Thursday, 22 October 2015

1.बैंक ऑफ़ बड़ोदा चिल्लर एप से जुड़ने वाला पहला PSU बैंक बना  
i.बैंक ऑफ बड़ौदा एचडीएफसी बैंक के बाद चिल्लर भुगतान मंच में शामिल होने वाला दूसरा बैंक बन गया है। यह मोबाइल आवेदन के माध्यम से सहकर्मी से सहकर्मी भुगतान को सक्षम बनाता है|


ii.केवल वो बैंक जो चिल्लर के साथ एकीकृत हैं वे धन प्रेषित करने के लिए एप्लीकेशन का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी बैंक के ग्राहक चिल्लर का उपयोग कर धन प्राप्त कर सकते हैं।
iii.इस एप्लिकेशन को वर्तमान में फंड ट्रांसफर के लिए एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है और शीघ्र ही आईओएस और विंडोज प्लेटफॉर्म के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

2.रिलायंस कैपिटल ने गोल्डमैन साक्श म्यूच्यूअल फंड कारोबार के अधिग्रहण की घोषणा की
i.भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी की अगुवाई वाले समूह की इकाई रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट (आरसीएएम) ने वैश्विक कंपनी गोल्डमैन साक्श के भारत में म्यूचुअल फंड कारोबार का 243 करोड़ रुपए में अधिग्रहण करने की 21 अक्टूबर 2015 को घोषणा की है|
ii.अधिग्रहण के तहत आरसीएएम 7,132 करोड़ रुपए की प्रबंधन अधीन परिसंपत्ति के साथ गोल्डमैन साक्श की सभी 12 म्यूचुअल फंड योजनाओं का अधिग्रहण करेगी| इस अधिग्रहण के साथ रिलायंस म्यूचुअल फंड सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज (सीपीएसई) एक्सचेंज ट्रेडेड फंड की एकमात्र कोष प्रबंधक बन जाएगी|
iii.इसके साथ ही आरसीएएम की मूल कंपनी रिलायंस कैपिटल के अनुसार, दोनों कंपनियों के निदेशक मंडलों ने सौदे को मंजूरी दे दी है|

3.अनूप विकाल स्नेपडील के सीएफओ नियुक्त 
i.ई-कॉमर्स की अग्रणी कंपनी स्नेपडील ने अनूप विकाल को सीएफओ के रूप में नियुक्त किया है| अनूप विकाल आकाश मूंधरा का स्थान ग्रहण करेंगे|
ii.स्नेपडील में शामिल होने से पहले विकल ऐर्सल में सीएफओ के रूप में कार्यरत थे|

4.कनाडा इलेक्शन में 19 भारतीयों ने बजाया डंका, नए PM होंगे जस्टिन
i.कनाडा के संसदीय चुनाव में लिबरल पार्टी के जस्टिन ट्रूडो ने भारी जीत हासिल की है। जस्टिन ट्रूडो कनाडा के नए प्रधानमंत्री का पद संभालेंगे। वहीं, सबसे बड़ी बात यह है कि इस चुनाव में भारतीय मूल के 19 प्रत्याशी विजयी रहे, जिनमें 17 पंजाबी मूल के है।
ii.कनाडा की संसद में इस बार भारतीय कनाडाइयों की संख्या दोगुनी हो गई है। भारतीयों में लिबरल पार्टी के 15, कंजरवेटिव पार्टी के 3 और न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के एक को जीत मिली।
iii.338 सीटों वाली संसद के लिए हुए चुनाव में लिबरल पार्टी ने 184 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल किया।
iv.43 वर्षीय जस्टिन ट्रूडो कनाडा के दूसरे सबसे कम उम्र के पीएम होंगे। जीत के बाद जस्टिन ने खुशी में एयरपोर्ट पर भांगड़ा किया।

5.के चोकलिंगम को पॉल एच एप्प्लबी पुरस्कार से सम्मानित किया गया
i.प्रसिद्ध क्रिमिनोलॉजिस्ट के चोकलिंगम को लोक प्रशासन में प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अक्टूबर 2015 के चौथे सप्ताह में पॉल एच एप्प्लबी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है|
ii.यह पुरस्कार भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) द्वारा प्रदान किया गया है| चोकलिंगम मद्रास यूनिवर्सिटी में क्रिमिनोलॉजी प्रोफेसर हैं तथा वर्ल्ड सोसाइटी ऑफ़ विक्टिमोलौजी के उपाध्यक्ष हैं|
iii.वे वर्ष 2012-14 तक नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली में क्रिमिनल लॉ के चेयर प्रोफेसर भी रहे| उन्हें वर्ष 1994 में सीनियर सोशल साइंटिस्ट ऑफ़ इंडियन सोसाइटी ऑफ़ क्रिमिनोलॉजी तथा वर्ष 1996 में इंटरनेशनल स्कॉलर अवार्ड ऑफ़ अमेरिकन सोसाइटी ऑफ़ क्रिमिनोलॉजी से भी सम्मानित किया गया|

6.रेवा खेत्रपाल होंगी दिल्ली की नई लोकायुक्त
i.दिल्ली की नई लोकायुक्त सेवानिवृत्त न्यायाधीश रेवा खेत्रपाल होंगी। आज उपराज्यपाल नजीब जंग के साथ दिल्ली उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. रोहिणी, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंदर गुप्ता के साथ हुई बैठक में रेवा खेत्रपाल का नाम पर सहमति बन गई।
ii.मुख्यमंत्री अऱविंद केजरीवाल ने एलजी नजीब जंग को हाल में एक पत्र लिखा था, जिसमें दिल्ली के लोकायुक्त का नाम तय करने के लिए एक बैठक बुलाने का अनुरोध किया था। iii.लोकायुक्त का पद नवंबर 2013 से खाली है।

7.डी'विलियर्स बने एमआरएफ के ब्रांड एम्बेसडर
i.दक्षिण अफ्रीकी वन-डे टीम के कप्तान एबी डी'विलियर्स को बुधवार को टायर निर्माता कंपनी एमआरएफ का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया गया है। कंपनी ने उन्हें तीन वर्षों के लिए अनुबंधित किया है।
ii.डी'विलियर्स अब इस कंपनी के विज्ञापनों में इसके उत्पादों का प्रचार करते हुए नजर आएंगे। उनकी गिनती दुनिया के खतरनाक बल्लेबाजों में की जाती है। उनके नाम बिना शून्य के लगातार सबसे ज्यादा टेस्ट पारियां (78) खेलने का कीर्तिमान दर्ज है।
iii.दक्षिण अफ्रीका की तरफ से टेस्ट मैचों में दूसरा सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर (278 नाबाद) बनाने का कीर्तिमान भी उनके नाम दर्ज है। डी'विलियर्स के नाम वन-डे में सबसे तेज शतक का कीर्तिमान भी दर्ज है।

8.अनिल कुंबले रायपुर रेंजर्स के ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त
i.पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी अनिल कुंबले को रायपुर रेंजर्स का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया गया| रायपुर रेंजर्स, चैंपियंस टेनिस लीग (सीटीएल) की सदस्य टीम है| यह वर्ष 2015 में सीटीएल से संबध हुई|
ii.अभिषेक मिश्रा और चिन्मय तिवारी के सह मालिकाने वाली रायपुर रेंजर्स टीम में थॉमस मस्टर, एलिज कोर्नेट और रामनाथन रामकुमार जैसे खिलाड़ी शामिल है|

Wednesday, 21 October 2015

आइए जानें पीपीएफ और ईपीएफ

क्या होता है पीपीएफ ?

