Saturday, 24 October 2015

जानें विकास बैंकों के बारें में!!!

प्रिय पाठक,
इस पोस्ट में हम आपको विकास बैंकों के बारें में बता रहे हैं| जो आपकी आगामी परीक्षाओं व साक्षात्कारों में सहायता करेगा| आशा करते हैं आपको यह पोस्ट पसंद आएगी| 

सर्वप्रथम हम जानते हैं विकास बैंक कौन-कौन से हैं:-
1.नाबार्ड
2.एक्सिम बैंक
3.राष्ट्रीय आवास बैंक
4.भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक
5.विश्व बैंक
6.एशियाई विकास बैंक
7.अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष
8.न्यू डेवलपमेंट बैंक,
9.गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियां

1.राष्ट्रीय कृषि एवं विकास बैंक (NABARD): नाबार्ड की स्थापना 'नाबार्ड अधिनियम 1981' के तहत एवं 'शिवरामन समिति' की सिफारिशें के आधार पर 12 जुलाई, 1982 को शीर्ष विकास बैंक के रूप में एवं कृषि, लघु उद्योग, कुटीर एवं ग्रामीण उद्योग, दस्तकारी एवं अन्य ग्रामीण शिल्प को बढ़ाने तथा इन क्षेत्रों में ऋण प्रवाह को सुनिश्चित करने के अधिदेश के साथ की गई| इसकी स्थापना 100 करोड़ की प्रारम्भिक प्रदत्त पूँजी के साथ की गई| भारत सरकार द्वारा नाबार्ड की अधिकृत पूँजी को रुपए 20,000 करोड़ तक बढ़ाया गया है और समस्त पूँजी भारत सरकार द्वारा प्रदत्त की जाएगी|
कार्य:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में ऋण देने वाली संस्थाओं को वित्त उपलब्ध कराना| 
  • ग्राहक बैंकों का मूल्याकन, निगरानी एवं पर्यवेक्षन|
  • ग्रामीण विकास हेतु सरकार, रिजर्व बैंक एवं अन्य संस्थानों को सहयोग देना|
  • सहकारी बैंकों एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के नियामक के रूप में कार्य करना|
  • ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में कार्यरत बैंकों, सहकारी समितियों एवं अन्य संस्थानों को प्रशिक्षण देना एवं अनुसंधानो में सहायता करना है|    


2.भारतीय निर्यात-आयात बैंक (Exim Bank): आयात - निर्यात ब्कांक को सन 1982 में भारतीय आयात-निर्यात बैंक अधिनियम 1981 के अंतर्गत भारत के निर्यात को बढ़ावा देने वाली विकास बैंक के रूपों में स्थापित किया गया था|यह देश की प्रमुख निर्यात वित्त संस्था है भारत सरकार ने इस संस्था की स्थापना मात्र भारत से निर्यात को बढ़ाने के अधिदेश के लिए ही नहीं की थी, परन्तु देश के विदेश व्यार एवं निवेश द्वारा सम्पूर्ण आर्थिक विकास में गति लाने हेतु की थी| बैंक का मुख्य उद्देश्य आयातकों एवं निर्यातकों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है एवं यह देश के विदेश व्यापार को बढ़ाने हेतु कार्य करने वाली संस्थाओं, जो माल एवं सेवाओं के आयात एवं निर्यात के लिए वित्त उपलब्ध कराती हैं के कार्य करने के तरीकों के समन्वय करने के लिए प्रमुख वित्तीय संस्थान है एक्सिम बैंक का प्रधान कार्यलय मुंबई में स्थति है एवं इस भारत एवं विदेशों में 17 कार्यालयों का समूह कार्यरत है|

3.राष्ट्रीय आवास बैंक (National Housing Bank-NHB): आवास वित्त की शीर्ष विकास संस्था के रूप में इसको स्थापना NHB अधिनियम 1987 के अंतर्गत 9 जुलाई को हुई थी एवं नै दिल्ली इसका प्रधान कार्यालय बनाया गया था| गृह वित्त के लिए कार्यरत संस्थाओं के विकास हेतु एवं इन संस्थाओं को वित्तीय एवं अन्य सहयोग प्रदान करने के मुख्य उद्देश्य के लिए एक प्रधान संस्था के रूप में इस बैंक स्थापना हुई थी| NHB अपने कोष बांध पत्र एवं ऋण पत्रों के द्वारा, अल्प अवधि ऋणों के रूप में रिजर्व बैंक से उधार, दीर्घकालीन परिचालनों के लिए भारत सरकार या अन अधिरित संस्थाओं से उधार के रूप में एकत्रित करता है|

4.भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI): सिडबी अधिनियम 1988 के प्रावधानों के अंतर्गत इसकी स्थान IDBI की सहायक संस्था के रूप में दिनांक 2 अप्रैल, 1990 को हुई थी| इसका प्रधान कार्यालय लखनऊ में है एवं इसकी शकाहएं समस्य भारत में स्थित है| इसके द्वारा लघु उद्योगों से सम्बंधित व्यापर जैसे राष्ट्रीय इक्विटी योजना एवं लघु उद्योग विकास कोष का कार्य IDBI से अपने हाथ में ले लिया गया था| सिडबी की स्थापना का उद्देश्य लघु उद्योग एवं अत्यंत छोटे उद्योगों की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु वर्तमान संस्थानिक व्यवस्थाओं को विस्तृत एवं सुदृढ़ करना है|
1.1800 साल बाद अमरावती फिर बनेगी राजधानी
i.कृष्‍णा नदी के तट पर बसा गांव उदनदरायुनिपलेम गांव गुरुवार को उस समय एक बड़े क्षण का गवाह बना जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में यहां विभाजित आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती की आधारशिला रखी गई।
ii.इस महत्‍वपूर्ण आयोजन में सिंगापुर और जापान के मंत्रियों, 14 देशों के राजदूतों, केंद्रीय मंत्रियों, शीर्ष राजनेताओं, उद्यमियों और सेलेब्रिटीज सहित चार लाख से अधिक लोगों ने हिस्‍सा लिया।
iii.कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख राजनेताओं में केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू, अशोक गजपति राजू, निर्मला सीतारमण, आंध्रप्रदेश तथा तेलंगाना के राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू तथा तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव सहित शामिल थे।
iv.हिन्दू किवदंतियों के अनुसार गुंटूर जिले में स्थित अमरावती एक समय देवताओं के राजा इंद्र की राजधानी थी। 1800 साल पहले सातवाहन शासकों के काल में अमरावती सत्ता का केंद्र था।
2.महिला आयोग में पहली बार पुरुष अधिकारी की नियुक्ति
i.राष्ट्रीय महिला आयोग में इस बार एक पुरुष अधिकारी को नियुक्त किया गया है। पूर्व जल संसाधन सचिव आलोक रावत को आयोग का चौथा सदस्य बनाया गया है। यह पहला मौका है, जब पांच सदस्यों वाले आयोग में किसी पुरुष अधिकारी को शामिल किया गया है। 
ii.उन्होंने कहा कि महिला आयोग में काम करना मेरे लिए नया अनुभव होगा। मैं सबसे पहले अपने काम को समझने की कोशिश करूंगा, क्योंकि महिलाओं का मामला विकास के एजेंडे से थोड़ा अलग होता है। 
iii.इससे पहले अगस्त में सुषमा साहु और रेखा शर्मा को आयोग का सदस्य नियुक्त किया गया था।
3.गोल्ड डिपॉजिट स्कीम पर ब्याज दरें तय करने को बैंक स्वतंत्र
i.रिजर्व बैंक ने गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। ये बैंकों को गोल्ड डिपॉजिट पर अपनी ब्याज दरें तय करने की अनुमति देते हैं। इस संबंध में केंद्रीय बैंक की अधिसूचना ऐसे समय जारी हुई है जब पांच नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्कीम की औपचारिक शुरुआत करेंगे।
ii.गोल्ड डिपॉजिट स्कीम को शुरू करने का मकसद मंदिरों और घरों की तिजोरियों में बंद करीब 20 हजार टन सोने को बाजार में लाना है। दिशानिर्देशों के अनुसार ऐसे डिपॉजिट पर बैंक ब्याज दर तय करने के लिए स्वतंत्र होंगे। डिपॉजिट का मूल और ब्याज सोने में नामित होगा।
4.पीएम मोदी ने मोबाइल विनिर्माण केंद्र की आधारशिला रखी
i.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री वेंकटेश्वर मोबाइल एवं इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण केंद्र की आधारशिला रखी है। यह देश का पहला मोबाइल विनिर्माण इलेक्ट्रानिक संकुल है। 
ii.इस मौके पर राज्यपाल ईएसएल नरसिम्हन, केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू, अशोक गजपति राजू और निर्मला सीतारमन, तथा आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू मौजूद थे। 
iii.इंडियन सेल्यूलर एसोसिएशन ने पूर्व में एक बयान में कहा था कि इस केंद्र से एक साल के भीतर 10,000 रोजगार सृजित होने का अनुमान है और पूरे देश में 2019 तक 15 लाख रोजगार के लक्ष्य में इसका कम-से-कम पांच प्रतिशत का योगदान होगा। 
iii.विज्ञप्ति के अनुसार फाक्सकॉन पहले ही आंध्र प्रदेश में शिओमी और जियोनी जैसे ब्रांडों के विनिर्माण के लिये परिचालन शुरू कर दिया है। माइक्रोमैक्स, यूटीएल (कार्बन) तथा सेलकोन जैसे अन्य महत्वपूर्ण ब्रांड जल्दी ही अपना विनिर्माण शुरू करेंगे।

