Sunday, 9 October 2016

आजादी के समय से भारतीय वायु सेना पाकिस्तान के साथ चार और चीन के साथ एक बार युद्ध में भाग ले चुकी है. भारतीय वायु सेना द्वारा संचालित किये गए कुछ प्रमुख ऑपरेशन नीचे दिए जा रहे हैं :
ऑपरेशन मेघदूत  (विवादित कश्मीर क्षेत्र में सियाचिन ग्लेशियर पर कब्जा करने के लिए)
ऑपरेशन विजय (गोवा पर दावा करने के लिए)
ऑपरेशन कैक्टस (मालदीव में बचाव अभियान)
ऑपरेशन पूमालाई (श्रीलंका में जाफना के घेर शहर में हवा से आपूर्ति करने के लिए)
ऑपरेशन राहत (उत्तराखंड में अचानक आई बाढ़ के में फंसे लोगों को राहत और बचाव).
भारतीय वायु सेना हमेशा देश के हवाई क्षेत्र की सुरक्षा की अपनी प्रतिज्ञा पर खरा उतरा है, यह सब प्रतिकूल परिस्थितियों में भी इन नायकों के बलिदान और संकल्प की वजह से है. इसलिए, इस दिन हम राष्ट्र की खातिर उनकी प्रतिबद्धता,  उनके द्वारा किए गए बलिदान के लिए उन पर गर्व करते हैं और आभार व्यक्त करते हैं. हमें वे हमें सुरक्षित रखने के लिए अपने जीवन को जोखिम में डालते हैं, वे सिर्फ हमें, हमारे परिवार के निकट रखने और सुरक्षित रखने के लिए अपने परिवार से दूर रहते हैं.



ये फ्लाइंग ईगल्स हमेशा मुसीबतों से लोहा लेने के लिए तैयार रहते हैं
. उड़ी आक्रमण के बाद पाक अधिकृत कश्मीर में जेहादियों के शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद; भारतीय वायु सेना ने भी अपनी कमर कस ली है. भारतीय वायु सेना आक्रामक तरीके से अपने बुनियादी ढांचे का उन्नयन कर रही है और वे अपने शस्त्रागार के साथ तैयार हैं बस आदेश का इंतजार है.
समकालीन प्रगति की मांग के साथ तालमेल रखते हुए, IAF चरणबद्ध तरीके से लगातार खुद को आधुनिक कर रही है और आज यह दुनिया में चार सबसे अधिक पेशेवर सेवाओं के साथ एक विश्वसनीय हवाई शक्ति के रूप जानी जाती है.

भारत के पास शीर्ष के सबसे विनाशकारी और खतरनाक लड़ाकू विमान सेवा में है:
✈ सुखोई -30 MKI
✈ मिराज-2000
✈ मिग-29
✈ जैगुआर
✈ मिग-27
✈ तेजस
I sweep the skies with fire and steel
My highway is the cloud
I swoop, I soar, aloft I wheel
My engine laughing loud
I fight with gleaming blades the wind
That dares dispute my path
I leave the howling storm behind
I ride upon it's wrath.
I fill their quaking hearts with fear
For death . . . is in my wings.
Q1. तमिलनाडु में कौन सा शहर _______कपास उद्योग के लिए प्रसिद्ध है?
(a) त्रिची
(b) मदुरई
(c) कोयम्बटूर
(d) चेन्नई
(e) रामेश्वरम

Q2. दुनिया का सबसे छोटा देश _______ है?
(a) नाउरू
(b) तुवालु
(c) सैन मैरीनो
(d) मोनाको
(e) वेटिकन सिटी

