अब्रा में निवेश किया है।
ii.यह डिजिटल करेंसी वाले किसी फर्म में उनका पहला निवेश है। अब्रा की स्थापना 2014 में आंत्रप्रेन्योर बिल बारहाट्ज ने की। 
iii.अब्रा ने कहा, 'टाटा और अमेरिकन एक्सप्रेस ने अब्रा में रणनीतिक निवेश किया है। यह अमेरिकन एक्सप्रेस और रतन टाटा दोनों के लिए ही क्रिप्टो करेंसी (डिजिटल करेंसी) में पहला निवेश है|

6.भारत में बुलेट ट्रेन के लिए जापान देगा एक हजार अरब का लोन 
i.जापान भारत को पहली बुलेट ट्रेन के लिए 15 बिलियन डॉलर यानि लगभग एक हजार अरब रूपये का लोन देगा। इसकी ब्याज दर एक फीसदी से भी कम होगी। 
ii. जापान को अहमदाबाद से मुंबई को जोड़ने वाली 505 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर की स्टडी के लिए चुना गया है। इस कॉरिडोर के निर्माण और सप्लाई की परियोजना के लिए निविदा निकाली जाएगी लेकिन फाइनेंस करने के प्रस्ताव से जापान इस दौड़ में सबसे आगे है।
iii.जापान ने मुंबई-अहमदाबाद प्रॉजेक्ट का 80 फीसदी खर्च उठाने का ऑफर दिया है। जापान ने शर्त रखी है कि भारत को कोच और लोकोमॉटिव्स समेत 30 फीसदी उपकरण की खरीदारी जापान से करनी होगी। 

7.1.20 लाख करोड़ में बिक जाएगी SanDisk कॉर्पोरेशन!
i.दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी फ्लैश मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनी सैनडिस्क बिकने जा रही है। इसे भारतीय मूल के कंपनी के कंपनी के को-फाउंडर संजय मेहरोत्रा ने कम्प्यूटर हार्ड डिस्क मेकर वेस्टर्न डिजिटल को 1.20 लाख करोड़ की डील में बेचने का फैसला किया है।
ii.कैलिफोर्निया बेस्ड सैनडिस्क एक फ्लैश मेमोरी चिप मेकर है। डील पूरी होने के बाद मेहरोत्रा वेस्टर्न डिजिटल के बोर्ड में शामिल हो सकते हैं। इस कंपनी में 8600 लोग काम करते हैं। इसका मार्केट कैप करीब 15 बिलियन डॉलर का है। 
iii.58 साल के मेहरोत्रा फिलहाल सैनडिस्क के प्रेसिडेंट और सीईओ हैं। उन्होंने 1988 में यह कंपनी बनाई थी। वह 2010 से कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में हैं।

8.पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप का आगाज़ आज 
i.साउथ एशिया के पहले वर्ल्ड कप का आगाज 24 अक्टूबर को होगा| जिला कांगड़ा की बिलिंग घटी में इसका शुभारंभ केन्द्रीय मंत्री अशोक गजपति राजू फ्लैग ऑफ़ करके करेंगे|
ii.जिगर वालों के इस खेल के लिए घाटी में दुनिया भर के 35 देशों के 130 पायलट पहुंच चुके हैं। वर्ल्ड के टॉप टेन पायलटों पर सबकी नजर रहेगी। नंबर वन पायलट फ्रांस के जुलियन के अतिरिक्त सलोवानिया के विदिक तथा जर्मनी के टोरस्टन दूसरे नंबर के खिलाड़ी हैं। 
iii.तीसरे स्थान पर जूरजी तथा चौथे स्थान के खिलाड़ी रिटज हैं। सितंबर 2011 से फरवरी 2012 तक पहले स्थान पर रहे जर्मनी के एंड्रयू तथा टर्की सुपर कप के विजेता तथा वर्तमान में आठवें स्थान के मेक्सिन (फ्रांस) प्रतियोगिता में भाग लेने की तैयारी में हैं। 
iv.भारत के आठ पायलटों में से मनाली के अजय कुमार और पंजाब के गुरप्रीत ढींडसा से खासी उम्मीद है। 14 महिला प्रतिभागियों में से बीड़ में 2013 में हुए प्री वर्ल्ड कप की विजेता पोलैंड की कलाउडिया दुनिया की नंबर वन महिला पायलट हैं। प्रदेश पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के निदेशक अनुराग शर्मा ने बताया कि शुक्रवार शाम तक समस्त पायलटों के दस्तावेज जमा होने की उम्मीद है।  

Saturday, 24 October 2015

जानें विकास बैंकों के बारें में!!!

प्रिय पाठक,
इस पोस्ट में हम आपको विकास बैंकों के बारें में बता रहे हैं| जो आपकी आगामी परीक्षाओं व साक्षात्कारों में सहायता करेगा| आशा करते हैं आपको यह पोस्ट पसंद आएगी| 

सर्वप्रथम हम जानते हैं विकास बैंक कौन-कौन से हैं:-
1.नाबार्ड
2.एक्सिम बैंक
3.राष्ट्रीय आवास बैंक
4.भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक
5.विश्व बैंक
6.एशियाई विकास बैंक
7.अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
8.न्यू डेवलपमेंट बैंक,
9.गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां

1.राष्ट्रीय कृषि एवं विकास बैंक (NABARD): नाबार्ड की स्थापना 'नाबार्ड अधिनियम 1981' के तहत एवं 'शिवरामन समिति' की सिफारिशें के आधार पर 12 जुलाई, 1982 को शीर्ष विकास बैंक के रूप में एवं कृषि, लघु उद्योग, कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग, दस्तकारी एवं अन्य ग्रामीण शिल्प को बढ़ाने तथा इन क्षेत्रों में ऋण प्रवाह को सुनिश्चित करने के अधिदेश के साथ की गई| इसकी स्थापना 100 करोड़ की प्रारम्भिक प्रदत्त पूँजी के साथ की गई| भारत सरकार द्वारा नाबार्ड की अधिकृत पूँजी को रुपए 20,000 करोड़ तक बढ़ाया गया है और समस्त पूँजी भारत सरकार द्वारा प्रदत्त की जाएगी|
कार्य:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण देने वाली संस्थाओं को वित्त उपलब्ध कराना| 
  • ग्राहक बैंकों का मूल्याकन, निगरानी एवं पर्यवेक्षन|
  • ग्रामीण विकास हेतु सरकार, रिजर्व बैंक एवं अन्य संस्थानों को सहयोग देना|
  • सहकारी बैंकों एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के नियामक के रूप में कार्य करना|
  • ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में कार्यरत बैंकों, सहकारी समितियों एवं अन्य संस्थानों को प्रशिक्षण देना एवं अनुसंधानो में सहायता करना है|    


2.भारतीय निर्यात-आयात बैंक (Exim Bank): आयात - निर्यात ब्कांक को सन 1982 में भारतीय आयात-निर्यात बैंक अधिनियम 1981 के अंतर्गत भारत के निर्यात को बढ़ावा देने वाली विकास बैंक के रूपों में स्थापित किया गया था|यह देश की प्रमुख निर्यात वित्त संस्था है भारत सरकार ने इस संस्था की स्थापना मात्र भारत से निर्यात को बढ़ाने के अधिदेश के लिए ही नहीं की थी, परन्तु देश के विदेश व्यार एवं निवेश द्वारा सम्पूर्ण आर्थिक विकास में गति लाने हेतु की थी| बैंक का मुख्य उद्देश्य आयातकों एवं निर्यातकों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है एवं यह देश के विदेश व्यापार को बढ़ाने हेतु कार्य करने वाली संस्थाओं, जो माल एवं सेवाओं के आयात एवं निर्यात के लिए वित्त उपलब्ध कराती हैं के कार्य करने के तरीकों के समन्वय करने के लिए प्रमुख वित्तीय संस्थान है एक्सिम बैंक का प्रधान कार्यलय मुंबई में स्थति है एवं इस भारत एवं विदेशों में 17 कार्यालयों का समूह कार्यरत है|

3.राष्ट्रीय आवास बैंक (National Housing Bank-NHB): आवास वित्त की शीर्ष विकास संस्था के रूप में इसको स्थापना NHB अधिनियम 1987 के अंतर्गत 9 जुलाई को हुई थी एवं नै दिल्ली इसका प्रधान कार्यालय बनाया गया था| गृह वित्त के लिए कार्यरत संस्थाओं के विकास हेतु एवं इन संस्थाओं को वित्तीय एवं अन्य सहयोग प्रदान करने के मुख्य उद्देश्य के लिए एक प्रधान संस्था के रूप में इस बैंक स्थापना हुई थी| NHB अपने कोष बांध पत्र एवं ऋण पत्रों के द्वारा, अल्प अवधि ऋणों के रूप में रिजर्व बैंक से उधार, दीर्घकालीन परिचालनों के लिए भारत सरकार या अन अधिरित संस्थाओं से उधार के रूप में एकत्रित करता है|