5.शहरी विकास मंत्रालय ने 89 नगरों में अमरुत परियोजनाओं के पहले समूह को मंजूरी दी
i.शहरी विकास मंत्रालय ने पुनरोद्धार एवं शहरी रूपांतरण के लिए अटल मिशन (अमरुत) के तहत 89 नगरों में राज्य स्तरीय कार्य योजनाओं के पहले समूह को मंजूरी प्रदान की है| 
ii.इस परियोजना का उद्देश्य नियमों के अनुसार जल आपूर्ति सुनिश्चित करना तथा सभी शहरी परिवारों को जलापूर्ति एवं सीवरेज कनेक्शन मुहैया कराना है|
iii.शहरी विकास सचिव मधुसूदन प्रसाद की अध्यक्षता में अमरुत की एक अंतः मंत्री स्तरीय शीर्ष समिति ने आंध्र प्रदेश, गुजरात एवं राजस्थान राज्यों के 89 नगरों के लिए 2,786 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी|
iv.पहली बार शहरी विकास मंत्रालय द्वारा राज्य स्तरीय योजनाओँ को मंजूरी दी गयी है|
6.प्रख्यात समुद्री जीवविज्ञानी सैयद ज़हूर कासिम का निधन
i.प्रख्यात समुद्री जीवविज्ञानी सैयद ज़हूर कासिम का नई दिल्ली में निधन हो गया है| वे 88 वर्ष के थे|
ii.वे भारत में पोलर बायोलॉजी के संस्थापक के रूप में प्रसिद्ध थे| वे भारत की ओर से वर्ष 1981-82 में अंटार्कटिक के पहले अभियान के सदस्य भी रहे थे|
iii.वे वर्ष 1991-96 तक योजना आयोग के सदस्य भी थे तथा नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में उप-कुलपति पद पर भी रह चुके हैं|
iv.उन्हें भारत सरकार की ओर से पद्म श्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित किया गया तथा वर्ष 2008 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया|


7.महाराष्ट्र और गुजरात नौसेना दो अलग मुख्यालयों में विभक्त
i.सुरक्षा मंत्रालय द्वारा महाराष्ट्र और गुजरात नौसेना क्षेत्रों को दो अलग-अलग मुख्यालयों में विभक्त कर दिया गया है| इसे फ्लैग ऑफिसर महाराष्ट्र क्षेत्र और फ्लैग ऑफिसर गुजरात नौसेना क्षेत्र में विभाजित किया गया है|
ii.संगठन के संचालन और प्रशासनिक संरचना को बढ़ाने के उद्देश्य से ऐसा किया गया|
फ्लैग ऑफिसर महाराष्ट्र का प्रभारी रियर एडमिरल मुरलीधर सदाशिव पवार के स्थान पर रियर एडमिरल सतीश नामदेव घोरमडे को बनाया गया| रियर एडमिरल मुरलीधर सदाशिव पवार अब फ्लैग ऑफिसर गुजरात नौसेना क्षेत्र का कार्य देखेंगे|
iii.इस अवधि के दौरान उन्होंने,परिचालन और कर्मचारी नियुक्ति जैसे दायित्वपूर्ण कार्यों का निर्वाह किया है|

iv.उनके परिचालन सम्बन्धी कार्यों में गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट, आईएनएस ब्रह्मपुत्र, पनडुब्बी बचाव पोत, आईएनएस निरीक्षक और माइनस्वीपर आईएनएस एलेपी का निर्देशन मुख्य है|

8.बॉलीवुड के पंजाबी गायक लभ जंजुआ का निधन
i.बॉलीवुड के गायक एवं गीतकार लभ जंजुआ मुंबई स्थित गोरेगांव में अपने घर में मृत पाए गये| वे 56 वर्ष के थे|
ii.लभ जंजुआ ने फिल्म 'क्वीन' का सुपरहिट गाना 'लंदन ठुमकदा' गाया था| इसके अतिरिक्त उन्होंने फिल्म 'सिंग इज ब्लिंग' का प्रसिद्ध गीत 'दिल करे चूं चैं चूं चैं चैं' भी गाया था|
iii.जंजुआ बॉ़लीवुड की कई फिल्मों जैसे की 'देव डी', 'बैंड बाजा बारात', 'गर्म मसाला', और 'पार्टनर' के लिए भी गा चुके थे|

Friday, 23 October 2015

पूंजी बाजार क्या है?

पूंजी बाजार भारतीय वित्‍तीय प्रणाली का सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण खण्‍ड है। यह कंपनियों को उपलब्‍ध एक ऐसा बाजार है जो उनकी दीर्घावधिक निधियों की जरुरतों को पूरा करता है। यह निधियां उधार लेने और उधार देने की सभी सुविधाओं और संस्‍थागत व्‍यवस्‍थाओं से संबंधित है। अन्‍य शब्‍दों में, यह दीर्घावधि निवेश करने के प्रयोजनों के लिए मुद्रा पूंजी जुटाने के कार्य से जुड़ा है। 