Q3. गिर राष्ट्रीय उद्यान में ________ स्थित है ?
(a) गुजरात
(b) पश्चिम बंगाल
(c) बिहार
(d) महाराष्ट्र
(e) मध्य प्रदेश
Q4. कौन सा महाद्वीप, डार्क महाद्वीप के रूप में जाना जाता है ? 
(a) अफ्रीका
(b) एशिया
(c) ऑस्ट्रेलिया
(d) अमेरिका
(e) यूरोप
Q5. दिल्ली _______ में भारत की राजधानी बना ?
(a) 1912
(b) 1911
(c) 1919
(d) 1916
(e) 1931
Q6. सांभर झील _______ में स्थित है ?
(a) गुजरात
(b) पश्चिम बंगाल
(c) राजस्थान
(d) महाराष्ट्र
(e) मध्य प्रदेश
Q7. सरदार वल्लभ भाई पटेल पुलिस अकादमी कहाँ स्थित है ?
(a) मसूरी
(b) देहरादून
(c) चंडीगढ़
(d) हैदराबाद
(e) पुणे
Q8. किस भारतीय आईटी विशेषज्ञ ने 1996 में वेब आधारित ईमेल सेवा हॉटमेल शुरू की थी ?
(a) लक्ष्मी एन मित्तल
(b) विनोद धाम
(c) अजीम प्रेमजी
(d) एन.आर.नारायणा मूर्ति
(e) सब्बीर भाटिया
Q9. लुम्बिनी जो गौतम बुद्ध का जन्मस्थान है, वर्तमान में किस देश में है ?
(A) नेपाल
(B) भूटान
(C) भारत
(D) बांग्लादेश
(e) म्यांमार
Q10. भारत में सबसे बड़ी खारे पानी की झील कौन सी है ?
(a) चिल्का झील
(b) पुलीकट झील
(c) कालीवेली झील
(d) वुलर झील
(e) पांगोंग त्सो
Q11. किस वैज्ञानिक को भारत में हरित क्रांति के जनक के रूप में जाना जाता है ?
(A) वर्गीज कुरियन
(B) एम.एस स्वामीनाथन
(C) राजा रमन्ना
(D) ए पी जे अब्दुल कलाम
(e) शांति स्वरूप भटनागर
Q12. जॉली ग्रांट हवाई अड्डा किस राज्य में स्थित है?
(a) जयपुर
(b) लखनऊ
(c) देहरादून
(d) चंडीगढ़
(e) भोपाल
               
Q13. किस प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी को `देशबंधु' के नाम से जाना जाता था ?
(a) लाला लाजपत राय
(b) बाल गंगाधर तिलक
(c) भगत सिंह
(d) सी.एफ एंड्रू
(e) चितरंजन दास
Q14. हिन्दी और उर्दू के प्रसिद्ध लेखक मुंशी प्रेमचंद का मूल नाम क्या था ?
(a) रघुपति सहाय
(b) धनपत राय श्रीवास्तव
(c) अख्तर हुसैन रिजवी
(d) संपूरण सिंह कालरा
(e) शांति स्वरूप
Q15. भारत के राष्ट्रीय गान 'जन गण मन' के पूर्ण संस्करण को गाने का अनुमानित समय कितना है?
(a) 42 सेकंड
(b) 52 सेकंड
(c) 62 सेकंड
(d) 72 सेकंड
(e) 82 सेकंड
                                                                                 Solutions
S1. Ans(c)
S2. Ans(e)
S3. Ans(a)
S4. Ans(a)
S5. Ans(b)
S6. Ans(c)
S7. Ans(d)
S8. Ans(e)
S9. Ans(a)
S10. Ans(a)
S11. Ans(b)
S12. Ans(c)
S13. Ans.(e)
S14. Ans.(b)
S15. Ans.(b)

Monday, 3 October 2016

कावेरी जल विवाद


जल ही जीवन है और जल के बिना कोई जीवीत नहीं रह सकता लेकिन फिर भी पानी की बर्बादी पूरे विश्व के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है।जैसा की यह स्वर्ग से बरसता है तो इसलिए जल हमेशा से भगवानों से एक उपहार के रूप में मन जाता है।

केवल एक ही जीव है जो पानी की अहमियत नहीं समझता और वो है मानव, खासतौर पर औद्योगिक देशों में, पानी की बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। लेकिन अभी भी हम उस अनमोल चीज की अहमियत नहीं समझ रहें हैं जो हमारे पास आज तो लेकिन शायद् कल ना हो।