पीपीएफ का विस्तृत रूप  है "पब्लिक प्रॉविडेंट फंड" और इसे बहुत कम राशि में भी शुरू किया जाता है| यह छोटी बचत की सबसे पॉपुलर स्कीम है और इसका कारण इसमें ब्याज की दर बहुत अच्छी होती है और जब पैसे को निकाला जाता है तो उस पर टैक्स नहीं लगता| यह प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) की ही तरह रिटायरमेंट के बाद जीवन यापन के लिए बेहतरीन योजना है|

इस स्कीम में इस साल ब्याज की दर 8.7 प्रतिशत है| ब्याज पर गणना हर साल होती है और वित्त वर्ष की समाप्ति पर आपके अकाउंट में डाल दी जाती है| इस पर ब्याज सरकारी बॉन्डों पर होने वाली आय से निर्धारित होती है|

पीपीएफ में अब अगर आप डेढ़ लाख रुपये तक लगाएंगे तो आपको 80सी के तहत इनकम टैक्स में छूट मिलेगी| जब यह राशि परिपक्व हो जाएगी तो आपको उसके ब्याज पर कोई टैक्स नहीं देना होगा| इस दृष्टि से यह बेहतरीन स्कीम है|

पीपीएफ अकाउंट 15 साल के लिए होता है लेकिन आप इसे पांच साल और आगे बढ़ा सकते हैं| उस पर भी ब्याज मिलता रहेगा| इसके लिए आप चाहें तो सिर्फ 500 रुपये सालाना लगाकर इस पर ब्याज उठाते रह सकते हैं|

अगर आप बीच की अवधि में पैसे निकालना चाहते हैं तो छठे साल से निकाल सकते हैं| आपको कुल जमा राशि का 50 प्रतिशत निकालने का अधिकार होगा| उसके बाद के साल में भी आप पैसे निकाल सकते हैं| आप इस राशि पर लोन भी ले सकते हैं लेकिन यह बैलेंस के 25 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए| इस पर आपको 2 प्रतिशत ब्याज 36 महीने तक देना होगा और उसके बाद की अवधि के लिए 6 प्रतिशत|

अकाउंट कहां खोलें 

इस स्कीम में आप अपना अकाउंट बैंक या अपने निकटतम डाकघर में खोल सकते हैं| वेतभोगी वर्ग के लिए इससे बढ़िया बचत योजना कोई नहीं है और इसलिए एक व्यक्ति को एक से ज्यादा अकाउंट खोलने की इजाजत नहीं है|

EPF अकाउंट के निष्क्रिय होने पर नहीं मिलता ब्याज

एक व्यक्ति जो 2011 से नौकरी पर नहीं हैं। उनके एंप्लॉयी प्रविडेंट फंड (ईपीएफ) अकाउंट में रकम जस की तस है क्योंकि वह चाहते थे कि इस पर तीन साल तक इंटरेस्ट मिलता रहे, जिसकी इजाजत कानून देता है। हालांकि अब उनके ईपीएफ अकाउंट में पड़े 9 लाख रुपये पर ब्याज नहीं जुड़ रहा है। उन्होंने पैसा नहीं निकाला और इस तरह सालाना ब्याज के रूप में उन्हें 80,000 रुपये की चपत लग रही है, जो उन्हें यह रकम कहीं और निवेश करने पर मिलती। फाइनैंस मिनिस्ट्री के अनुसार, ईपीएफओ के पास ऐसे 9,000 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड पड़े हुए हैं।

पिछले साल बजट स्पीच में फाइनैंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने सीनियर सिटिजन वेलफेयर फंड का प्रस्ताव किया था ताकि पेंशनर्स, छोटे और सीमांत किसानों तथा दूसरे लोग जो प्रीमियम चुकाते हैं, उसे सब्सिडाइज्ड किया जाए। हालांकि फाइनैंस मिनिस्टर पीपीएफ के अनक्लेम्ड 3,000 करोड़ रुपये और पीपीएफ के ऐसे 6,000 करोड़ रुपयों का इस्तेमाल इस काम में करना चाहते हैं। जेटली का प्रस्ताव तभी लागू होगा, जब उस पर संसद की मुहर लगे, लेकिन जिन ईपीएफ और पीपीएफ अकाउंट होल्डर्स ने अपनी रकम क्लेम नहीं की है, उनके लिए चिंता की दूसरी वजहें हैं। 

सर्वश्रेष्ठ उदहारण : 29 साल की भाविनी ने परिवार संभालने की जिम्मेदारियों को देखते हुए नौकरी छोड़ी थी। हालांकि उन्होंने ईपीएफ का अपना पैसा नहीं निकाला। अपने अकाउंट में पड़े 80,000 रुपयों को उन्होंने अगर पीपीएफ में भी रीइनवेस्ट किया होता तो उस पर उन्हें 7,000 रुपये सालाना ब्याज मिलता। अगर उन्होंने अपना पैसा फंड्स में लगाया होता तो रिटर्न 12 से 15 पर्सेंट तक रहा होता।

पैसा वापस पाने का तरीका

अगर पिछले 36 महीनों से अपने ईपीएफओ अकाउंट में आपने कॉन्ट्रिब्यूशन नहीं किया हो, यह निष्क्रिय हो जाएगा और इस पर ब्याज नहीं मिलेगा। अगर अकाउंट डिटेल्स आपके पास हों, तो ईपीएफओ वेबसाइट पर जाकर क्लेम फॉर्म भरें और इसे ईपीएफओ ऑफिस में जमा करें। अगर डिटेल्स न हों तो आप वेबसाइट पर ऑनलाइन हेल्पडेस्क ऑप्शन यूज कर सकते हैं।

दूसरे लोगों को पैसा निकालने के लिए फॉर्म 19 भरना होगा, जो उनके पिछले एंप्लॉयर या ईपीएफओ की वेबसाइट पर मिलेगा। फॉर्म 19 जमा करने पर आपका पुराना एंप्लॉयर इसे अटेस्ट करेगा और ईपीएफओ के पास भेजेगा। आपको रेजिग्नेशन एक्सेप्टेंस लेटर और एक कैंसल्ड चेक जैसे कुछ दूसरे डॉक्युमेंट्स भी जमा करने होंगे।