इस बाजार में कई व्‍यक्ति और संस्‍थाएं (सरकार सहित) शामिल हैं जो दीर्घावधि पूंजी की मांग और आपूर्ति को सारणीबद्ध करते हैं और उसकी मांग करते हैं। दीर्घावधि पूंजी की मांग मुख्‍य रूप से निजी क्षेत्र विनिर्माण उद्योगों, कृषि क्षेत्र, व्‍यापार और सरकारी एजेंसियों की तरफ से होती है। जबकि पूंजी बाजार के लिए निधियों की आपूर्ति अधिकतर व्‍यक्तिगत और कॉर्पोरेट बचतों, बैंकों, बीमा कंपनियां, विशिष्‍ट वित्‍त पोषण एजेंसियों और सरकार के अधिशेषों से होती है।
भारतीय पूंजी बाजार स्‍थूल रूप से गिल्‍ट एज्‍ड बाजार और औद्योगिक प्रतिभूति बाजार में विभाजित है -
  • उत्‍कृष्‍ट बाजार सरकार और अर्द्ध-सरकारी प्रतिभूतियों से संबंधित है जिसे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का समर्थन प्राप्‍त है। सरकारी प्रतिभूतियां सरकार द्वारा जारी की गई बिक्री योग्‍य ऋण लिखते हैं, जो इसकी वित्‍तीय जरुरतों को पूरा करती हैं। 'उत्‍कृष्‍ट' शब्‍द का अर्थ है 'सर्वोत्‍तम क्‍वालिटी'। इसी कारण सरकारी प्रतिभूतियों को बाकीदारी का कोई जोखिम नहीं उठाना पड़ता और इनसे काफी मात्रा में नकदी प्राप्‍त होती है (क्‍योंकि इसे बाजार में चालू मूल्‍यों पर बड़ी आसानी से बेचा जा सकता है।) भारतीय रिजर्व बैंक के खुले बाजार संचालन की ऐसी प्रतिभूतियों में किए जाते हैं। 
  • औद्योगिक प्रतिभूति बाजार ऐसा बाजार है जो कंपनियों की इक्विटियों और ऋण-पत्रों (डिबेंचरों) का लेन-देन करता है। इसे आगे प्राथमिक बाजार और द्वितीयक बाजार में विभाजित किया गया है।
  • प्राथमिक बाजार (नया निर्गम बाजार):- यह बाजार नई प्रतिभूतियों अर्थात् ऐसी प्रतिभूतियां जो पहले उपलब्‍ध नहीं थी और निवेश करने वाली जनता को पहली बार पेश की गई हैं, का लेन-देन करता है। यह बाजार शेयरों और डिबेचरों के रूप में नए सिरे से पूंजी जुटाने के लिए है। यह निर्गमकर्ता कंपनी को नया उद्यम शुरू करने अथवा मौजूदा उद्यम का विस्‍तार करने अथवा उसमें विविधता लाने के लिए अतिरिक्‍त धनराशि प्रदान करता है, और इस प्रकार कंपनी के वित्‍त पोषण में इसका योगदान प्रत्‍यक्ष है। कंपनियों द्वारा नई पेशकश या तो प्रारम्भिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) अथवा राइट्स इश्‍यु के रूप में की जाती हैं।
  • द्वितीयक बाजार/शेयर बाजार (पुराना निर्गम बाजार अथवा शेयर बाजार):- यह वर्तमान कंपनियों की प्रतिभूतियों की खरीद और बिक्री का बाजार है। इसके तहत प्रतिभूतियों का लेन-देन प्राथमिक बाजार में जनता को पहले इनकी पेशकश करने और/अथवा शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने के बाद ही किया जाता है। यह एक संवेदी बेरोमीटर है और विभिन्‍न प्रतिभूतियों के मूल्‍यों में उतार-चढ़ाव के माध्‍यम से अर्थव्‍यवस्‍था की प्रवृत्तियों को परिलक्षित करता है। इसे ''व्‍यक्तियों को एक निकाय, चाहे निगमित हो अथवा नहीं, जो प्रतिभूतियों की खरीद बिक्री और लेन-देन के व्‍यवसाय में सहायता देना, उसे विनियमित अथवा नियमित करने के लिए गठित किया गया है'' के रूप में परिभाषित किया गया है। शेयर बाजार में सूचीबद्धता शेयर धारकों को शेयर की कीमतों में घट-बढ़ की कारगार ढंग से निगरानी करने में समर्थ बनाती है। इससे उन्‍हें इस संबंध में विवकेपूर्ण निर्णय लेने में मदद मिलती है कि क्‍या वे अपनी धारिताओं को बनाए रखें अथवा बेच दे अथवा आगे और भी संचित कर लें। लेकिन शेयर बाजार प्रतिभूतियों को सूचीबद्ध कराने के लिए निर्गमकर्ता कंपनियों को कई निर्धारित मानदण्‍डों और प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है।
विनियामक ढांचा
भारत में, पूंजी बाजार आर्थिक कार्य विभाग वित्‍त मंत्रालय के पूंजी बाजार प्रभाग द्वारा विनियमित किया जाता है। यह प्रभाग प्रतिभूति बाजरों (अर्थात् शेयर, ऋण और व्‍युत्‍पन्‍न) की सुव्‍यवस्थित संबृद्धि और विकास और साथ ही साथ निवेशकों के हितों की सुरक्षा से संबंधित नीतियां तैयार करने के लिए जिम्‍मेदार है। विशेष रूप से , यह निम्‍नलिखित के लिए जिम्‍मेदार है (i) प्रतिभूति बाजारों में संस्‍थागत सुधार, (ii) विनियामक और बाजार संस्‍थाओं की स्‍थापना, (iii) निवेशक सुरक्षा तंत्र को मजबूत बनाना,और (iv) प्रतिभूति बाजारों के लिए सक्षम विधायी ढांचा प्रदान करना, जैसे कि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड अधिनियम, 1992 (सेबी अधिनियम 1992); प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956; और निक्षेपागार (डिपाजिटरी) अधिनियम, 1996.यह प्रभाग इन विधानों और इनके तहत बनाए गए नियमों की प्रशासित करता है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) एक विनियामक प्राधिकरण है जिसकी स्‍थापना प्रतिभूतियों में निवेशकों के हितों की सुरक्षा करने एवं पूंजी बाजार के विकास को बढ़ावा देने के लिए सेबी अधिनियम, 1992 के अधीन की गई थी। इसके कार्यों में शेयर बाजारों के व्‍यापार को विनियमित करना; शेयर दलालों, शेयर हस्‍तांतरण एजेंटों, व्‍यापारी बैंकरों, हामीदारों आदि का निरीक्षण करना; तथा प्रतिभूति बाजारों की अनुचित व्‍यापार प्रणालियों का निषेध करना शामिल है। सेबी के निम्‍नलिखित विभाग द्वितीयक बाजार के कार्यकलापों की निगरानी करते हैं:-
  • बाजार मध्‍यवर्ती पंजीकरण एवं पर्यवेक्षण (एम आई आर एस डी) बाजारों के सभी खण्‍डों जैसे कि इक्विटी, इक्विटी व्‍युत्‍पन्‍नों, ऋण और ऋण से संबंधित व्‍युत्‍पन्‍नों के संबंध में सभी बाजार मध्‍यवर्तियों के पंजीकरण, पर्यवेक्षण, अनुपालना निगरानी और निरीक्षण से संबंधित हैं। 
  • बाजार विनियमन विभाग (एन आर डी) यह नई नीतियां तैयार करने, प्रतिभूति बाजारों, उनके सहायक बाजारों और बाजार संस्‍थाओं जैसे कि समशोधन और निपटान संगठन और निक्षेपागार की कार्यप्रणाली और संचालनों (व्‍युत्‍पन्‍नों से संबंधित संचालनों को छोड़कर) को निरीक्षण से संबंधित है।
  • व्‍युत्‍पन्‍न और नए उत्‍पाद विभाग (डी एन पी डी) यह विभाग शेयर बाजारों के व्‍युत्‍पन्‍न खंडों में लेन-देन का निरीक्षण करने, लेन-देन किए जाने वाले नए उत्‍पादों को शुरू करने और परिणामी नीतिगत परिवर्तन करने के कार्य से संबंधित है। 
नीतिगत उपाय और पहलें
पूंजी बाजार के प्राथमिक और द्वितीयक खंडों में वित्‍तीय और विनियामक सुधार करने के लिए सरकार ने, समय-समय पर, कई पहलें शुरू की हैं। मुख्‍य तौर पर इन उपायों का उद्देश्‍य देश के पूंजी बाजार में निवेशकों (घरेलू और विदेशी दोनों) का विश्‍वास कायम रखना है।
वर्ष 2006-07 के दौरान प्राथमिक बाजार में शुरू की गई नीतिगत पहलें निम्‍नलिखित हैं:-
  • सेबी ने भारत में जमाकर्ताओं को रसीदें जारी करने की इच्‍छुक कंपनियों के प्रकटीकरणों और अन्‍य संबंधित अपेक्षाओं की अधिसूचित किया है। इसे यह अधिदेश दिया गया है कि:- (i) निर्गमकर्ता अपने देश में सूचीबद्ध होना चाहिए; (ii) यह किसी भी विनियामक निकाय द्वारा वर्जित नहीं किया गया होना चाहिए; और (iii) उनका प्रतिभूति बाजार विनियमों का अनुपालन करने का अच्‍छा ट्रैक रिकॉर्ड होना चाहिए. 