हाल ही में पानी के लिए तमिलनाडु और कर्णाटक के मध्य लड़ाई देखी जा चुकी है। ये राज्य आज भी कावेरी के जल के लिए लड़ते हैं। कावेरी नदी इन दो राज्यों के लिए महत्वपूर्ण पानी के श्रोतों में से एक है और यह दो राज्य पानी के विभाजन को लेकर हमेशा नजर में रहेंगे। कावेरी नदी का उद्गम तालकावेरी, कर्नाटक में कोडगु पर है, और यह आमतौर पर दक्षिण और पूर्व के माध्यम से कर्नाटक और तमिलनाडु  से बहती है।

☛  कावेरी नदी विवाद का इतिहास:
कावेरी नदी के जल का बंटवारा दो भारतीय राज्यों तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच एक गंभीर संघर्ष का स्रोत रहा है।यह जल विवाद ब्रिटिश काल से चला आ रहा है। उन्नीसवी शताब्दी के अंत में मैसूर सरकार नए क्षेत्रों के लाभ के लिए अपने पुराने सिचाई कार्यक्षेत्र में सुधार करना चाहती थी और नए सिचाई क्षेत्रों का निर्माण करना चाहती थी।यह निर्माण उनके राज्य से होकर गुजरने वाली नदी व धाराओं पर किया जाना था। यह आशंका करते हुए की मैसूर सरकार द्वारा ऐसा निर्माण मद्रास में पानी के प्रवाह को बंद कर देगा, मद्रास की सरकार ने भारत सरकार से साथ इस मामले को उठाया।तत्कालीन मद्रास प्रेसीडेंसी और मैसूर के सामंती राज्य के बीच 1892 और 1924 में पानी में बटवारे के विवाद को सुलझाने के लिए दो समझौते किये गए। 

भारत की आजादी के बाद, अंतर-राज्यीय नदी कावेरी के बारे में जल विवाद पर निर्णय करने के लिए कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण(CWDT) को 2 जून 1990 को भारत सरकार द्वारा गठित किया गया था। अधिकरण ने जून, 1991 को एक अंतरिम आदेश भी पारित किया था और आगे अप्रैल, 1992 और दिसंबर, 1995 एक अंतरिम आदेश पर स्पष्टीकरण आदेश पारित किया था।कावेरी बेसिन में पानी के उपयोग का स्तर देश में सभी नदियों के बीच सबसे अधिक है। अधिक से अधिक 90प्रतिशत बेसिनों का 1990से पूर्व शोषण कर लिया गया है। उसके बाद पानी की उपलब्धता सीमित थी, उपयोगकर्ता अधिक थे, कृषि गतिविधियाँ बढ़ गई थीं और इसके कारण बेसिन सिकुड़ता चला गया।

☛  वर्तमान परिदृश्य:

हाल ही में कर्णाटक में किसानो के आंदोलन को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटका को पड़ोसी राज्य तमिलनाडु को 10 दिन के लिए कावेरी नदी के पानी का 15,000 क्यूसेक देने का आदेश दिया है।वर्ष 2016 में कर्नाटका और तमिलनाडु में मानसून से समय आम वर्षा से कम वर्षा हुई है। कर्नाटका ने कहा है की वह कृषि के उद्देश्य के लिए तमिलनाडु को पानी नहीं देगा यह पानी पीने के लिए है। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने दिल्ली में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कहा है कि केंद्र "कुछ नहीं कर सका" कावेरी विवाद के रूप में न्यायाधीन माना गया था।कर्नाटक राज्य सरकार ने दोनों सदनों के एक दिवसीय सत्र द्वारा निर्णय नहीं लिया जा सकता टैब तक अपने कावेरी नदी के पानी को छोड़ने के निर्णय को टाल दिया है।


पानी एक श्रोत है, हमें इसे भी ऐसे ही बचाना चाहिए जैसे हम अन्य श्रोतो को बचाते हैं। कोई भी पानी के बिना अपना जीवन नहीं सोच सकता। आज हम दुनिया के आधुनिकीकरण के सतत विकास के बारे में बात करते हैं, लेकिन पानी के बिना हम जीवित नहीं रह सकते। मनुष्यों को भविष्य के लिए पानी के बचाव एक बारे में सोचन सीखना चाहिए।