ईपीएफ से पैसे निकालने या ट्रांसफर करने की प्रक्रिया की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध है। अगर आपके पास पिछले साल लॉन्च किया गया 12 डिजिट वाला यूनिवर्सल अकाउंट नंबर हो, तो आप ऑनलाइन रूट से काम कर सकते हैं।

निष्क्रिय PPF अकाउंट को कैसे करें ऐक्टिव

अगर किसी साल आप पीपीएफ अकाउंट में पैसे जमा न कर पाएं तो यह इन-ऑपरेटिव हो जाता है। इसे ऐक्टिव करने के लिए आपको 500 रुपये प्रति साल की दर से छूट गए हर फाइनैंशल इयर के लिए रकम जमा करनी होगी। 

रीऐक्टिवेशन के लिए आपको अपने संबंधित पोस्ट ऑफिस या बैंक की ब्रांच में जाना होगा, जहां आपका अकाउंट हो। वहां आपको एक लेटर जमा करना होगा। आपको पीपीएफ अकाउंट में मिनिमम 500 रुपये हर साल जमा करने होते ही हैं, तो वह रकम भी नए सिरे से शुरुआत करते वक्त जमा करनी होगी। साथ ही, हर डिफॉल्टिंग इयर के लिए 50 रुपये की पेनल्टी भी देनी होगी।

मच्योर हो चुके अकाउंट को रीऐक्टिवेट नहीं कराया जा सकता है। हालांकि अमाउंट क्लेम करने के लिए पेनल्टी देनी होगी।

1.प्रधानमंत्री ने किया आईडीएफसी बैंक का उद्घाटन
i.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र में सुधार के कई कदम उठाए हैं जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी डाले जाने, शीर्ष प्रबंधन पद पर नियुक्ति संबंधी नियमों में बदलाव तथा कालाधन की समस्या पर अंकुश लगाने के लिये कागज-रहित लेन-देन की शुरूआत जैसे उपाय शामिल हैं|

ii.प्रधानमंत्री ने कहा कि अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ पूरा बैंकिंग क्षेत्र महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रहा है| मोदी ने यहां आईडीएफसी बैंक के उद्घाटन के मौके पर कहा, ‘बैंकिंग क्षेत्र में बदलाव दिख रहा है. मोबाइल बैंकिंग आ रही है. बैंक परिसर रहित और कागज रहित होंगे.’’  
iii.उन्होंने कहा, ‘‘हमें देश को इस दिशा में ले जाना है. जैसे ही हम प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं, हम कागज रहित बैंक, मुद्रा-विहीन कारोबार की ओर बढ़ते हैं. इससे कालाधन की आशंका धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी.’’ प्रधानमंत्री ने बैंकों को ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान देने की बात पर जोर दिया क्योंकि इन क्षेत्रों में अपार संभावना है|
2.आरबीआई, सेंट्रल बैंक आफ यूएई ने सूचना आदान-प्रदान के लिये समझौते किये
i.भारतीय रिजर्व बैंक ने संयुक्त अरब अमीरात के सेंट्रल बैंक के साथ सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिये समझौता किया है। रिजर्व बैंक ने एक अधिसूचना में आज कहा, ‘‘रिजर्व बैंक ने आज सेंट्रल बैंक आफ यूएई के साथ सहमति पत्र पर दस्तखत किये हैं।
ii.यह समझौता सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिये किया गया है।’’ सहमति पत्र पर सेंट्रल बैंक आफ यूएई की तरफ से सहायक गवर्नर सईद अब्दुल्ला अल हामीज तथा रिजर्व बैंक की तरफ से कार्यकारी निदेशक मीना हेमचंद्र ने दस्तखत किये।
3.नाटो ने इटली में ट्राईडेंट जंक्चर सैन्य अभ्यास आरंभ किया
i.उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने सहयोगी सदस्यों एवं साथी राष्ट्रों के साथ इटली स्थित ट्रापानी एयर फोर्स बेस पर संयुक्त सैन्य अभ्यास (ट्राईडेंट जंक्चर) आरंभ किया है| यह संयुक्त सैन्य अभ्यास 6 नवम्बर 2015 को समाप्त होगा|
ii.तीन सप्ताह तक चलने वाले इस सैनिक अभ्यास में 30 से अधिक देशों के 36000 सैनिक इटली, स्पेन एवं पुर्तगाल में सैन्य अभ्यास करेंगे| 
iii.ट्राइडेंट जंक्चर पिछले एक दशक में नाटो का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास है, इससे तत्परता एवं साथ काम करने की क्षमता में वृद्धि होगी| इसमें यह भी दर्शाया जायेगा कि नाटो किसी भी स्थिति में जवाबी करवाई कर सकता है| 
iv.यह युद्धाभ्यास अगले वर्ष नाटो रिस्पांस फोर्स मुख्यालय और उच्च तत्परता वाली सेना के कार्यों को भी प्रमाणित करने में सहायता करेगा|
4.मेलबर्न मर्सर ग्लोबल पेंशन इंडेक्स रिपोर्ट 2015 जारी
i.वर्ष 2015 की मर्सर ग्लोबल पेंशन इंडेक्स (एमएमजीपीआई) रिपोर्ट जारी की गयी है| रिपोर्ट के इस सातवें संस्करण में 40 से अधिक संकेतकों को 25 देशों के सेवानिवृत्ति आय सिस्टम को मापा गया है| इसमें शामिल उपसंकेतक हैं पर्याप्तता, स्थिरता और अखंडता| 
ii.वर्ष 2015 की रिपोर्ट में डेनमार्क को सबसे उत्तम सेवानिवृत्ति प्रणाली वाला देश बताया गया है| डेनमार्क को लगातार चौथी बार 81.7 अंकों के साथ यह स्थान प्राप्त हुआ है|
iii.25 देशों में किये गये इस अध्ययन से यह पता चला है कि विश्व भर में सेवानिवृत्ति प्रणाली में काफी अंतर है| इनमें भारत 40.3 अंकों के साथ सबसे निचले स्तर पर है, जबकि 81.7 अंकों के साथ डेनमार्क प्रथम स्थान पर है| 
5.वीके मल्होत्रा बने स्पोर्ट्स काउंसिल के चीफ
i.वरिष्ठ खेल प्रशासक विजय कुमार मल्होत्रा को सरकार ने ऑल इंडिया स्पोर्ट्स काउंसिल का प्रमुख नियुक्त कर दिया है। 
ii.इस काउंसिल में सदस्य के तौर पर सचिन तेंदुलकर और विश्वनाथन आनंद सहित कई नामी खेल हस्तियां जुड़ी हुई हैं। (अमर उजाला इस आशय की खबर पहले ही दे चुका है।) 
iii.वीके मल्होत्रा को राज्यमंत्री का दर्जा दिया जाएगा। भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने स्पोर्ट्स काउंसिल का अध्यक्ष बनने पर वीके मल्होत्रा को बधाई देते हुए कहा कि वह भारत में खेल प्रशासन के दिग्गज हैं। आईओए कोषाध्यक्ष अनिल खन्ना ने भी मल्होत्रा की नियुक्ति का स्वागत किया है।
6.उर्वशी रौतेला बनीं मिस डिवा 2015
i.मॉडल – अदाकारा उर्वशी रौतेला यामहा फेसकिनो मिस डिवा 2015 चुनी गयी हैं। उत्तराखंड की 21 वर्षीय उर्वशी ने 2013 में सन्नी देओल अभिनीत ‘सिंह साब द ग्रेट’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। मिस यूनिवर्स 2015 स्पर्धा में वह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
ii.बेंगलूर की नताशा अस्सादी दूसरे स्थान पर रहीं वहीं औरंगाबाद की नवेली देशमुख ने तीसरा स्थान हासिल किया।
iii.स्पर्धा के लिए चयन मंडल में अदाकारा कंगना रानौत, इरफान, लारा दत्त, विकास बहल और डिजाइनर जोड़ी शांतनु, निखिल शामिल थी।
7.एपसेज़ ने आईपीजीए के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये
i.गुजरात आधारित अडानी पोर्ट्स स्पेशल इकनोमिक ज़ोन (एपसेज़) ने भारतीय दलहन एवं अनाज एसोसिएशन (आईपीजीए) के साथ समझौता किया है| इसका उद्देश्य देश में मौजूद दालों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है|
ii.अडानी बंदरगाहों का उपयोग करके देश में दालों की सुविधाजनक उपलब्धता कराने के लिए यह समझौता किया गया है| 
iii.इसके अतिरिक्त कंपनी ने अन्य एजेंसियों से प्रबंधन सेवाओं के लिए भी समझौता किया है|
iv.वर्तमान में, भारत घरेलू खपत के लिए लगभग पांच मिलियन टन दालों का कनाडा, ऑस्ट्रेलिया एवं काला सागर क्षेत्र से आयात करता है|
8.आदित्य बिड़ला समूह ने ऑनलाइन फैशन स्टोर एबोफ डॉट कॉम का शुभारंभ किया
i.ई-कॉमर्स व्यापार में आए उछाल का लाभ उठाने के लिए आदित्य बिड़ला ग्रुप ने नए ऑनलाइन फैशन स्टोर एबोफ डॉट कॉम का शुभारंभ किया है| (www.abof.com) डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट एबोफ डॉट कॉम नाम का पोर्टल आदित्य बिड़ला समूह और अन्य कंपनियों को ब्रांडों की आपूर्ति करेगा|
ii.एबोफ (आल अबाउट फैशन) पुरुषों और महिलाओं के परिधान, जूते और अन्य सामान की खरीददारी के लिए बेहद फैशन पोर्टल है| 
iii.इस पोर्टल का लक्ष्य युवा उपभोक्ताओं को लुभाना और गुणवत्ता युक्त टिकाऊ परिधानों के संग्रह पर ध्यान केंद्रित करना है| यह पोर्टल उपभोक्ताओं को खरीददारी पर किसी भी प्रकार की छूट नहीं देगा|