4.भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI): सिडबी अधिनियम 1988 के प्रावधानों के अंतर्गत इसकी स्थान IDBI की सहायक संस्था के रूप में दिनांक 2 अप्रैल, 1990 को हुई थी| इसका प्रधान कार्यालय लखनऊ में है एवं इसकी शकाहएं समस्य भारत में स्थित है| इसके द्वारा लघु उद्योगों से सम्बंधित व्यापर जैसे राष्ट्रीय इक्विटी योजना एवं लघु उद्योग विकास कोष का कार्य IDBI से अपने हाथ में ले लिया गया था| सिडबी की स्थापना का उद्देश्य लघु उद्योग एवं अत्यंत छोटे उद्योगों की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु वर्तमान संस्थानिक व्यवस्थाओं को विस्तृत एवं सुदृढ़ करना है|
1.1800 साल बाद अमरावती फिर बनेगी राजधानी
i.कृष्‍णा नदी के तट पर बसा गांव उदनदरायुनिपलेम गांव गुरुवार को उस समय एक बड़े क्षण का गवाह बना जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यहां विभाजित आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती की आधारशिला रखी गई।
ii.इस महत्‍वपूर्ण आयोजन में सिंगापुर और जापान के मंत्रियों, 14 देशों के राजदूतों, केंद्रीय मंत्रियों, शीर्ष राजनेताओं, उद्यमियों और सेलेब्रिटीज सहित चार लाख से अधिक लोगों ने हिस्‍सा लिया।
iii.कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख राजनेताओं में केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू, अशोक गजपति राजू, निर्मला सीतारमण, आंध्रप्रदेश तथा तेलंगाना के राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू तथा तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव सहित शामिल थे।
iv.हिन्दू किवदंतियों के अनुसार गुंटूर जिले में स्थित अमरावती एक समय देवताओं के राजा इंद्र की राजधानी थी। 1800 साल पहले सातवाहन शासकों के काल में अमरावती सत्ता का केंद्र था।
2.महिला आयोग में पहली बार पुरुष अधिकारी की नियुक्ति
i.राष्ट्रीय महिला आयोग में इस बार एक पुरुष अधिकारी को नियुक्त किया गया है। पूर्व जल संसाधन सचिव आलोक रावत को आयोग का चौथा सदस्य बनाया गया है। यह पहला मौका है, जब पांच सदस्यों वाले आयोग में किसी पुरुष अधिकारी को शामिल किया गया है। 
ii.उन्होंने कहा कि महिला आयोग में काम करना मेरे लिए नया अनुभव होगा। मैं सबसे पहले अपने काम को समझने की कोशिश करूंगा, क्योंकि महिलाओं का मामला विकास के एजेंडे से थोड़ा अलग होता है। 
iii.इससे पहले अगस्त में सुषमा साहु और रेखा शर्मा को आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया था।
3.गोल्ड डिपॉजिट स्कीम पर ब्याज दरें तय करने को बैंक स्वतंत्र
i.रिजर्व बैंक ने गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। ये बैंकों को गोल्ड डिपॉजिट पर अपनी ब्याज दरें तय करने की अनुमति देते हैं। इस संबंध में केंद्रीय बैंक की अधिसूचना ऐसे समय जारी हुई है जब पांच नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्कीम की औपचारिक शुरुआत करेंगे।
ii.गोल्ड डिपॉजिट स्कीम को शुरू करने का मकसद मंदिरों और घरों की तिजोरियों में बंद करीब 20 हजार टन सोने को बाजार में लाना है। दिशानिर्देशों के अनुसार ऐसे डिपॉजिट पर बैंक ब्याज दर तय करने के लिए स्वतंत्र होंगे। डिपॉजिट का मूल और ब्याज सोने में नामित होगा।
4.पीएम मोदी ने मोबाइल विनिर्माण केंद्र की आधारशिला रखी
i.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री वेंकटेश्वर मोबाइल एवं इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण केंद्र की आधारशिला रखी है। यह देश का पहला मोबाइल विनिर्माण इलेक्ट्रानिक संकुल है। 
ii.इस मौके पर राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन, केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू, अशोक गजपति राजू और निर्मला सीतारमन, तथा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू मौजूद थे। 
iii.इंडियन सेल्यूलर एसोसिएशन ने पूर्व में एक बयान में कहा था कि इस केंद्र से एक साल के भीतर 10,000 रोजगार सृजित होने का अनुमान है और पूरे देश में 2019 तक 15 लाख रोजगार के लक्ष्य में इसका कम-से-कम पांच प्रतिशत का योगदान होगा। 
iii.विज्ञप्ति के अनुसार फाक्सकॉन पहले ही आंध्र प्रदेश में शिओमी और जियोनी जैसे ब्रांडों के विनिर्माण के लिये परिचालन शुरू कर दिया है। माइक्रोमैक्स, यूटीएल (कार्बन) तथा सेलकोन जैसे अन्य महत्वपूर्ण ब्रांड जल्दी ही अपना विनिर्माण शुरू करेंगे।

5.शहरी विकास मंत्रालय ने 89 नगरों में अमरुत परियोजनाओं के पहले समूह को मंजूरी दी
i.शहरी विकास मंत्रालय ने पुनरोद्धार एवं शहरी रूपांतरण के लिए अटल मिशन (अमरुत) के तहत 89 नगरों में राज्य स्तरीय कार्य योजनाओं के पहले समूह को मंजूरी प्रदान की है| 
ii.इस परियोजना का उद्देश्य नियमों के अनुसार जल आपूर्ति सुनिश्चित करना तथा सभी शहरी परिवारों को जलापूर्ति एवं सीवरेज कनेक्शन मुहैया कराना है|
iii.शहरी विकास सचिव मधुसूदन प्रसाद की अध्यक्षता में अमरुत की एक अंतः मंत्री स्तरीय शीर्ष समिति ने आंध्र प्रदेश, गुजरात एवं राजस्थान राज्यों के 89 नगरों के लिए 2,786 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी|
iv.पहली बार शहरी विकास मंत्रालय द्वारा राज्य स्तरीय योजनाओँ को मंजूरी दी गयी है|
6.प्रख्यात समुद्री जीवविज्ञानी सैयद ज़हूर कासिम का निधन
i.प्रख्यात समुद्री जीवविज्ञानी सैयद ज़हूर कासिम का नई दिल्ली में निधन हो गया है| वे 88 वर्ष के थे|
ii.वे भारत में पोलर बायोलॉजी के संस्थापक के रूप में प्रसिद्ध थे| वे भारत की ओर से वर्ष 1981-82 में अंटार्कटिक के पहले अभियान के सदस्य भी रहे थे|
iii.वे वर्ष 1991-96 तक योजना आयोग के सदस्य भी थे तथा नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में उप-कुलपति पद पर भी रह चुके हैं|
iv.उन्हें भारत सरकार की ओर से पद्म श्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित किया गया तथा वर्ष 2008 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया|


7.महाराष्ट्र और गुजरात नौसेना दो अलग मुख्यालयों में विभक्त
i.सुरक्षा मंत्रालय द्वारा महाराष्ट्र और गुजरात नौसेना क्षेत्रों को दो अलग-अलग मुख्यालयों में विभक्त कर दिया गया है| इसे फ्लैग ऑफिसर महाराष्ट्र क्षेत्र और फ्लैग ऑफिसर गुजरात नौसेना क्षेत्र में विभाजित किया गया है|
ii.संगठन के संचालन और प्रशासनिक संरचना को बढ़ाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया|
फ्लैग ऑफिसर महाराष्ट्र का प्रभारी रियर एडमिरल मुरलीधर सदाशिव पवार के स्थान पर रियर एडमिरल सतीश नामदेव घोरमडे को बनाया गया| रियर एडमिरल मुरलीधर सदाशिव पवार अब फ्लैग ऑफिसर गुजरात नौसेना क्षेत्र का कार्य देखेंगे|
iii.इस अवधि के दौरान उन्होंने,परिचालन और कर्मचारी नियुक्ति जैसे दायित्वपूर्ण कार्यों का निर्वाह किया है|

iv.उनके परिचालन सम्बन्धी कार्यों में गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट, आईएनएस ब्रह्मपुत्र, पनडुब्बी बचाव पोत, आईएनएस निरीक्षक और माइनस्वीपर आईएनएस एलेपी का निर्देशन मुख्य है|