शुभकामनाएं

ऐतिहासिक सिंधु जल समझौता




आज़ादी के समय, दो नव निर्मित स्वतंत्र राष्ट्रों अर्थात भारत एवं पाकिस्तान की सीमा रेखा सिंधु नदी बेसिन के आर-पार खींची गई, जिसमें पाकिस्तान को निचला नदी तट छोड़ना था. इसके अतिरिक्त, दो मुख्य सिंचाई कार्य परियोजना जिसमें एक रावी नदी पर स्थित माधोपुर था तथा दूसरा सतलज नदी पर स्थित फिरोजपुर की परियोजना थी, जिस पर सिंचाई नहर पंजाब (पाकिस्तान) को आपूर्ति की जाती थी और वह जिस पर पूरी तरह निर्भर था, भारतीय क्षेत्र के बायीं तरफ थी. उस समय इन दो देशों के बीच, इन विद्यमान जल सिचाईं सुविधाओं के प्रयोग को लेकर एक विवाद पैदा हुआ. इन दो देशों की इस जल विवाद समस्या के समाधान के क्रम में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौते पर हस्ताक्षर किये गए.


सिंधु जल समझौता भारत और पाकिस्तान के बीच एक ऐतिहासिक जल-बंटवारा समझौता है जिस पर 19 सितम्बर 1960 को पाकिस्तान के कराची में, भारतीय प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु और पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयूब खान द्वारा हस्ताक्षर किया गया था. लेकिन 1960 के इस समझौते में विश्व बैंक की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच छः नदियों के जल प्रवाह का विषय हल हुआ और यह समझौता पूरी तरह अस्तित्व में आया.


सिंधु जल समझौता तीन पूर्वी नदियों - ब्यास, रावी और सतलज पर भारत को नियंत्रण देता है जबकि तीनों पश्चिमी नदियों - सिंधु, चिनाब और झेलम पर पाकिस्तान को नियंत्रण देता है. इस संधि को आज दुनिया में सबसे सफल जल बंटवारे के प्रयासों में से एक माना जाता है.




सिंधु बेसिन का उद्गम स्रोत, जम्मू और कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश राज्यों के तिब्बत और हिमालय की पर्वत श्रेणियां हैं. ये पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर के पहाड़ी इलाकों से होती हुई पाकिस्तान में सिंध राज्य में मिलती है और कराची के दक्षिण में अरब सागर में गिरती है. विभाजन के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच अनेक मुद्दों को लेकर नोक-झोंक होती रही है और तनाव भी पैदा होता रहा है लेकिन इस संधि के अनुमोदन के बाद से जल को लेकर इन दो देशों के बीच कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं हुआ है. इस समझौते के तहत एक नियमित सिंधु आयोग की स्थापना की गई है जो जल वितरण को लेकर भविष्य में होने वाले किसी विवाद पर निर्णय करेगा. यह संधि इस बात का निर्धारण करती है कि दोनों देशों में बहने वाली सिंधु एवं उसकी सहायक नदियों के जल का प्रयोग किस तरह किया जाएगा. यह संधि सौहार्दपूर्ण ढंग से विवादों को हल करने हेतु मध्यस्तता तंत्र भी प्रदान करती है.


इसके बावजूद भारत को परेशान करने के लिए पाकिस्तान द्वारा अनेक प्रयास किये गए हैं. लेकिन भारत ने इस संधि को कभी रद्द नहीं किया है या ऐसा कोई कार्य नहीं किया है जो आम पाकिस्तानी लोगों को प्रभावित करे. लेकिन हाल ही में कश्मीर के उड़ी में भारतीय सैन्य बलों पर हुए आक्रमण ने भारत को पाकिस्तान के विरुद्ध खड़ा होने और उसके साथ शांति एवं वार्ता पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है. भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में एक कड़े सन्देश के माध्यम से इस मुद्दे को संबोधित करते हुए कहा है कि "खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते".