Tuesday, 20 October 2015

जानें बैंकिंग टर्म के बारे में!!!

प्रिय पाठक,
इस पोस्ट में हम आपको बैंकिंग टर्म के बारे में बता रहे हैं| बैंकिंग टर्म को हिंदी में प्रस्तुत करने की विशेष मांग को लेकर हम यह पोस्ट कर रहे हैं| आशा करते हैं कि यह  लेख आपके लिए ज्ञानवर्द्धक होगा|  
डिबेंचर (Debenture)
यह एक ऋण का एक साधन है जिसके माध्यम से सरकार या कंपनियां धन जुटाती हैं। यह इक्विटी शेयरों से भिन्न होता है।डीबेंचर खरीदने वाला वास्तव में कर्जदाता होता है। डिबेंचर जारी करने वाली कंपनी या संस्थान गिरवी के तौर पर कुछ नहीं रखती, खरीदार उनकी साख और प्रतिष्ठा को देखते हुए डिबेंचर खरीदते हैं। डीबेंचर जारी करने वाली कंपनी या संस्थान कर्जदाताओं (डिबेंचर खरीदने वालों को) निश्चित ब्याज देते हैं।
कंपनियां शेयरधारकों को भले ही लाभांश नहीं दे लेकिन उसे कर्जदाताओं (डिबेंचरधारकों) को ब्याज देना ही होता है। सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला ट्रेजरी बॉन्ड या ट्रेजरी बिल आदि भी जोखिम रहित डिबेंचर ही होते हैं क्योंकि सरकार इस प्रकार के कर्ज चुकाने के लिए कर बढ़ा सकती है या अधिक नोटों का मुद्रण कर सकती है।
ऑफशोर फंड (Offshore Fund)
जिस फंड के अंतर्गत म्युचुअल फंड कंपनियां विदेश से धन जुटा कर देश के भीतर विनियोजित करती हैं उसे ऑफशोर फंड कहते हैं।
वेंचर कैपिटल (Venture Capital)
नये व्यवसाय की शुरुआत के लिए जुटाई जाने वाली पूंजी को वेंचर कैपिटल या साहस पूंजी या दायित्व पूंजी कहते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो निवेशकों द्वारा शुरु हो रही छोटी कंपनियों, भविष्य में जिनके विकास की प्रबल संभावना होती है, को उपलब्ध कराई जाने वाली पूंजी को वेंचर कैपिटल कहते हैं। कंपनियां ऐसी पूंजी जुटाने के लिए इक्विटी शेयर जारी करती हैं।