8.बॉलीवुड के पंजाबी गायक लभ जंजुआ का निधन
i.बॉलीवुड के गायक एवं गीतकार लभ जंजुआ मुंबई स्थित गोरेगांव में अपने घर में मृत पाए गये| वे 56 वर्ष के थे|
ii.लभ जंजुआ ने फिल्म 'क्वीन' का सुपरहिट गाना 'लंदन ठुमकदा' गाया था| इसके अतिरिक्त उन्होंने फिल्म 'सिंग इज ब्लिंग' का प्रसिद्ध गीत 'दिल करे चूं चैं चूं चैं चैं' भी गाया था|
iii.जंजुआ बॉ़लीवुड की कई फिल्मों जैसे की 'देव डी', 'बैंड बाजा बारात', 'गर्म मसाला', और 'पार्टनर' के लिए भी गा चुके थे|

Friday, 23 October 2015

पूंजी बाजार क्या है?

पूंजी बाजार भारतीय वित्‍तीय प्रणाली का सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण खण्‍ड है। यह कंपनियों को उपलब्‍ध एक ऐसा बाजार है जो उनकी दीर्घावधिक निधियों की जरुरतों को पूरा करता है। यह निधियां उधार लेने और उधार देने की सभी सुविधाओं और संस्‍थागत व्‍यवस्‍थाओं से संबंधित है। अन्‍य शब्‍दों में, यह दीर्घावधि निवेश करने के प्रयोजनों के लिए मुद्रा पूंजी जुटाने के कार्य से जुड़ा है। 