  • निरन्‍तर सूचीबद्ध रहने की एक शर्त के तौर पर सूचीबद्ध कंपनियों को, जारी किए गए कुल शेयरों के 25 प्रतिशत की सार्वजनिक शेयरधारिता न्‍यूनतम स्‍तर पर बनाए रखना होगी। इसके कुछ अपवाद हैं:- (i) वे कंपनियां जिन्‍हें प्रतिभूति संविदा (विनियम) नियमावली, 1957 के अनुसार 10 प्रतिशत से अधिक लेकिन 25 प्रतिशत से कम का स्‍तर बनाए रखना अपेक्षित है; और (ii) वे कंपनियां जिनके दो करोड़ अथवा इससे अधिक सूचीबद्ध शेयर और 1,000 करोड़ रुपए अथवा उससे अधिक और बाजार पूंजी है। 
  • सेबी द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्गमकर्ताओं से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने पेशकश प्रलेख के आवरण पृष्‍ठ पर इस बात का उल्‍लेख करें कि क्‍या उन्‍होंने रेटिंग एजेंसियों से आईपीओ (आरम्भिक सार्वजनिक पेशकश) ग्रेडिंग के लिए विकल्‍प दिया है। यदि निर्गमकर्ता ग्रेडिंग का विकल्‍प देते हैं तो उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे विवरण पत्रिका में अस्‍वीकृत ग्रेडों सहित ग्रेडों का प्रकटीकरण करें। 
  • सेबी ने निधियां जुटाने की एक त्‍वरित और किफायती प्रणाली जिसे पात्र संस्‍थागत नियोजन (क्‍युआईपी)कहा जाता है, की सुविधा प्रदान की है, जिसमें भारतीय प्रतिभूति बाजार से प्रतिभूतियों के निजी नियोजन अथवा पात्र संस्‍थागत विक्रेता के परिवर्तनीय बॉण्‍डों के जरिए निधियां जुटाई जाती हैं। 
  • सेबी ने यह विनिर्दिष्‍ट किया है कि आरम्भिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) करने वाली गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के निर्गम-पूर्व शेयरों पर लॉक इन अवधि' न होने के लाभ को, जो इस समय उद्यम पूंजी निधियों (वीसीएफ)/विदेशी उद्यम पूंजी निवेशकों (एफवीसीआई) द्वारा धारित शेयरों के लिए उपलब्‍ध हैं, निम्‍नलिखित तक सीमित कर दिया जाएगा:- (i) सेबी को प्रारूप विवरणिका प्रस्‍तुत करने की तारीख को सेबी में कम से कम एक वर्ष से पंजीकृत वीसीएफ अथवा एफवीसीआई के द्वारा धारित शेयर; और (ii) सेबी में पंजीकृत वीसीएफ/एफवीसीआई को सेबी में प्रारूप विवरणिका प्रस्‍तुत करने की तारीख से पूर्व एक वर्ष की अवधि के दौरान परिवर्तनीय लिखतों के रूपातंरण पर जारी शेयर। 
  • सेबी ने, प्रतिभूतियों के निर्गम की आयोजना करने वाली कंपनियों द्वारा निर्गम-पूर्व प्रचार को नियंत्रित करने के लिए प्रकटीकरण और निवेशक सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशोंमें संशोधन करके निर्गम पूर्व प्रचार पर प्रतिबंध को लागू किया है। प्रतिबंधों में, अन्‍य बातों के साथ-साथ निर्गमकर्ता कंपनी से यह अपेक्षा की जाती है कि वह इस बात को सुनिश्चित करे कि इसका प्रचार विगत प्रणालियों के सुसंगत है, उसमें कोई ऐसे पूर्वानुमान/ अनुमान/सूचना निहित नहीं है जो सेबी में प्रस्‍तुत किए गए पेशकश प्रलेख से अलग हो।
इसी प्रकार वर्ष 2006-07 के दौरान द्वितीयक बाजार में शुरू की गई नीतिगत पहले निम्नलिखित हैं:-
  • वर्ष 2005 से नकदी बाजार के टी+2 चल निपटान परिदृश्‍य में लागू व्‍यापक जोखिम प्रबंधन प्रणाली के भ्रम में, शेयर बाजारों को सलाह दी गई है कि वे व्‍यापार शुरू करने के पिछले दिवस के समापन मूल्‍य और प्रात: 11 बजे, दोपहर 12.30 बजे, 2.00 बजे के मूल्‍यों और व्‍यापारी सत्र की समाप्ति पर मूल्‍य को हिसाब में लेते हुए, लागू जोखिम पर मूल्‍य ( वीएआर) के मार्जिन को एक दिन में कम से कम 5 बार अद्यतन करें। ऐसा, जोखिम प्रबंधन ढांचे को नकदी और व्‍युत्‍पन्‍न बाजारों के साथ जोड़ने के लिए किया गया है। 
  • अपने ग्राहक को पहचानेंसंबंधी मानदंडों को सुदृढ़ बनाने और प्रतिभूति बाजार में लेन-देन की एक ठोस लेखा-परीक्षा प्रणाली स्‍थापित करने के लिए दृष्टि से लाभानुभोगी मालिक का खाता खोलने और नकदी खंड में लेन-देन करने के लिए 1 जनवरी, 2007 से स्‍थाई लेखा संख्‍या (पैन) को अनिवार्य बना दिया गया है। 
  • सेबी ने, कॉर्पोरेट बाण्‍डों के लेन-देन के लिए एक सम्मिलित मंच का निर्माण करने के प्रस्‍ताव को कार्यान्वित करने की दृष्टि से यह विनिर्दिष्‍ट किया है कि बीएसई लिमिटेड कॉर्पोरेट बाण्‍ड सूचना मंच की स्‍थापना करेगा और उसका रखरखाव करेगा। सभी संस्‍थाओं जैसे कि बैंकों, सरकारी क्षेत्र उद्यमों, नगर निगमों, निगमित (कॉर्पोरेट) निकायों और कंपनियों द्वारा जारी की गई सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों के सभी लेन-देन की सूचना दी जाएगी। 
  • भारतीय प्रतिभूति बाजार की आधारभूत ढांचा कंपनियों में विदेशी निवेश संबंधी भारत सरकार की नीति के अनुरूप शेयर बाजारों, निक्षेपगार और समाशोधन निगमों में विदेशी निवेश की सीमाएं इस प्रकार विनिर्दिष्‍ट की गई है:- (i) इन कंपनियों में 26 प्रतिशत की पृथक विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश (एफडीआई) सीमा और 23 प्रतिशत विदेशी संस्‍थागत निवेश (एफआईआई) सीमा के साथ 49 प्रतिशत तक विदेशी निवेश की अनुमति दी जाएगी। (ii) एफडीआई की अनुमति विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) के विशेष पूर्वानुमोदन पर दी जाएगी; (iii) एफडीआई की अनुमति केवल द्वितीयक बाजार में खरीदों के माध्‍यम से दी जाएगी; और (iv) एफआईआई निदेशक मंडल में प्रतिनिधित्‍व की मांग नहीं करेगा और न ही उसे प्रतिनिधित्‍व प्राप्‍त होगा। 
  • एफआईआई निवेश के आवेदन की प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है और एचआईआई के तहत निवेश की नई श्रेणियों (बीमा और पुनर्बीमा कंपनियां, विदेशी सेंट्रल बैंक, निवेश प्रबंधक, अंतरराष्‍ट्रीय संगठन) को शामिल किया गया है। 
  • म्‍युचुअल फंडों की प्रारम्भिक निर्गम खर्च और लाभांश वितरण प्रक्रिया को युक्तिसंगत कर दिया गया है। 
  • म्‍युचुअल फंडों को स्‍वर्ण विनिमय व्‍यापारिक निधियां लागू करने की अनुमति दी गई है। 
  • सरकारी प्रतिभूति बाजार में, भारतीय रिजर्व बैंक ने राजकोषीय उत्‍तरदायित्‍व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम (एचआरबीएम)के उपबंधो के अनुसार केंद्र सरकार नके प्राथमिक निर्गमों में भाग लेना छोड़ दिया है। 
  • विदेशी संस्‍थागत निवेशकों को प्रतिभूति प्राप्तियों में निवेश की अनुमति दी गई है।
इस प्रकार, पूंजी बाजार देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में एक महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा करता है जैसा कि यह वास्‍तविक बचतों की मात्रा बढ़ाता है; निवेश की जाने योग्‍य निधियों का आबंटन बढ़ाकर निवेशों की क्षमता को बढ़ाता है; और अर्थव्‍यवस्‍था में पूंजी की लागत को कम करता है।