फॉरवर्ड सौदा (Forward Contract)
नकदी बाजार (शेयरों के मामले में) या हाजिर बाजार (कमोडिटी के मामले में) में किया जाने वाला सौदा जिसका निपटारा भविष्य की एक निश्चित तारीख को सुपुर्दगी के साथ निपटाया जाता है।
डेरिवेटिव (Derivative)
वैसी प्रतिभूति जिसका मूल्य उसके अंतर्गत एक या एक से अधिक परिसंपत्तियों के ऊपर निर्भर करता है या उनसे प्राप्त किया जाता है। डेरिवेटिव दो या दो से अधिक पक्षों के बीच किया जाने वाला करार है। इसका मूल्य निर्धारण उन परिसंपत्तियों के मूल्यों में होने वाले उतार-चढ़ाव के आधार पर किया जाता है। आमतौर पर ऐसी परिसंपत्तियों में स्टॉक, बॉन्ड, जिन्स, मुद्राएं, ब्याज-दर और बाजार सूचकांक शामिल होते हैं।
डेरिवेटिव का इस्तेमाल साधारणत: जोखिमों की हेजिंग के लिए किया जाता है लेकिन इसका प्रयोग सट्टेबाजी के उद्देश्य से भी किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर एक यूरोपियन निवेशक अमेरिकन कंपनी के शेयरों की खरीदारी अमेरिकन एक्सचेंज से (डॉलर का इस्तेमाल करते हुए) करता है।
शेयर अपने पास रखते हुए उसे विनिमय दर का जोखिम बना रहता है। इस जोखिम की हेजिंग के लिए वह निवेशक विशेष विनिमय दर के मुताबिक डॉलर को यूरो में परिवर्तित करना चाहेगा। इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए वह मुद्रा की वायदा खरीद सकता है ताकि जब कभी वह अपना शेयर बेचे और मुद्रा को यूरो में परिवर्तित करे तो उसे विनिमय दर संबंधी हानि नहीं हो।

ओपेन एन्डेड फण्ड (Open Ended Fund )
सतत खुली योजनाएंम्युचुअल फंडों की वैसी योजनाएं जिनकी कोई लॉक इन अवधि (वह पूर्व-निर्धारित अवधि जिससे पहले निवेश किए गए पैसों की निकासी की अनुमति नहीं होती है) नहीं होती है। इनके यूनिटों की खरीद-बिक्री तत्कालीन शुध्द परिसंपत्ति मूल्य (एनएवी) पर कभी भी की जा सकती है।
प्रतिभूतियां (Securities)
प्रतिभूतियां लिखित प्रमाणपत्र होती हैं जो ऋण लेने के बदले दी जाती है। इनमें जारी करने के शर्र्तों एवं मूल्यों का उल्लेख होता है तथा इनका क्रय-विक्रय भी किया जाता है। सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला बॉन्ड, तरजीही शेयर, ऋण पत्र आदि प्रतिभूतियों की श्रेणी में आते हैं। प्रतिभूति शब्द का इस्तेमाल व्यापक तौर पर किया जाता है।
शेयर विभाजन (Stock Split)
कोई कंपनी अपने महंगे शेयर को छोटे निवेशकों के लिए वहनीय बनाने और उसे आकर्षक बनाने के लिए शेयरों का विभाजन करती है। अगर कोई कंपनी अपने शेयरों का विभाजन 2:1 में करती है तो उसका मतलब होता है कि शेयरों की संख्या दोगुनी कर दी गई है और उसका मूल्य आधा कर दिया गया है।
मुद्रा का विनिमय मूल्य ( Exchange Value of Money )
जब देश की प्रचलित मुद्रा का मूल्य किसी विदेशी मुद्रा के साथ निर्धारित किया जाता है ताकि मुद्रा की अदला-बदली की जा सके तो इस मूल्य को मुद्रा का विनिमय मूल्य कहा जाता है। वह मूल्य दोनों देशों की मुद्राओं की आंतरिक क्रय शक्ति पर निर्भर करता है।
मुद्रास्फीति ( Money Inflation )
मुद्रास्फीति वह स्थिति है जिसमें मुद्रा का आंतरिक मूल्य गिरता है और वस्तुओं के मूल्य बढ़ते हैं। यानी मुद्रा तथा साख की पूर्ति और उसका प्रसार अधिक हो जाता है। इसे मुद्रा प्रसार या मुद्रा का फैलाव भी कहा जाता है।
मुदा अवमूल्यन ( Money Devaluation )
यह कार्य सरकार द्वारा किया जाता है। इस क्रिया से मुद्रा का केवल बाह्य मूल्य कम होता है। जब देशी मुद्रा की विनिमय दर विदेशी मुद्रा के अनुपात में अपेक्षाकृत कम कर दी जाती है, तो इस स्थिति को मुद्रा का अवमूल्यन कहा जाता है।
रेंगती हुई मुद्रास्फीति ( Creeping Inflation )
मुद्रास्फीति का यह नर्म रूप है। यदि अर्थव्यवस्था में मूल्यों में अत्यंत धीमी गति से वृद्धि होती है तो इसे रेंगती हुई स्फीति कहते हैं। अर्थशास्त्री इस श्रेणी में एक फीसदी से तीन फीसदी तक सालाना की वृद्धि को रखते हैं। यह स्फीति अर्थव्यवस्था को जड़ता से बचाती है।
रिकॉर्ड तारीख ( Record List )
बोनस शेयर, राइट शेयर या लाभांश आदि घोषित करने के लिए कंपनी एक ऐसी तारीख की घोषणा करती है जिस तारीख से रजिस्टर बंद हो जाएंगे। इस घोषित तारीख तक कंपनी के रजिस्टर में अंकित प्रतिभूति धारक ही वास्तव में धारक माने जाते हैं। इस तारीख को ही रेकॉर्ड तारीख माना जाता है।
रिफंड ऑर्डर ( Refun Order )
यदि किसी शेयर आवेदन पत्र पर शेयर आवंटन की कार्यवाही नहीं होती तो कंपनी को आवेदन पत्र के साथ संपूर्ण रकम वापस करनी होती है। रकम वापसी के लिए कंपनी जो प्रपत्र भेजती है उसे रिफंड ऑर्डर कहा जाता है। रिफंड ऑर्डर चेक, ड्राफ्ट या बैंकर चेक के रूप में होता है तथा जारीकर्ता बैंक की स्थानीय शाखा में सामान्यत: सममूल्य पर भुनाए जाते हैं।
लाभांश ( Dividend )
विभाजन योग्य लाभों का वह हिस्सा जो शेयरधारकों के बीच वितरित किया जाता है, लाभांश कहा जाता है। यह करयुक्त और करमुक्त दोनों हो सकता है। यह शेयरधारकों की आय है।
लाभांश दर ( Dividend Rate )
कंपनी के एक शेयर पर दी जाने वाली लाभांश की राशि को यदि शेयर के अंकित मूल्य के साथ व्यक्त किया जाए तो इसे लाभांश दर कहा जाता है। इसे अमूमन फीसदी में व्यक्त किया जाता है।
लाभांश प्रतिभूतियां ( Dividend Securities )
जिन प्रतिभूतियों पर प्रतिफल के रूप में निवेशक को लाभांश मिलता है, उन्हें लाभांश वाली प्रतिभूतियां कहा जाता है। जैसे समता शेयर, पूर्वाधिकारी शेयर।
शून्य ब्याज ऋणपत्र ( Zero Rated Deventure )
इस श्रेणी के डिबेंचरों या बॉन्डों पर सीधे ब्याज नहीं दिया जाता, बल्कि इन्हें जारी करते वक्त कटौती मूल्य पर बेचा जाता है और परिपक्व होने पर पूर्ण मूल्य पर शोधित किया जाता है। जारी करने के लिए निर्धारित कटौती मूल्य के अंतर को ही ब्याज मान लिया जाता है।

रूक जाना नहीं....कभी हार के!!!