इस बाजार में कई व्‍यक्ति और संस्‍थाएं (सरकार सहित) शामिल हैं जो दीर्घावधि पूंजी की मांग और आपूर्ति को सारणीबद्ध करते हैं और उसकी मांग करते हैं। दीर्घावधि पूंजी की मांग मुख्‍य रूप से निजी क्षेत्र विनिर्माण उद्योगों, कृषि क्षेत्र, व्‍यापार और सरकारी एजेंसियों की तरफ से होती है। जबकि पूंजी बाजार के लिए निधियों की आपूर्ति अधिकतर व्‍यक्तिगत और कॉर्पोरेट बचतों, बैंकों, बीमा कंपनियां, विशिष्‍ट वित्‍त पोषण एजेंसियों और सरकार के अधिशेषों से होती है।
भारतीय पूंजी बाजार स्‍थूल रूप से गिल्‍ट एज्‍ड बाजार और औद्योगिक प्रतिभूति बाजार में विभाजित है -
  • उत्‍कृष्‍ट बाजार सरकार और अर्द्ध-सरकारी प्रतिभूतियों से संबंधित है जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का समर्थन प्राप्‍त है। सरकारी प्रतिभूतियां सरकार द्वारा जारी की गई बिक्री योग्‍य ऋण लिखते हैं, जो इसकी वित्‍तीय जरुरतों को पूरा करती हैं। 'उत्‍कृष्‍ट' शब्‍द का अर्थ है 'सर्वोत्‍तम क्‍वालिटी'। इसी कारण सरकारी प्रतिभूतियों को बाकीदारी का कोई जोखिम नहीं उठाना पड़ता और इनसे काफी मात्रा में नकदी प्राप्‍त होती है (क्‍योंकि इसे बाजार में चालू मूल्‍यों पर बड़ी आसानी से बेचा जा सकता है।) भारतीय रिजर्व बैंक के खुले बाजार संचालन की ऐसी प्रतिभूतियों में किए जाते हैं। 
  • औद्योगिक प्रतिभूति बाजार ऐसा बाजार है जो कंपनियों की इक्विटियों और ऋण-पत्रों (डिबेंचरों) का लेन-देन करता है। इसे आगे प्राथमिक बाजार और द्वितीयक बाजार में विभाजित किया गया है।
  • प्राथमिक बाजार (नया निर्गम बाजार):- यह बाजार नई प्रतिभूतियों अर्थात् ऐसी प्रतिभूतियां जो पहले उपलब्‍ध नहीं थी और निवेश करने वाली जनता को पहली बार पेश की गई हैं, का लेन-देन करता है। यह बाजार शेयरों और डिबेचरों के रूप में नए सिरे से पूंजी जुटाने के लिए है। यह निर्गमकर्ता कंपनी को नया उद्यम शुरू करने अथवा मौजूदा उद्यम का विस्‍तार करने अथवा उसमें विविधता लाने के लिए अतिरिक्‍त धनराशि प्रदान करता है, और इस प्रकार कंपनी के वित्‍त पोषण में इसका योगदान प्रत्‍यक्ष है। कंपनियों द्वारा नई पेशकश या तो प्रारम्भिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) अथवा राइट्स इश्‍यु के रूप में की जाती हैं।
  • द्वितीयक बाजार/शेयर बाजार (पुराना निर्गम बाजार अथवा शेयर बाजार):- यह वर्तमान कंपनियों की प्रतिभूतियों की खरीद और बिक्री का बाजार है। इसके तहत प्रतिभूतियों का लेन-देन प्राथमिक बाजार में जनता को पहले इनकी पेशकश करने और/अथवा शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने के बाद ही किया जाता है। यह एक संवेदी बेरोमीटर है और विभिन्‍न प्रतिभूतियों के मूल्‍यों में उतार-चढ़ाव के माध्‍यम से अर्थव्‍यवस्‍था की प्रवृत्तियों को परिलक्षित करता है। इसे ''व्‍यक्तियों को एक निकाय, चाहे निगमित हो अथवा नहीं, जो प्रतिभूतियों की खरीद बिक्री और लेन-देन के व्‍यवसाय में सहायता देना, उसे विनियमित अथवा नियमित करने के लिए गठित किया गया है'' के रूप में परिभाषित किया गया है। शेयर बाजार में सूचीबद्धता शेयर धारकों को शेयर की कीमतों में घट-बढ़ की कारगार ढंग से निगरानी करने में समर्थ बनाती है। इससे उन्‍हें इस संबंध में विवकेपूर्ण निर्णय लेने में मदद मिलती है कि क्‍या वे अपनी धारिताओं को बनाए रखें अथवा बेच दे अथवा आगे और भी संचित कर लें। लेकिन शेयर बाजार प्रतिभूतियों को सूचीबद्ध कराने के लिए निर्गमकर्ता कंपनियों को कई निर्धारित मानदण्‍डों और प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।
विनियामक ढांचा
भारत में, पूंजी बाजार आर्थिक कार्य विभाग वित्‍त मंत्रालय के पूंजी बाजार प्रभाग द्वारा विनियमित किया जाता है। यह प्रभाग प्रतिभूति बाजरों (अर्थात् शेयर, ऋण और व्‍युत्‍पन्‍न) की सुव्‍यवस्थित संबृद्धि और विकास और साथ ही साथ निवेशकों के हितों की सुरक्षा से संबंधित नीतियां तैयार करने के लिए जिम्‍मेदार है। विशेष रूप से , यह निम्‍नलिखित के लिए जिम्‍मेदार है (i) प्रतिभूति बाजारों में संस्‍थागत सुधार, (ii) विनियामक और बाजार संस्‍थाओं की स्‍थापना, (iii) निवेशक सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाना,और (iv) प्रतिभूति बाजारों के लिए सक्षम विधायी ढांचा प्रदान करना, जैसे कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (सेबी अधिनियम 1992); प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956; और निक्षेपागार (डिपाजिटरी) अधिनियम, 1996.यह प्रभाग इन विधानों और इनके तहत बनाए गए नियमों की प्रशासित करता है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) एक विनियामक प्राधिकरण है जिसकी स्‍थापना प्रतिभूतियों में निवेशकों के हितों की सुरक्षा करने एवं पूंजी बाजार के विकास को बढ़ावा देने के लिए सेबी अधिनियम, 1992 के अधीन की गई थी। इसके कार्यों में शेयर बाजारों के व्‍यापार को विनियमित करना; शेयर दलालों, शेयर हस्‍तांतरण एजेंटों, व्‍यापारी बैंकरों, हामीदारों आदि का निरीक्षण करना; तथा प्रतिभूति बाजारों की अनुचित व्‍यापार प्रणालियों का निषेध करना शामिल है। सेबी के निम्‍नलिखित विभाग द्वितीयक बाजार के कार्यकलापों की निगरानी करते हैं:-
  • बाजार मध्‍यवर्ती पंजीकरण एवं पर्यवेक्षण (एम आई आर एस डी) बाजारों के सभी खण्‍डों जैसे कि इक्विटी, इक्विटी व्‍युत्‍पन्‍नों, ऋण और ऋण से संबंधित व्‍युत्‍पन्‍नों के संबंध में सभी बाजार मध्‍यवर्तियों के पंजीकरण, पर्यवेक्षण, अनुपालना निगरानी और निरीक्षण से संबंधित हैं। 
  • बाजार विनियमन विभाग (एन आर डी) यह नई नीतियां तैयार करने, प्रतिभूति बाजारों, उनके सहायक बाजारों और बाजार संस्‍थाओं जैसे कि समशोधन और निपटान संगठन और निक्षेपागार की कार्यप्रणाली और संचालनों (व्‍युत्‍पन्‍नों से संबंधित संचालनों को छोड़कर) को निरीक्षण से संबंधित है।
  • व्‍युत्‍पन्‍न और नए उत्‍पाद विभाग (डी एन पी डी) यह विभाग शेयर बाजारों के व्‍युत्‍पन्‍न खंडों में लेन-देन का निरीक्षण करने, लेन-देन किए जाने वाले नए उत्‍पादों को शुरू करने और परिणामी नीतिगत परिवर्तन करने के कार्य से संबंधित है। 
नीतिगत उपाय और पहलें
पूंजी बाजार के प्राथमिक और द्वितीयक खंडों में वित्‍तीय और विनियामक सुधार करने के लिए सरकार ने, समय-समय पर, कई पहलें शुरू की हैं। मुख्‍य तौर पर इन उपायों का उद्देश्‍य देश के पूंजी बाजार में निवेशकों (घरेलू और विदेशी दोनों) का विश्‍वास कायम रखना है।
वर्ष 2006-07 के दौरान प्राथमिक बाजार में शुरू की गई नीतिगत पहलें निम्‍नलिखित हैं:-
  • सेबी ने भारत में जमाकर्ताओं को रसीदें जारी करने की इच्‍छुक कंपनियों के प्रकटीकरणों और अन्‍य संबंधित अपेक्षाओं की अधिसूचित किया है। इसे यह अधिदेश दिया गया है कि:- (i) निर्गमकर्ता अपने देश में सूचीबद्ध होना चाहिए; (ii) यह किसी भी विनियामक निकाय द्वारा वर्जित नहीं किया गया होना चाहिए; और (iii) उनका प्रतिभूति बाजार विनियमों का अनुपालन करने का अच्‍छा ट्रैक रिकॉर्ड होना चाहिए. 