Thursday, 22 October 2015

डीमैट अकाउंट क्या है

डीमैट अकाउंट  क्या है 

डीमैट वो अकाउंट है जिसके द्वारा या शेयर बाजार में खरीदफरोख्त की जाती हैं, इसे खुलवाने के लिए पैन कार्ड होना जरुरी होता है, इसे आपके बैंक खाते से जोड़ दिया जाता है|

कुछ साल पहले तक अगर आप किसी कंपनी का शेयर ख़रीदते थे तो वह आप को उस के कागज़ भेजती थी जो इस बात का सबूत होते थे कि आपने उस कंपनी के शेयर ख़रीदे हैं और जब आप उस कपंनी के शेयर बेच देते थे तो वह कागज़ आप कंपनी के दफ्तर भेज देते थे फिर कंपनी यह देखती थी कि जब आप ने शेयर बेचे तो शेयर का क्या भाव था फिर आप को वह पैसे देती थी-जिस में बहुत वक़्त लगता है|

अब सब कंप्यूटर की मदद से होता है, आपने जैसे ही शेयर खरीदा वह आपके अकाउंट में कुछ देर में ही आजायेगा और जैसे ही आप ने शेयर बेचा आपका पैसा आपके बैंक अकाउंट में भेज दिया जाएगा|

कितना खर्च आएगा?

अकाउंट खुलवाने का खर्च 300-700 रुपए के बीच होता है।

क्या एक से ज्यादा डीमैट अकाउंट रख सकते हैं?

आप एक साथ कई डीमैट अकाउंट रख सकते हैं। लेकिन एक कंपनी में आप अधिकतम तीन अकाउंट खुलवा सकते हैं।

कौन खोलता है डीमैट अकाउंट?

भारत में इन दो संस्थाओं पर डीमैट अकाउंट खोलने की जिम्मेदारी है ?

नेशनल सेक्योरिटीज डिपोज्रिटी लिमिटेड (एनएसडीएल) एवं सेंट्रल डिपोज्रिटी सर्विसेज लिमिलटेड (सीएसडीएल)।

इन डिपोज्रिटीज के करीब 500 से ज्यादा एजेंट हैं जिन्हें डिपोज्रिटी पार्टिसिपेंट्स (डीपी) कहा जाता है। यह जरूरी नहीं है कि डीपी कोई बैंक ही हो। दूसरी वित्तीय संस्थाएं (जैसे शेयर खान, रिलायंस मनी, इंडिया इनफोलाईन आदि) के पास भी डी-मैट अकाउंट खोला जा सकता है।

यह जानना जरूरी है कि जो व्यक्ति खुद शेयर खरीदते-बेचते नहीं हैं उनके ब्रोकर प्रतिनिधि के रूप में खाते का इस्तेमाल कर सकते हैं इन ब्रोकर्स को आप के शेयर ख़रीदने या बेचने पर कुछ फीस मिलती है - कई बार कुछ ब्रोकर इस मुनाफे के लिए आप से बिना पूछे आपका शेयर बेच देते है इसलिए आप अपना ब्रोकर चुनते वक्त सावधानी रखे और अगर आप और आप के ब्रोकर में किसी बात पर लड़ाई है तो आप इस की शिकायत सेबी में कर सकते हैं|

डी-मैट खाता खुलवाने वाले व्यक्ति से डीपी कई तरह के फीस वसूलता है। यह फीस कंपनी दर कंपनी अलग हो सकती है।

अकाउंट ओपनिंग फीस खात खुलवाने के लिए वसूला जाने वाला फीस। कुछ कंपनियां (जैसे आईसीआईसीआई, एचडीएफसी, यूटीआई आदि) यह फीस नहीं लेती है। जबकि कुछ (एसबीआई और कार्वी कंसलटेंट्स आदि) इसे वसूलती हैं। वैसे कुछ कंपनियां इसे रिफंडेबल (खाता बंद कराने पर लौटा देती हैं) भी रखती हैं।

एनुअल मेंटेनेंस फीस सालाना फीस जिसे फोलियो मेंटेनेंस चार्ज भी कहते हैं। आमतौर पर कंपनी यह फीस साल के शुरुआत में ही ले लेती है।

कसटोडियन फीस कंपनी इसे हर महीने ले सकती है या फिर एक बारी में ही। यह फीस आपके शेयरों की संख्या पर निर्भर करता है।

ट्रांजेक्शन फीस डीपी चाहे तो इसे हर ट्रांजेक्शन पर चार्ज कर सकता है या फिर चाहे तो ट्रेडिंग की राशि पर (न्यूनतम फीस तय कर)।

इनके अलावा कंपनी

री-मैट,

डी-मैट,

प्लेज चार्जेज,

फील्ड इंस्ट्रक्शन चार्जेज आदि भी वसूल सकती हैं

मन में एक और प्रश्न उठता है कि क्या आप एक डीमैट अकाउंट बंद कर किसी और ब्रोकर के पास नया डीमैट अकाउंट अकाउंट खुलवा सकते है?

इसका उत्तर हां| यह किया जा सकता है अगर आप को लगता है आप का ब्रोकर आप से ज्यादा चार्ज ले रहा है तो आप उस के पास अपना अकाउंट बंद कर नया अकाउंट खुलवा सकते है या आप का ट्रांसफर कहीं हो गया है जहां आप का ब्रोकर आप को अपनी सुविधा नहीं दे पा रहा तब भी आप ऐसा कर सकते है, यह आप पर निर्भर है आप ऐसा क्यों करना चाहते हैं।

क्या आप एक डीमैट अकाउंट किसी और के नाम कर सकते है ?

नहीं, आप एक डीमैट अकाउंट किसी और के नाम नहीं कर सकते है पर आप उसमें के शेयर किसी और व्यक्ति को दे सकते है या उस के अकाउंट में ट्रान्सफर कर सकते है पर इस के लिए उस व्यक्ति का डीमैट अकाउंट होना जरुरी है|

क्या आप का जॉइंट डीमैट अकाउंट खोला जा सकता है ?

जी हां,

शेयर कितने प्रकार के होते है ?

कॉमन शेयर – इन्हें कोई भी व्यक्ति खरीद सकता है|

राइट्स इशू या शेयर -यह उन लोगो के लिए होता है जिन के पास उस कंपनी के शेयर पहले से है, मान लें किसी कंपनी के शेयर का भाव इस वक़्त 20 रूपये है पर जिन लोगो के पास कंपनी के शेयर पहले से है वो लोग अपने हर एक शेयर के बदले एक शेयर ख़रीद सकते हैं वह भी 18 रुपये में तो इन शेयर को राइट्स इशू या शेयर कहेंगे|

बोनोस शेयर- मान लें किसी कंपनी ने इस साल अच्छा मुनाफा कमाया तो वह उस मुनाफे का कुछ हिस्सा अपने शेयर धारको में बाँटन चाहती है, पर वह उन्हें उस के बदले पैसा नहीं देना चाहती तो वह उतने पैसे के कुछ और शेयर उस आदमी को दे देगी| कई बार कंपनी यह शेयर धारको पर छोड़ देती है या तो वह पैसा ले ले या शेयर।

अगर आप ने पैसा लिया है तो उस बोनोस या डिविडेंड कहा जायेगा|


प्रिफर्ड शेयर- यह वह शेयर होता है जो कंपनी कुछ खास लोगो के लिए लाती है ,मान ले कोई कंपनी को पैसे की जरुरत है और वह मार्किट से कुछ पैसा जुटाना चाहती है तो वह जो शेयर जारी करेगी वह उन्हें खरीदने का पहला अधिकार कुछ खास लोगो को देंगे ,यह मान लें कि यहां  वह लोग उस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी है ,तो केवल उस कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी ही इन शेयर को खरीद सकते है, यह बहुत ज्यादा सुरक्षित शेयर होते है अगर कंपनी डूब भी जाये तब भी उन्हें इन शेयर धारको को उनका पैसा लौटना पड़ेगा ,चाहे इस के लिए कंपनी को अपनी ज़मीन ,मशीन ,बिल्डिंग ही क्यों न बेचनी पड़े ,पर दूसरे शेयर में ऐसा नहीं होता|