प्रिय पाठक,
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि IBPS PO Pre 2015 का परिणाम घोषित हो चुका है|  कुछ के लिए यह बहुत अच्छा रहा और कुछ लोगों को इस बार भी निराशा ही हाथ लगी| जिनका हो चुका उन्हें बैंकर्स अड्डा बहुत-बहुत बधाई देता है और अगले लक्ष्य की ओर पूरे जोश के साथ जुट जाने की सलाह देता है| लेकिन कुछ छात्र जिनको इस बार निराशा का सामना करना पड़ा वे केवल इस दुःख के साथ बैठे न रहें...जैसा कि आपको पता है कि परिणाम की घोषणा कल रात को ही हो गई थी, तो विलाप अब समाप्त हो चुका है, नया सवेरा और नयी किरण आप तक पहुँच चुकी है|


एक बार एक बूढ़ा व्यक्ति बाजार में जाता है और एक खाली दीवार पर सफ़ेद कागज़ पर एक बिंदु लगाकर चिपका देता है और फिर वहां से गुजरने वाले हर व्यक्ति से उसे देखने को कहता है| सभी उसे देखते है कुछ उसे पागल बताकर आगे बढ़ जाते हैं और कुछ रुककर उसे ध्यान से देखते हैं| जो लोग उस कागज़ को देखते हैं बूढ़ा उनसे प्रश्न करता है कि आपको इस पूरे कागज़ में क्या दिखाई देता है सभी उत्तर देते हैं की केवल एक काला बिंदु| बूढ़ा सभी से यह उत्तर पाकर बहुत ही दु:खी हो जाता है कि इन सबको कोरे कागज़ में केवल एक बिंदु ही दिखाई दिया, किसी ने भी सफ़ेद कागज़ पर एक दृष्टि तक नहीं डाली? इसी प्रकार आपको भी केवल यह एक ही हार दिखाई दे रही है, अन्य अवसरों पर आपकी दृष्टि तक नहीं पहुँच पा रही|

प्रकृति का नियम है अंधेरे के बाद उजाले का आना निश्चित है और यह तथ्य सभी को अच्छे से पता है फिर भी हम इस प्रत्यक्ष तथ्य को महसूस नहीं कर पाते| "हां, हो सकता है कि आप में से कुछ लोग यह सोच रहे हों कि यह सब तो कहने की बात है मेरा तो पूरा साल बर्बाद हो गया"| परन्तु क्या आपने अपनी निराशा में छिपी कमज़ोरी और कमियों पर प्रकाश डाला? थोड़ा सा मूल्यांकन आपको पुनः खड़ा करने में सक्षम है करके देखिए....अधिक मुश्किल नहीं है|

साथी ना कारवाँ है, ये तेरा इम्तिहान है
यूँ ही चला चल दिल के सहारे
करती है मंजिल तुझ को इशारे
देख कहीं कोई रोक नहीं ले तुझको पुकार के

Monday, 19 October 2015

नोबेल पुरुस्कार 2015!!!

प्रिय पाठक,

इस पोस्ट में हम आपको हाल ही में दिए गए नोबेल पुरुस्कार के बारे में बता रहे हैं जिनके आगामी परीक्षाओं में पूछे जाने की सम्भावना है| 