  • निरन्‍तर सूचीबद्ध रहने की एक शर्त के तौर पर सूचीबद्ध कंपनियों को, जारी किए गए कुल शेयरों के 25 प्रतिशत की सार्वजनिक शेयरधारिता न्‍यूनतम स्‍तर पर बनाए रखना होगी। इसके कुछ अपवाद हैं:- (i) वे कंपनियां जिन्‍हें प्रतिभूति संविदा (विनियम) नियमावली, 1957 के अनुसार 10 प्रतिशत से अधिक लेकिन 25 प्रतिशत से कम का स्‍तर बनाए रखना अपेक्षित है; और (ii) वे कंपनियां जिनके दो करोड़ अथवा इससे अधिक सूचीबद्ध शेयर और 1,000 करोड़ रुपए अथवा उससे अधिक और बाजार पूंजी है। 
  • सेबी द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्गमकर्ताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने पेशकश प्रलेख के आवरण पृष्‍ठ पर इस बात का उल्‍लेख करें कि क्‍या उन्‍होंने रेटिंग एजेंसियों से आईपीओ (आरम्भिक सार्वजनिक पेशकश) ग्रेडिंग के लिए विकल्‍प दिया है। यदि निर्गमकर्ता ग्रेडिंग का विकल्‍प देते हैं तो उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे विवरण पत्रिका में अस्‍वीकृत ग्रेडों सहित ग्रेडों का प्रकटीकरण करें। 
  • सेबी ने निधियां जुटाने की एक त्‍वरित और किफायती प्रणाली जिसे पात्र संस्‍थागत नियोजन (क्‍युआईपी)कहा जाता है, की सुविधा प्रदान की है, जिसमें भारतीय प्रतिभूति बाजार से प्रतिभूतियों के निजी नियोजन अथवा पात्र संस्‍थागत विक्रेता के परिवर्तनीय बॉण्‍डों के जरिए निधियां जुटाई जाती हैं। 
  • सेबी ने यह विनिर्दिष्‍ट किया है कि आरम्भिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) करने वाली गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के निर्गम-पूर्व शेयरों पर लॉक इन अवधि' न होने के लाभ को, जो इस समय उद्यम पूंजी निधियों (वीसीएफ)/विदेशी उद्यम पूंजी निवेशकों (एफवीसीआई) द्वारा धारित शेयरों के लिए उपलब्‍ध हैं, निम्‍नलिखित तक सीमित कर दिया जाएगा:- (i) सेबी को प्रारूप विवरणिका प्रस्‍तुत करने की तारीख को सेबी में कम से कम एक वर्ष से पंजीकृत वीसीएफ अथवा एफवीसीआई के द्वारा धारित शेयर; और (ii) सेबी में पंजीकृत वीसीएफ/एफवीसीआई को सेबी में प्रारूप विवरणिका प्रस्‍तुत करने की तारीख से पूर्व एक वर्ष की अवधि के दौरान परिवर्तनीय लिखतों के रूपातंरण पर जारी शेयर। 
  • सेबी ने, प्रतिभूतियों के निर्गम की आयोजना करने वाली कंपनियों द्वारा निर्गम-पूर्व प्रचार को नियंत्रित करने के लिए प्रकटीकरण और निवेशक सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशोंमें संशोधन करके निर्गम पूर्व प्रचार पर प्रतिबंध को लागू किया है। प्रतिबंधों में, अन्‍य बातों के साथ-साथ निर्गमकर्ता कंपनी से यह अपेक्षा की जाती है कि वह इस बात को सुनिश्चित करे कि इसका प्रचार विगत प्रणालियों के सुसंगत है, उसमें कोई ऐसे पूर्वानुमान/ अनुमान/सूचना निहित नहीं है जो सेबी में प्रस्‍तुत किए गए पेशकश प्रलेख से अलग हो।
इसी प्रकार वर्ष 2006-07 के दौरान द्वितीयक बाजार में शुरू की गई नीतिगत पहले निम्नलिखित हैं:-
  • वर्ष 2005 से नकदी बाजार के टी+2 चल निपटान परिदृश्‍य में लागू व्‍यापक जोखिम प्रबंधन प्रणाली के भ्रम में, शेयर बाजारों को सलाह दी गई है कि वे व्‍यापार शुरू करने के पिछले दिवस के समापन मूल्‍य और प्रात: 11 बजे, दोपहर 12.30 बजे, 2.00 बजे के मूल्‍यों और व्‍यापारी सत्र की समाप्ति पर मूल्‍य को हिसाब में लेते हुए, लागू जोखिम पर मूल्‍य ( वीएआर) के मार्जिन को एक दिन में कम से कम 5 बार अद्यतन करें। ऐसा, जोखिम प्रबंधन ढांचे को नकदी और व्‍युत्‍पन्‍न बाजारों के साथ जोड़ने के लिए किया गया है। 
  • अपने ग्राहक को पहचानेंसंबंधी मानदंडों को सुदृढ़ बनाने और प्रतिभूति बाजार में लेन-देन की एक ठोस लेखा-परीक्षा प्रणाली स्‍थापित करने के लिए दृष्टि से लाभानुभोगी मालिक का खाता खोलने और नकदी खंड में लेन-देन करने के लिए 1 जनवरी, 2007 से स्‍थाई लेखा संख्‍या (पैन) को अनिवार्य बना दिया गया है। 
  • सेबी ने, कॉर्पोरेट बाण्‍डों के लेन-देन के लिए एक सम्मिलित मंच का निर्माण करने के प्रस्‍ताव को कार्यान्वित करने की दृष्टि से यह विनिर्दिष्‍ट किया है कि बीएसई लिमिटेड कॉर्पोरेट बाण्‍ड सूचना मंच की स्‍थापना करेगा और उसका रखरखाव करेगा। सभी संस्‍थाओं जैसे कि बैंकों, सरकारी क्षेत्र उद्यमों, नगर निगमों, निगमित (कॉर्पोरेट) निकायों और कंपनियों द्वारा जारी की गई सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों के सभी लेन-देन की सूचना दी जाएगी। 
  • भारतीय प्रतिभूति बाजार की आधारभूत ढांचा कंपनियों में विदेशी निवेश संबंधी भारत सरकार की नीति के अनुरूप शेयर बाजारों, निक्षेपगार और समाशोधन निगमों में विदेशी निवेश की सीमाएं इस प्रकार विनिर्दिष्‍ट की गई है:- (i) इन कंपनियों में 26 प्रतिशत की पृथक विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश (एफडीआई) सीमा और 23 प्रतिशत विदेशी संस्‍थागत निवेश (एफआईआई) सीमा के साथ 49 प्रतिशत तक विदेशी निवेश की अनुमति दी जाएगी। (ii) एफडीआई की अनुमति विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) के विशेष पूर्वानुमोदन पर दी जाएगी; (iii) एफडीआई की अनुमति केवल द्वितीयक बाजार में खरीदों के माध्‍यम से दी जाएगी; और (iv) एफआईआई निदेशक मंडल में प्रतिनिधित्‍व की मांग नहीं करेगा और न ही उसे प्रतिनिधित्‍व प्राप्‍त होगा। 
  • एफआईआई निवेश के आवेदन की प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है और एचआईआई के तहत निवेश की नई श्रेणियों (बीमा और पुनर्बीमा कंपनियां, विदेशी सेंट्रल बैंक, निवेश प्रबंधक, अंतरराष्‍ट्रीय संगठन) को शामिल किया गया है। 
  • म्‍युचुअल फंडों की प्रारम्भिक निर्गम खर्च और लाभांश वितरण प्रक्रिया को युक्तिसंगत कर दिया गया है। 
  • म्‍युचुअल फंडों को स्‍वर्ण विनिमय व्‍यापारिक निधियां लागू करने की अनुमति दी गई है। 
  • सरकारी प्रतिभूति बाजार में, भारतीय रिजर्व बैंक ने राजकोषीय उत्‍तरदायित्‍व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम (एचआरबीएम)के उपबंधो के अनुसार केंद्र सरकार नके प्राथमिक निर्गमों में भाग लेना छोड़ दिया है। 
  • विदेशी संस्‍थागत निवेशकों को प्रतिभूति प्राप्तियों में निवेश की अनुमति दी गई है।
इस प्रकार, पूंजी बाजार देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में एक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है जैसा कि यह वास्‍तविक बचतों की मात्रा बढ़ाता है; निवेश की जाने योग्‍य निधियों का आबंटन बढ़ाकर निवेशों की क्षमता को बढ़ाता है; और अर्थव्‍यवस्‍था में पूंजी की लागत को कम करता है।