1.बैंक ऑफ़ बड़ोदा चिल्लर एप से जुड़ने वाला पहला PSU बैंक बना  
i.बैंक ऑफ बड़ौदा एचडीएफसी बैंक के बाद चिल्लर भुगतान मंच में शामिल होने वाला दूसरा बैंक बन गया है। यह मोबाइल आवेदन के माध्यम से सहकर्मी से सहकर्मी भुगतान को सक्षम बनाता है|


ii.केवल वो बैंक जो चिल्लर के साथ एकीकृत हैं वे धन प्रेषित करने के लिए एप्लीकेशन का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी बैंक के ग्राहक चिल्लर का उपयोग कर धन प्राप्त कर सकते हैं।
iii.इस एप्लिकेशन को वर्तमान में फंड ट्रांसफर के लिए एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है और शीघ्र ही आईओएस और विंडोज प्लेटफॉर्म के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

2.रिलायंस कैपिटल ने गोल्डमैन साक्श म्यूच्यूअल फंड कारोबार के अधिग्रहण की घोषणा की
i.भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी की अगुवाई वाले समूह की इकाई रिलायंस कैपिटल एसेट मैनेजमेंट (आरसीएएम) ने वैश्विक कंपनी गोल्डमैन साक्श के भारत में म्यूचुअल फंड कारोबार का 243 करोड़ रुपए में अधिग्रहण करने की 21 अक्टूबर 2015 को घोषणा की है|
ii.अधिग्रहण के तहत आरसीएएम 7,132 करोड़ रुपए की प्रबंधन अधीन परिसंपत्ति के साथ गोल्डमैन साक्श की सभी 12 म्यूचुअल फंड योजनाओं का अधिग्रहण करेगी| इस अधिग्रहण के साथ रिलायंस म्यूचुअल फंड सरकार की महत्वाकांक्षी सेंट्रल पब्लिक सेक्टर इंटरप्राइजेज (सीपीएसई) एक्सचेंज ट्रेडेड फंड की एकमात्र कोष प्रबंधक बन जाएगी|
iii.इसके साथ ही आरसीएएम की मूल कंपनी रिलायंस कैपिटल के अनुसार, दोनों कंपनियों के निदेशक मंडलों ने सौदे को मंजूरी दे दी है|

3.अनूप विकाल स्नेपडील के सीएफओ नियुक्त 
i.ई-कॉमर्स की अग्रणी कंपनी स्नेपडील ने अनूप विकाल को सीएफओ के रूप में नियुक्त किया है| अनूप विकाल आकाश मूंधरा का स्थान ग्रहण करेंगे|
ii.स्नेपडील में शामिल होने से पहले विकल ऐर्सल में सीएफओ के रूप में कार्यरत थे|

4.कनाडा इलेक्शन में 19 भारतीयों ने बजाया डंका, नए PM होंगे जस्टिन
i.कनाडा के संसदीय चुनाव में लिबरल पार्टी के जस्टिन ट्रूडो ने भारी जीत हासिल की है। जस्टिन ट्रूडो कनाडा के नए प्रधानमंत्री का पद संभालेंगे। वहीं, सबसे बड़ी बात यह है कि इस चुनाव में भारतीय मूल के 19 प्रत्याशी विजयी रहे, जिनमें 17 पंजाबी मूल के है।
ii.कनाडा की संसद में इस बार भारतीय कनाडाइयों की संख्या दोगुनी हो गई है। भारतीयों में लिबरल पार्टी के 15, कंजरवेटिव पार्टी के 3 और न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के एक को जीत मिली।
iii.338 सीटों वाली संसद के लिए हुए चुनाव में लिबरल पार्टी ने 184 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत हासिल किया।
iv.43 वर्षीय जस्टिन ट्रूडो कनाडा के दूसरे सबसे कम उम्र के पीएम होंगे। जीत के बाद जस्टिन ने खुशी में एयरपोर्ट पर भांगड़ा किया।

5.के चोकलिंगम को पॉल एच एप्प्लबी पुरस्कार से सम्मानित किया गया
i.प्रसिद्ध क्रिमिनोलॉजिस्ट के चोकलिंगम को लोक प्रशासन में प्रतिष्ठित सेवाओं के लिए अक्टूबर 2015 के चौथे सप्ताह में पॉल एच एप्प्लबी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है|
ii.यह पुरस्कार भारतीय लोक प्रशासन संस्थान (आईआईपीए) द्वारा प्रदान किया गया है| चोकलिंगम मद्रास यूनिवर्सिटी में क्रिमिनोलॉजी प्रोफेसर हैं तथा वर्ल्ड सोसाइटी ऑफ़ विक्टिमोलौजी के उपाध्यक्ष हैं|
iii.वे वर्ष 2012-14 तक नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, दिल्ली में क्रिमिनल लॉ के चेयर प्रोफेसर भी रहे| उन्हें वर्ष 1994 में सीनियर सोशल साइंटिस्ट ऑफ़ इंडियन सोसाइटी ऑफ़ क्रिमिनोलॉजी तथा वर्ष 1996 में इंटरनेशनल स्कॉलर अवार्ड ऑफ़ अमेरिकन सोसाइटी ऑफ़ क्रिमिनोलॉजी से भी सम्मानित किया गया|

6.रेवा खेत्रपाल होंगी दिल्ली की नई लोकायुक्त
i.दिल्ली की नई लोकायुक्त सेवानिवृत्त न्यायाधीश रेवा खेत्रपाल होंगी। आज उपराज्यपाल नजीब जंग के साथ दिल्ली उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी. रोहिणी, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंदर गुप्ता के साथ हुई बैठक में रेवा खेत्रपाल का नाम पर सहमति बन गई।
ii.मुख्यमंत्री अऱविंद केजरीवाल ने एलजी नजीब जंग को हाल में एक पत्र लिखा था, जिसमें दिल्ली के लोकायुक्त का नाम तय करने के लिए एक बैठक बुलाने का अनुरोध किया था। iii.लोकायुक्त का पद नवंबर 2013 से खाली है।

7.डी'विलियर्स बने एमआरएफ के ब्रांड एम्बेसडर
i.दक्षिण अफ्रीकी वन-डे टीम के कप्तान एबी डी'विलियर्स को बुधवार को टायर निर्माता कंपनी एमआरएफ का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया गया है। कंपनी ने उन्हें तीन वर्षों के लिए अनुबंधित किया है।
ii.डी'विलियर्स अब इस कंपनी के विज्ञापनों में इसके उत्पादों का प्रचार करते हुए नजर आएंगे। उनकी गिनती दुनिया के खतरनाक बल्लेबाजों में की जाती है। उनके नाम बिना शून्य के लगातार सबसे ज्यादा टेस्ट पारियां (78) खेलने का कीर्तिमान दर्ज है।
iii.दक्षिण अफ्रीका की तरफ से टेस्ट मैचों में दूसरा सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर (278 नाबाद) बनाने का कीर्तिमान भी उनके नाम दर्ज है। डी'विलियर्स के नाम वन-डे में सबसे तेज शतक का कीर्तिमान भी दर्ज है।

8.अनिल कुंबले रायपुर रेंजर्स के ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त
i.पूर्व भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी अनिल कुंबले को रायपुर रेंजर्स का ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया गया| रायपुर रेंजर्स, चैंपियंस टेनिस लीग (सीटीएल) की सदस्य टीम है| यह वर्ष 2015 में सीटीएल से संबध हुई|
ii.अभिषेक मिश्रा और चिन्मय तिवारी के सह मालिकाने वाली रायपुर रेंजर्स टीम में थॉमस मस्टर, एलिज कोर्नेट और रामनाथन रामकुमार जैसे खिलाड़ी शामिल है|

Wednesday, 21 October 2015

आइए जानें पीपीएफ और ईपीएफ

क्या होता है पीपीएफ ?