नोबेल पुरुस्कार के बारे में
नोबेल फाउंडेशन द्वारा स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की याद में वर्ष 1901 में शुरू किया गया यह शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में विश्व का सर्वोच्च पुरस्कार है।
इस पुरस्कार के रूप में प्रशस्ति-पत्र के साथ 14 लाख डालर की राशि प्रदान की जाती है। अल्फ्रेड नोबेल ने कुल 355 आविष्कार किए जिनमें 1867 में किया गया डायनामाइट का आविष्कार भी था। स्वीडिश बैंक में जमा इसी राशि के ब्याज से नोबेल फाउँडेशन द्वारा हर वर्ष शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन, चिकित्सा विज्ञान और अर्थशास्त्र में सर्वोत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। 
नोबेल पुरुस्कार 2015 और उनके विजेता 
शान्ति के लिए 
साल 2015 के लिए ट्यूनीशियाई संगठन नेशनल डायलॉग क्वार्टेट को शांति का नोबेल पुरस्‍कार दिया गया है।
ट्यूनीशियाई संघवादियो , नियोक्ताओं, वकीलों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की एक गठबंधन को अन्य अरब देशों में वसंत क्रांति की तरह अराजकता में उतरने से जैस्मीन क्रांति को रोकने में मदद के लिए 2015 में नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया है।
ट्यूनीशियाई राष्ट्रीय संवाद समूह ने एंजेला मार्केल, पोप, अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी, और अपने ईरानी समकक्ष मोहम्मद जावद ज़रीफ़ सहित उच्चस्तरीय प्रत्याशियों को पीछे छोड़ते हुए  नार्वे नोबेल समिति से यह पुरस्कार प्राप्त किया है।
साहित्य के लिए 
बेलारूस की 67-वर्षीय लेखिका स्वेतलाना एलेक्सीविच (Svetlana Alexievich) खोजी पत्रकार और पक्षी विज्ञानी के रूप में भी जानी जाती हैं। नोबेल पुरस्कार के लिए उनके नाम की सिफारिश पिछले वर्ष यूराल फेडरल यूनिवर्सिटी ने की थी। 
स्वेतलाना ने चश्मदीदों के हवाले से चेरनोबिल आपदा (यूक्रेन का परमाणु हादसा) और द्वितीय विश्वयुद्ध का भावनात्मक पक्ष पेश करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। चश्मदीदों के शब्दों के जरिये इन घटनाओं के बारे में लिखने वाली स्वेतलाना की कृतियों का कई भाषाओं में अनुवाद हुआ और वह कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हुईं।
भौतिकी के लिए 
2015 भौतिकी का नोबेल पुरस्कार जापान के तकाकी काजिता(Takaaki Kajita) तथा कनाडा के आर्थर बी मैकडोनाल्ड(Arthur B. McDonald) को दिया गया है।
उन्हे यह पुरस्कार परमाण्विक कण न्युट्रिनो के द्रव्यमान रखने के सिद्धांत को प्रमाणित करने के लिये दिया गया है। पहले माना जाता था कि न्युट्रिनो का द्रव्यमान नही होता है।  तकाकी और आर्थर ने न्युट्रिनो दोलन(neutrino oscillations) की खोज की, जो सिद्ध करता है कि न्युट्रिनो का द्रव्यमान होता है।
ब्रह्मांड में हर समय मौजूद रहने वाले न्यूट्रिनो कण हमारे शरीर से भी खेलते रहते हैं। ऐसी खोज करने वाले जापान और कनाडा के भौतिकशास्त्रियों को 2015 के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
रसायन के लिए 
स्वीडन के टॉमस लिंडल, अमेरिका के पॉल मोड्रिच और तुर्किश-अमेरिकी वैज्ञानिक अजीज संजार को क्षतिग्रस्त डीएनए की कोशिकाओं द्वारा मरम्मत संबंधी कार्य के लिए रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कार के लिए चुना गया है।
डीएनए (डिऑक्सीरिबो न्यूक्लियक एसिड) जीवन के निर्माण और उसके चलने का रासायनिक कोड होता है। कड़ी धूप या अन्य पर्यावरण संबंधी कारकों से डीएनए को नुकसान पहुंच सकता है। लेकिन प्रोटीनों का एक सम्मुचय होता है जो प्रक्रिया पर निगरानी रखने के लिए तैयार किया जाता है। यह कोड को पढ़ता है और हुए नुकसान की भरपाई करता है। इन प्रक्रियाओं की मैपिंग करने के लिए तीनों वैज्ञानिकों की सराहना की गई। 
चिकित्सा के लिए 
वर्ष 2015 के चिकित्सा के नोबेल पुरस्कार की घोषणा कर दी गई है, और इसे संयुक्त रूप से तीन लोगों को दिया गया है, जिनमें आधे की हकदार चीन की तू यूयू हैं, जिन्होंने मलेरिया के खिलाफ एक नए उपचार की खोज की, जबकि शेष आधा पुरस्कार कीड़े-मकोड़ों द्वारा पैदा होने वाले संक्रमणों के खिलाफ नया उपचार खोजने वाले विलियम सी. कैम्पबेल तथा सतोषी ओमुरा को दिया गया है। इस पुरस्कार की घोषणा स्टॉकहोम में चिकित्सा पर नोबेल कमेटी की सचिव अरबन लेन्डाल ने की।
इस वर्ष का नोबेल पुरस्कार जापानी बायोकैमिस्ट सतोषी ओमुरा आयरिश बायोकैमिस्ट विलियम सी. कैम्पबेल के साथ संयुक्त रूप से दिया गया है और यह परजीवी (roundworm parasites) से होने वाले संक्रमणों के खिलाफ नई उपचार पद्धति विकसित करने के लिए मिला है।
अर्थशास्त्र के लिए
प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के अर्थशास्त्री एंगस डिटॉन को उपभोग पर व्यापक काम के लिए इस साल अर्थशास्त्र का नोबल पुरस्कार दिया जाएगा। डिटॉन के इस शोध कार्य से विशेषकर भारत सहित दुनिया भर में गरीबी को आंकने के तरीके को नए सिरे से तय करने में मदद मिली।
पुरस्कार समिति के सचिव तोरस्टेन परसॉन ने कहा कि डिएटन के अनुसंधान ने अन्य अनुसंधानकर्ताओं व विश्व बैंक जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों को बताया कि मूल बुनियादी स्तर पर गरीबी को किस तरह से समझा जाए| यह संभवत: उनका सबसे अच्छा व सबसे महत्वपूर्ण योगदान है। परसॉन के अनुसार डिटॉन का काम यह दिखाता है कि व्यक्तिगत व्यवहार किस तरह से व्यापक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। पुरस्कार समिति ने दुनिया में गरीबों की चिंता करने वाले काम को सम्मानित करने का फैसला किया है।
परीक्षा के अनुसार याद क

क्या है म्यूच्यूअल फण्ड

म्यूचल फंड ( Mutual Fund) क्या है 

जैसा कि आपको पता है कि शेयर बाजार मे निवेश करने के लिए आपको काफी समय, जानकारी और कुछ हद तक (अच्छी खासी) पूँजी की आवश्यकता होती है। अब बड़े निवेशक तो शेयर मार्केट के होने वाले उतार-चढावों पर नजर रखने के लिए समय निकालते है, लेकिन कई ऐसे छोटे निवेशक भी होते है जिनके पास समय और पूँजी की कमी होती है। 



उदाहरण के लिए मान लीजिए आप और आपके पाँच मित्रों के पास 50,000 रुपए (प्रति व्यक्ति) है जिनको आप शेयर बाजार मे लगाना चाहते है, लेकिन आपको शेयर बाजार के झंझटों के बारे मे कोई जानकारी नही है और ना ही इतना समय है कि आप अपने व्यापार/नौकरी से समय निकालकर इस निवेश पर नजर रख सकें। तो आपके पास विकल्प क्या है: आप किसी पहचान वाले बन्दे को पकड़े जो शेयर बाजार मे निवेश करता हो। 
किसी संस्था को पैसा दे दो, जो आपकी तरफ़ से शेयर बाजार मे निवेश करे।
आप सभी अपना अपना पैसा मिलाकर एक साथ, एक जगह निवेश करें और किसी भी एक व्यक्ति जो इस बारे मे जानकारी रखता हो, उस पर निवेश की देखरेख करने के जिम्मेदारी लगा दें।

एक अन्य उदहारण-अब मान लीजिए आप लोग पाँच नही, बल्कि पूरे 5000 लोग है, तो ऐसे में  आपके पास विकल्प म्यूचल फंड का ही है। इसमे आप अपना निवेश म्यूचल फंड मैनेजमेन्ट कम्पनी (Asset Management Company) को दे देते है। आपके पैसे की देखभाल पेशेवर फंड मैनेजर करते है जो शेयर बाजार की बारीकियों को अच्छी तरह से समझते है। बदले में ये म्यूचल फंड कंपनियां आपसे कुछ हिस्सा अपने खर्चों सरकार अपनी नीतियों द्वारा इन म्यूचल फंड कम्पनियों पर निगरानी रखती है। 

इस पूरी प्रक्रिया में म्यूचल फंड कम्पनियां अनेक प्रकार की स्कीम लाती है, हर स्कीम में लगाएं  जाने वाली पूँजी को छोटे-छोटे, बराबर के हिस्सों मे (शेयरों की तरह) बाँट दिया जाता है। निवेशक अपने-अपने हिस्से के हकदार होते हैं जिन्हें यूनिट (Unit) कहा जाता है। इस तरह छोटे निवेशक भी शेयर बाजार मे अप्रत्यक्ष रुप से हिस्सा ले सकते हैं।