Thursday, 22 October 2015

डीमैट अकाउंट क्या है

डीमैट अकाउंट  क्या है 

डीमैट वो अकाउंट है जिसके द्वारा या शेयर बाजार में खरीदफरोख्त की जाती हैं, इसे खुलवाने के लिए पैन कार्ड होना जरुरी होता है, इसे आपके बैंक खाते से जोड़ दिया जाता है|

कुछ साल पहले तक अगर आप किसी कंपनी का शेयर ख़रीदते थे तो वह आप को उस के कागज़ भेजती थी जो इस बात का सबूत होते थे कि आपने उस कंपनी के शेयर ख़रीदे हैं और जब आप उस कपंनी के शेयर बेच देते थे तो वह कागज़ आप कंपनी के दफ्तर भेज देते थे फिर कंपनी यह देखती थी कि जब आप ने शेयर बेचे तो शेयर का क्या भाव था फिर आप को वह पैसे देती थी-जिस में बहुत वक़्त लगता है|

अब सब कंप्यूटर की मदद से होता है, आपने जैसे ही शेयर खरीदा वह आपके अकाउंट में कुछ देर में ही आजायेगा और जैसे ही आप ने शेयर बेचा आपका पैसा आपके बैंक अकाउंट में भेज दिया जाएगा|

कितना खर्च आएगा?

अकाउंट खुलवाने का खर्च 300-700 रुपए के बीच होता है।

क्या एक से ज्यादा डीमैट अकाउंट रख सकते हैं?

आप एक साथ कई डीमैट अकाउंट रख सकते हैं। लेकिन एक कंपनी में आप अधिकतम तीन अकाउंट खुलवा सकते हैं।

कौन खोलता है डीमैट अकाउंट?

भारत में इन दो संस्थाओं पर डीमैट अकाउंट खोलने की जिम्मेदारी है ?