पीपीएफ का विस्तृत रूप  है "पब्लिक प्रॉविडेंट फंड" और इसे बहुत कम राशि में भी शुरू किया जाता है| यह छोटी बचत की सबसे पॉपुलर स्कीम है और इसका कारण इसमें ब्याज की दर बहुत अच्छी होती है और जब पैसे को निकाला जाता है तो उस पर टैक्स नहीं लगता| यह प्रॉविडेंट फंड (पीएफ) की ही तरह रिटायरमेंट के बाद जीवन यापन के लिए बेहतरीन योजना है|

इस स्कीम में इस साल ब्याज की दर 8.7 प्रतिशत है| ब्याज पर गणना हर साल होती है और वित्त वर्ष की समाप्ति पर आपके अकाउंट में डाल दी जाती है| इस पर ब्याज सरकारी बॉन्डों पर होने वाली आय से निर्धारित होती है|

पीपीएफ में अब अगर आप डेढ़ लाख रुपये तक लगाएंगे तो आपको 80सी के तहत इनकम टैक्स में छूट मिलेगी| जब यह राशि परिपक्व हो जाएगी तो आपको उसके ब्याज पर कोई टैक्स नहीं देना होगा| इस दृष्टि से यह बेहतरीन स्कीम है|

पीपीएफ अकाउंट 15 साल के लिए होता है लेकिन आप इसे पांच साल और आगे बढ़ा सकते हैं| उस पर भी ब्याज मिलता रहेगा| इसके लिए आप चाहें तो सिर्फ 500 रुपये सालाना लगाकर इस पर ब्याज उठाते रह सकते हैं|

अगर आप बीच की अवधि में पैसे निकालना चाहते हैं तो छठे साल से निकाल सकते हैं| आपको कुल जमा राशि का 50 प्रतिशत निकालने का अधिकार होगा| उसके बाद के साल में भी आप पैसे निकाल सकते हैं| आप इस राशि पर लोन भी ले सकते हैं लेकिन यह बैलेंस के 25 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए| इस पर आपको 2 प्रतिशत ब्याज 36 महीने तक देना होगा और उसके बाद की अवधि के लिए 6 प्रतिशत|

अकाउंट कहां खोलें 

इस स्कीम में आप अपना अकाउंट बैंक या अपने निकटतम डाकघर में खोल सकते हैं| वेतभोगी वर्ग के लिए इससे बढ़िया बचत योजना कोई नहीं है और इसलिए एक व्यक्ति को एक से ज्यादा अकाउंट खोलने की इजाजत नहीं है|

EPF अकाउंट के निष्क्रिय होने पर नहीं मिलता ब्याज

एक व्यक्ति जो 2011 से नौकरी पर नहीं हैं। उनके एंप्लॉयी प्रविडेंट फंड (ईपीएफ) अकाउंट में रकम जस की तस है क्योंकि वह चाहते थे कि इस पर तीन साल तक इंटरेस्ट मिलता रहे, जिसकी इजाजत कानून देता है। हालांकि अब उनके ईपीएफ अकाउंट में पड़े 9 लाख रुपये पर ब्याज नहीं जुड़ रहा है। उन्होंने पैसा नहीं निकाला और इस तरह सालाना ब्याज के रूप में उन्हें 80,000 रुपये की चपत लग रही है, जो उन्हें यह रकम कहीं और निवेश करने पर मिलती। फाइनैंस मिनिस्ट्री के अनुसार, ईपीएफओ के पास ऐसे 9,000 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड पड़े हुए हैं।

पिछले साल बजट स्पीच में फाइनैंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने सीनियर सिटिजन वेलफेयर फंड का प्रस्ताव किया था ताकि पेंशनर्स, छोटे और सीमांत किसानों तथा दूसरे लोग जो प्रीमियम चुकाते हैं, उसे सब्सिडाइज्ड किया जाए। हालांकि फाइनैंस मिनिस्टर पीपीएफ के अनक्लेम्ड 3,000 करोड़ रुपये और पीपीएफ के ऐसे 6,000 करोड़ रुपयों का इस्तेमाल इस काम में करना चाहते हैं। जेटली का प्रस्ताव तभी लागू होगा, जब उस पर संसद की मुहर लगे, लेकिन जिन ईपीएफ और पीपीएफ अकाउंट होल्डर्स ने अपनी रकम क्लेम नहीं की है, उनके लिए चिंता की दूसरी वजहें हैं। 

सर्वश्रेष्ठ उदहारण : 29 साल की भाविनी ने परिवार संभालने की जिम्मेदारियों को देखते हुए नौकरी छोड़ी थी। हालांकि उन्होंने ईपीएफ का अपना पैसा नहीं निकाला। अपने अकाउंट में पड़े 80,000 रुपयों को उन्होंने अगर पीपीएफ में भी रीइनवेस्ट किया होता तो उस पर उन्हें 7,000 रुपये सालाना ब्याज मिलता। अगर उन्होंने अपना पैसा फंड्स में लगाया होता तो रिटर्न 12 से 15 पर्सेंट तक रहा होता।

पैसा वापस पाने का तरीका

अगर पिछले 36 महीनों से अपने ईपीएफओ अकाउंट में आपने कॉन्ट्रिब्यूशन नहीं किया हो, यह निष्क्रिय हो जाएगा और इस पर ब्याज नहीं मिलेगा। अगर अकाउंट डिटेल्स आपके पास हों, तो ईपीएफओ वेबसाइट पर जाकर क्लेम फॉर्म भरें और इसे ईपीएफओ ऑफिस में जमा करें। अगर डिटेल्स न हों तो आप वेबसाइट पर ऑनलाइन हेल्पडेस्क ऑप्शन यूज कर सकते हैं।

दूसरे लोगों को पैसा निकालने के लिए फॉर्म 19 भरना होगा, जो उनके पिछले एंप्लॉयर या ईपीएफओ की वेबसाइट पर मिलेगा। फॉर्म 19 जमा करने पर आपका पुराना एंप्लॉयर इसे अटेस्ट करेगा और ईपीएफओ के पास भेजेगा। आपको रेजिग्नेशन एक्सेप्टेंस लेटर और एक कैंसल्ड चेक जैसे कुछ दूसरे डॉक्युमेंट्स भी जमा करने होंगे।

ईपीएफ से पैसे निकालने या ट्रांसफर करने की प्रक्रिया की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध है। अगर आपके पास पिछले साल लॉन्च किया गया 12 डिजिट वाला यूनिवर्सल अकाउंट नंबर हो, तो आप ऑनलाइन रूट से काम कर सकते हैं।

निष्क्रिय PPF अकाउंट को कैसे करें ऐक्टिव

अगर किसी साल आप पीपीएफ अकाउंट में पैसे जमा न कर पाएं तो यह इन-ऑपरेटिव हो जाता है। इसे ऐक्टिव करने के लिए आपको 500 रुपये प्रति साल की दर से छूट गए हर फाइनैंशल इयर के लिए रकम जमा करनी होगी। 

रीऐक्टिवेशन के लिए आपको अपने संबंधित पोस्ट ऑफिस या बैंक की ब्रांच में जाना होगा, जहां आपका अकाउंट हो। वहां आपको एक लेटर जमा करना होगा। आपको पीपीएफ अकाउंट में मिनिमम 500 रुपये हर साल जमा करने होते ही हैं, तो वह रकम भी नए सिरे से शुरुआत करते वक्त जमा करनी होगी। साथ ही, हर डिफॉल्टिंग इयर के लिए 50 रुपये की पेनल्टी भी देनी होगी।

मच्योर हो चुके अकाउंट को रीऐक्टिवेट नहीं कराया जा सकता है। हालांकि अमाउंट क्लेम करने के लिए पेनल्टी देनी होगी।