आइए जानें म्यूचल फंड के फायदे और शेयरों से इसकी भिन्नता के बारे में 

म्यूचल फंड के कई फायदे है, पहले तो इसमें आपको कम पूँजी, कम समय और काफी कम तकनीकी जानकारी की आवश्यकता होती है। इसके अलावा इसमे जोखिम भी (अपेक्षाकृत शेयर बाजार के) कम रहता है। म्यूचल फंड के फायदों को संक्षेप मे इस तरह से बताया जा सकता है:

  • म्यूचल फंड महंगे शेयरों मे निवेश करने का सस्ता तरीका है।
  • म्यूचल फंड मे जोखिम कम होता है क्योंकि आपका पैसा किसी एक शेयर मे ना लगाकर, कई शेयरों मे एक साथ लगाया जाता है।


म्यूचल फंड के चालक 

म्यूचल फंड पेशेवर फंड व्यस्थापकों (Fund Managers) द्वारा चलाए जाते है, जिनको शेयर बाजार की काफी अच्छी जानकारी होती है। इनको किसी भी शेयर मे प्रवेश करने और बाहर निकलने के अवसरों का बेहतर ज्ञान रहता है।

म्यूचल फंड हाउस (AMCs) के पास अपनी रिसर्च टीम होती है, इनके पास शेयरों के सम्बंध मे तकनीकी जानकारी और विश्लेषण मौजूद रहता है। कुल मिलाकर इनकी रिसर्च टीम किसी भी निवेशक के मुकाबले शेयर बाजार की अधिक जानकारी रखती है।

आइए जाने म्यूचल फंड के लाभ क्या हैं:-   

  • छोटे निवेशक का समय और श्रम बचता है
  • म्यूचल फंड की गतिविधियों पर सेबी की कड़ी नजर रहती है, इस तरह से छोटे निवेशकों के हितों को अनदेखा नही किया जाता।
  • म्यूचल फंड मे आप निश्चित अवधि मे आटोमेटिक तरीके से (SIP) से निवेश अथवा निकासी (SWP) कर सकते है।
  • चूँकि म्यूचल फंड बड़े स्तर पर खरीदारी करते है इसलिए उनको ब्रोकरेज और अन्य खर्चों पर भी बचत होती है।
  • म्यूचल फंड के निवेश मे काफी ज्यादा पारदर्शिता होती है।
  • निवेशक को किसी भी प्रकार का निवेश खाता (Demat Account) नही खोलना पड़ता।
  • निवेशक सही समय पर किसी भी एक स्कीम से दूसरी स्कीम मे जा सकता है।

म्यूचल फंड के नुकसान

दुनिया मे कोई ऐसी चीज नही जिसके फायदे हों और उसके नुकसान ना हो। म्यूचल फंड मे भी कुछ नुकसान हो सकते है, उदाहरण के लिए:

  • म्यूचल फंड हाउस के खर्चों पर निवेशक का नियंत्रण नही रहता।
  • निवेशक को अपनी पसन्द के शेयर खरीदने(Customized Portfolio) का आप्शन नही रहता।
  • निवेशको को म्यूचल फंड की किसी स्कीम को ही चुनना होता है।
  • म्यूचल फंड की सही स्कीम का चुनाव करना भी एक टेढी खीर है।
  • म्यूचल फंड किस तरह से बाजार मे पैसा लगाते है।

म्यूचल फंड, अपने निवेशको द्वारा प्रदान किए गए पैसों को एक जगह एकत्रित करते हैं और उस फंड से शेयर बाजार मे खरीद फरोख्त करते हैं। चूँकि फंड हाउस काफी बड़े स्तर पर खरीद फरोख्त करते हैं इसलिए इनको बाजार के उतार चढावों का अच्छा ज्ञान होता है। सही समय पर शेयरों मे खरीद बिक्री की जाती है और आने वाले नफ़े-नुकसान को उसी एकत्रित फंड मे रखा जाता है। म्यूचल फंड कम्पनियां अपने खर्चो को इसी फंड से निकालती है। 

म्यूचल फंड के निवेश को सार्वजनिक किया जाता है और प्रतिदिन फंड को अपनी नैट एसैट वैल्यू (NAV) अर्थात हर यूनिट का खरीद और बिक्री मूल्य प्रकाशित करना होता है। इसी मूल्य पर निवेशक, म्यूचल फंड मे अपना निवेश और निकासी कर सकते है। नैट एसैट वैल्यू से किसी भी फंड के स्वास्थ्य की जाँच की जा सकती है। निवेशक को यह अधिकार है कि वह किसी भी समय अपना पैसा लेकर फंड से बाहर निकल सकता है।

सेबी और म्यूचल फंड हाउस 

सेबी सभी फंडो पर नज़र रखता है और समय समय पर नए दिशा निर्देश भी जारी करता है। सेबी ने फंड हाउस के लिए निम्नलिखित नियमावाली जारी की है।
सभी म्यूचल फंड हाउस की स्थापना भारतीय ट्रस्ट एक्ट के अंतर्गत होगी और इन फंड कम्पनियों को पेशेवर लोगों द्वारा चलाया जाएगा।

क्या है म्यूचल फंड हाउस

  • इन फंड हाउस का निर्दॆशकों का एक बोर्ड होगा।
  • प्रत्येक फंड हाउस की न्यूनतम पूँजी 5 करोड़ (Five Crores) होनी चाहिए।
  • फंड हाउस के ट्रस्टी और चलाने वाले अलग अलग व्यक्ति (संस्था) होने चाहिए।
  • प्रत्येक फंड हाउस को सेबी से अनुमति लेना आवश्यक है।
  • फंड हाउस को अपनी हर योजना को सेबी के पास पंजीकृत कराना अनिवार्य है।
  • फंड हाउस अपने लाभ का कम से कम 90% अपने निवेशकों मे बाँटना आवश्यक है।
  • इसके अतिरिक्त समय समय पर सेबी द्वारा प्रदान की जाने वाले दिशा निर्देशों का पालन अनिवार्य है।

म्यूचल फंड योजनायें और प्रकार

म्यूचल फंड की योजनाए मुख्यत: दो प्रकार की होती है।

असीमित अवधि वाले फंड (Open Ended Funds)

इस प्रकार के फंड सभी के लिए खुले हुए होते है। निवेशक जब चाहे फंड मे निवेश अथवा विनिवेश(निकासी) कर सकते हैं। म्यूचल फंड निवेश के लिए प्रवेश शुल्क (Entry Load) लेती है और कभी कभी विनिवेश के लिए निकासी शुल्क(Exit Load) लेती है।

सीमित अवधि वाले फंड (Closed Ended Funds)

इस प्रकार के फंड मे निवेश की सीमा की अवधि तक निवेशक को इस फंड मे बने रहना होता है। निश्चित अवधि के उपरान्त ही निवेशक अपना पैसा इस फंड से निकाल सकता है।

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