नेशनल सेक्योरिटीज डिपोज्रिटी लिमिटेड (एनएसडीएल) एवं सेंट्रल डिपोज्रिटी सर्विसेज लिमिलटेड (सीएसडीएल)।

इन डिपोज्रिटीज के करीब 500 से ज्यादा एजेंट हैं जिन्हें डिपोज्रिटी पार्टिसिपेंट्स (डीपी) कहा जाता है। यह जरूरी नहीं है कि डीपी कोई बैंक ही हो। दूसरी वित्तीय संस्थाएं (जैसे शेयर खान, रिलायंस मनी, इंडिया इनफोलाईन आदि) के पास भी डी-मैट अकाउंट खोला जा सकता है।

यह जानना जरूरी है कि जो व्यक्ति खुद शेयर खरीदते-बेचते नहीं हैं उनके ब्रोकर प्रतिनिधि के रूप में खाते का इस्तेमाल कर सकते हैं इन ब्रोकर्स को आप के शेयर ख़रीदने या बेचने पर कुछ फीस मिलती है - कई बार कुछ ब्रोकर इस मुनाफे के लिए आप से बिना पूछे आपका शेयर बेच देते है इसलिए आप अपना ब्रोकर चुनते वक्त सावधानी रखे और अगर आप और आप के ब्रोकर में किसी बात पर लड़ाई है तो आप इस की शिकायत सेबी में कर सकते हैं|

डी-मैट खाता खुलवाने वाले व्यक्ति से डीपी कई तरह के फीस वसूलता है। यह फीस कंपनी दर कंपनी अलग हो सकती है।

अकाउंट ओपनिंग फीस खात खुलवाने के लिए वसूला जाने वाला फीस। कुछ कंपनियां (जैसे आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, यूटीआई आदि) यह फीस नहीं लेती है। जबकि कुछ (एसबीआई और कार्वी कंसलटेंट्स आदि) इसे वसूलती हैं। वैसे कुछ कंपनियां इसे रिफंडेबल (खाता बंद कराने पर लौटा देती हैं) भी रखती हैं।

एनुअल मेंटेनेंस फीस सालाना फीस जिसे फोलियो मेंटेनेंस चार्ज भी कहते हैं। आमतौर पर कंपनी यह फीस साल के शुरुआत में ही ले लेती है।

कसटोडियन फीस कंपनी इसे हर महीने ले सकती है या फिर एक बारी में ही। यह फीस आपके शेयरों की संख्या पर निर्भर करता है।

ट्रांजेक्शन फीस डीपी चाहे तो इसे हर ट्रांजेक्शन पर चार्ज कर सकता है या फिर चाहे तो ट्रेडिंग की राशि पर (न्यूनतम फीस तय कर)।

इनके अलावा कंपनी

री-मैट,

डी-मैट,

प्लेज चार्जेज,

फील्ड इंस्ट्रक्शन चार्जेज आदि भी वसूल सकती हैं

मन में एक और प्रश्न उठता है कि क्या आप एक डीमैट अकाउंट बंद कर किसी और ब्रोकर के पास नया डीमैट अकाउंट अकाउंट खुलवा सकते है?

इसका उत्तर हां| यह किया जा सकता है अगर आप को लगता है आप का ब्रोकर आप से ज्यादा चार्ज ले रहा है तो आप उस के पास अपना अकाउंट बंद कर नया अकाउंट खुलवा सकते है या आप का ट्रांसफर कहीं हो गया है जहां आप का ब्रोकर आप को अपनी सुविधा नहीं दे पा रहा तब भी आप ऐसा कर सकते है, यह आप पर निर्भर है आप ऐसा क्यों करना चाहते हैं।

क्या आप एक डीमैट अकाउंट किसी और के नाम कर सकते है ?

नहीं, आप एक डीमैट अकाउंट किसी और के नाम नहीं कर सकते है पर आप उसमें के शेयर किसी और व्यक्ति को दे सकते है या उस के अकाउंट में ट्रान्सफर कर सकते है पर इस के लिए उस व्यक्ति का डीमैट अकाउंट होना जरुरी है|

क्या आप का जॉइंट डीमैट अकाउंट खोला जा सकता है ?

जी हां,

शेयर कितने प्रकार के होते है ?

कॉमन शेयर – इन्हें कोई भी व्यक्ति खरीद सकता है|

राइट्स इशू या शेयर -यह उन लोगो के लिए होता है जिन के पास उस कंपनी के शेयर पहले से है, मान लें किसी कंपनी के शेयर का भाव इस वक़्त 20 रूपये है पर जिन लोगो के पास कंपनी के शेयर पहले से है वो लोग अपने हर एक शेयर के बदले एक शेयर ख़रीद सकते हैं वह भी 18 रुपये में तो इन शेयर को राइट्स इशू या शेयर कहेंगे|

बोनोस शेयर- मान लें किसी कंपनी ने इस साल अच्छा मुनाफा कमाया तो वह उस मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयर धारको में बाँटन चाहती है, पर वह उन्हें उस के बदले पैसा नहीं देना चाहती तो वह उतने पैसे के कुछ और शेयर उस आदमी को दे देगी| कई बार कंपनी यह शेयर धारको पर छोड़ देती है या तो वह पैसा ले ले या शेयर।

अगर आप ने पैसा लिया है तो उस बोनोस या डिविडेंड कहा जायेगा|


प्रिफर्ड शेयर- यह वह शेयर होता है जो कंपनी कुछ खास लोगो के लिए लाती है ,मान ले कोई कंपनी को पैसे की जरुरत है और वह मार्किट से कुछ पैसा जुटाना चाहती है तो वह जो शेयर जारी करेगी वह उन्हें खरीदने का पहला अधिकार कुछ खास लोगो को देंगे ,यह मान लें कि यहां  वह लोग उस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी है ,तो केवल उस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी ही इन शेयर को खरीद सकते है, यह बहुत ज्यादा सुरक्षित शेयर होते है अगर कंपनी डूब भी जाये तब भी उन्हें इन शेयर धारको को उनका पैसा लौटना पड़ेगा ,चाहे इस के लिए कंपनी को अपनी ज़मीन ,मशीन ,बिल्डिंग ही क्यों न बेचनी पड़े ,पर दूसरे शेयर में ऐसा नहीं होता|

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