1.प्रधानमंत्री ने किया आईडीएफसी बैंक का उद्घाटन
i.प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार ने बैंकिंग क्षेत्र में सुधार के कई कदम उठाए हैं जिनमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी डाले जाने, शीर्ष प्रबंधन पद पर नियुक्ति संबंधी नियमों में बदलाव तथा कालाधन की समस्या पर अंकुश लगाने के लिये कागज-रहित लेन-देन की शुरूआत जैसे उपाय शामिल हैं|

ii.प्रधानमंत्री ने कहा कि अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ पूरा बैंकिंग क्षेत्र महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रहा है| मोदी ने यहां आईडीएफसी बैंक के उद्घाटन के मौके पर कहा, ‘बैंकिंग क्षेत्र में बदलाव दिख रहा है. मोबाइल बैंकिंग आ रही है. बैंक परिसर रहित और कागज रहित होंगे.’’  
iii.उन्होंने कहा, ‘‘हमें देश को इस दिशा में ले जाना है. जैसे ही हम प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं, हम कागज रहित बैंक, मुद्रा-विहीन कारोबार की ओर बढ़ते हैं. इससे कालाधन की आशंका धीरे-धीरे खत्म हो जाएगी.’’ प्रधानमंत्री ने बैंकों को ग्रामीण क्षेत्रों पर ध्यान देने की बात पर जोर दिया क्योंकि इन क्षेत्रों में अपार संभावना है|
2.आरबीआई, सेंट्रल बैंक आफ यूएई ने सूचना आदान-प्रदान के लिये समझौते किये
i.भारतीय रिजर्व बैंक ने संयुक्त अरब अमीरात के सेंट्रल बैंक के साथ सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिये समझौता किया है। रिजर्व बैंक ने एक अधिसूचना में आज कहा, ‘‘रिजर्व बैंक ने आज सेंट्रल बैंक आफ यूएई के साथ सहमति पत्र पर दस्तखत किये हैं।
ii.यह समझौता सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिये किया गया है।’’ सहमति पत्र पर सेंट्रल बैंक आफ यूएई की तरफ से सहायक गवर्नर सईद अब्दुल्ला अल हामीज तथा रिजर्व बैंक की तरफ से कार्यकारी निदेशक मीना हेमचंद्र ने दस्तखत किये।
3.नाटो ने इटली में ट्राईडेंट जंक्चर सैन्य अभ्यास आरंभ किया
i.उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने सहयोगी सदस्यों एवं साथी राष्ट्रों के साथ इटली स्थित ट्रापानी एयर फोर्स बेस पर संयुक्त सैन्य अभ्यास (ट्राईडेंट जंक्चर) आरंभ किया है| यह संयुक्त सैन्य अभ्यास 6 नवम्बर 2015 को समाप्त होगा|
ii.तीन सप्ताह तक चलने वाले इस सैनिक अभ्यास में 30 से अधिक देशों के 36000 सैनिक इटली, स्पेन एवं पुर्तगाल में सैन्य अभ्यास करेंगे| 
iii.ट्राइडेंट जंक्चर पिछले एक दशक में नाटो का सबसे बड़ा सैन्य अभ्यास है, इससे तत्परता एवं साथ काम करने की क्षमता में वृद्धि होगी| इसमें यह भी दर्शाया जायेगा कि नाटो किसी भी स्थिति में जवाबी करवाई कर सकता है| 
iv.यह युद्धाभ्यास अगले वर्ष नाटो रिस्पांस फोर्स मुख्यालय और उच्च तत्परता वाली सेना के कार्यों को भी प्रमाणित करने में सहायता करेगा|
4.मेलबर्न मर्सर ग्लोबल पेंशन इंडेक्स रिपोर्ट 2015 जारी
i.वर्ष 2015 की मर्सर ग्लोबल पेंशन इंडेक्स (एमएमजीपीआई) रिपोर्ट जारी की गयी है| रिपोर्ट के इस सातवें संस्करण में 40 से अधिक संकेतकों को 25 देशों के सेवानिवृत्ति आय सिस्टम को मापा गया है| इसमें शामिल उपसंकेतक हैं पर्याप्तता, स्थिरता और अखंडता| 
ii.वर्ष 2015 की रिपोर्ट में डेनमार्क को सबसे उत्तम सेवानिवृत्ति प्रणाली वाला देश बताया गया है| डेनमार्क को लगातार चौथी बार 81.7 अंकों के साथ यह स्थान प्राप्त हुआ है|
iii.25 देशों में किये गये इस अध्ययन से यह पता चला है कि विश्व भर में सेवानिवृत्ति प्रणाली में काफी अंतर है| इनमें भारत 40.3 अंकों के साथ सबसे निचले स्तर पर है, जबकि 81.7 अंकों के साथ डेनमार्क प्रथम स्थान पर है| 
5.वीके मल्होत्रा बने स्पोर्ट्स काउंसिल के चीफ
i.वरिष्ठ खेल प्रशासक विजय कुमार मल्होत्रा को सरकार ने ऑल इंडिया स्पोर्ट्स काउंसिल का प्रमुख नियुक्त कर दिया है। 
ii.इस काउंसिल में सदस्य के तौर पर सचिन तेंदुलकर और विश्वनाथन आनंद सहित कई नामी खेल हस्तियां जुड़ी हुई हैं। (अमर उजाला इस आशय की खबर पहले ही दे चुका है।) 
iii.वीके मल्होत्रा को राज्यमंत्री का दर्जा दिया जाएगा। भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव राजीव मेहता ने स्पोर्ट्स काउंसिल का अध्यक्ष बनने पर वीके मल्होत्रा को बधाई देते हुए कहा कि वह भारत में खेल प्रशासन के दिग्गज हैं। आईओए कोषाध्यक्ष अनिल खन्ना ने भी मल्होत्रा की नियुक्ति का स्वागत किया है।
6.उर्वशी रौतेला बनीं मिस डिवा 2015
i.मॉडल – अदाकारा उर्वशी रौतेला यामहा फेसकिनो मिस डिवा 2015 चुनी गयी हैं। उत्तराखंड की 21 वर्षीय उर्वशी ने 2013 में सन्नी देओल अभिनीत ‘सिंह साब द ग्रेट’ से बॉलीवुड में कदम रखा था। मिस यूनिवर्स 2015 स्पर्धा में वह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी।
ii.बेंगलूर की नताशा अस्सादी दूसरे स्थान पर रहीं वहीं औरंगाबाद की नवेली देशमुख ने तीसरा स्थान हासिल किया।
iii.स्पर्धा के लिए चयन मंडल में अदाकारा कंगना रानौत, इरफान, लारा दत्त, विकास बहल और डिजाइनर जोड़ी शांतनु, निखिल शामिल थी।
7.एपसेज़ ने आईपीजीए के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये
i.गुजरात आधारित अडानी पोर्ट्स स्पेशल इकनोमिक ज़ोन (एपसेज़) ने भारतीय दलहन एवं अनाज एसोसिएशन (आईपीजीए) के साथ समझौता किया है| इसका उद्देश्य देश में मौजूद दालों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है|
ii.अडानी बंदरगाहों का उपयोग करके देश में दालों की सुविधाजनक उपलब्धता कराने के लिए यह समझौता किया गया है| 
iii.इसके अतिरिक्त कंपनी ने अन्य एजेंसियों से प्रबंधन सेवाओं के लिए भी समझौता किया है|
iv.वर्तमान में, भारत घरेलू खपत के लिए लगभग पांच मिलियन टन दालों का कनाडा, ऑस्ट्रेलिया एवं काला सागर क्षेत्र से आयात करता है|
8.आदित्य बिड़ला समूह ने ऑनलाइन फैशन स्टोर एबोफ डॉट कॉम का शुभारंभ किया
i.ई-कॉमर्स व्यापार में आए उछाल का लाभ उठाने के लिए आदित्य बिड़ला ग्रुप ने नए ऑनलाइन फैशन स्टोर एबोफ डॉट कॉम का शुभारंभ किया है| (www.abof.com) डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट एबोफ डॉट कॉम नाम का पोर्टल आदित्य बिड़ला समूह और अन्य कंपनियों को ब्रांडों की आपूर्ति करेगा|
ii.एबोफ (आल अबाउट फैशन) पुरुषों और महिलाओं के परिधान, जूते और अन्य सामान की खरीददारी के लिए बेहद फैशन पोर्टल है| 
iii.इस पोर्टल का लक्ष्य युवा उपभोक्ताओं को लुभाना और गुणवत्ता युक्त टिकाऊ परिधानों के संग्रह पर ध्यान केंद्रित करना है| यह पोर्टल उपभोक्ताओं को खरीददारी पर किसी भी प्रकार की छूट नहीं देगा|

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