जाति, रंग और सीमाओं से भी परे जल सभी की एक महत्वपूर्ण जरुरत है. भारत ने सदैव से ही अपने पड़ोसी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंधों पर जोर दिया है और हमेशा अपने पड़ोसी मुल्कों के साथ वार्ता एवं सहयोग का माहौल बनाये रखने का समर्थन किया है. भारत अपने शांतिपूर्ण प्रयासों के लिए तथा अन्य राष्ट्रों की सहायता के लिए प्रसिद्ध है और हमेशा इस बात में विश्वास रखता है कि युद्ध किसी भी समस्या का हल नहीं है. लेकिन भारत किसी भी कीमत पर अपने क्षेत्र एवं अपने नागरिकों की सुरक्षा में पूर्णतः सक्षम है. भारत में पहले भी यह सिद्ध किया है और इतिहास को एक बार पुनः दोहराने में पर्याप्त रूप से सक्षम है.


शुभकामनाएं

दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (दक्षेस-सार्क)



दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संघ (दक्षेस-सार्क), दक्षिण एशिया में एक क्षेत्रीय अंतरसरकारी संगठन और भूराजनैतिक संघ है. इसके सदस्य देशों में अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, मालदीव, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल हैं. सार्क की स्थापना 8 दिसम्बर, 1985 को इसके सात मूल सदस्य देशों - बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, मालदीव, पाकिस्तान और श्रीलंका द्वारा आपसी प्रगति और विकास को बढ़ावा देने हेतु, संगठित करने और सरकारों को एकजुट करने के लिए किया गया था. इस संगठन का मुख्य उददेश्य सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक स्तर पर आपसी प्रगति के लिए, सार्क देशों के बीच राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देना है.


इस संगठन के निर्माण का विचार तत्कालीन बांग्लादेशी राष्ट्रपति ज़िआउर रहमान द्वारा 2 मई, 1980 को रखा गया था. इसके लिए संस्थापक देश पहले अप्रैल 1981 में मिले और फिर 1985 में मिले जिसके बाद सार्क चार्टर अस्तित्व में आया. वे इसमें शामिल देशों के लोगों के लिए, जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने सहित शांति, स्थिरता, सौहार्द और प्रगति की मांग के साथ एकत्र हुए थे. अंततः दक्षेस की स्थापना 1985 में ढका में की गई और इसका सचिवालय नेपाल के काठमांडू में स्थित है.
वर्तमान में इसमें 8 सदस्य देश शामिल हैं (अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, नेपाल, मालदीव, पाकिस्तान और श्रीलंका) और इनके राज्यप्रमुख वर्ष में एक बार मिलते हैं. इनका शिखर सम्मलेन सामान्यतः प्रत्येक 18वें महीने पर होता है.
18वां दक्षेस शिखर सम्मलेन नेपाली राजधानी काठमांडू में 26 नवंबर से 27 नवंबर 2014 तक संपन्न हुई थी, और इसका उददेश्य "शांति और समृद्धि के लिए गहरा एकीकरण" था. दक्षेस के 19वें शिखर सम्मलेन की मेजबानी 9 और 10 नवंबर 2016 को पाकिस्तान द्वारा इस्लामाबाद में की जानी है.
भारत के सशस्त्र बलों पर उड़ी में हुए हाल ही के आक्रमण के भारत और चार अन्य देशों ने दक्षेस शिखर सम्मलेन 2016 में अपनी भागीदारी से इनकार कर दिया है. भारत ने इसके पीछे कारण देते हुए कहा है कि पाकिस्तान एक आतंकी छवि वाला राष्ट्र है जो अपने आतंकवादियों को भारत के विरुद्ध प्रयोग करता है और उन्हें आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने में सहायता देता है.
भारत सरकार ने इसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही का मान बनाते हुए पाकिस्तान को सभी मंचों पर अलग-थलग करने का निर्णय लिया है. दक्षेस का बहिष्कार और बिम्सटेक को बढ़ावा देना, भारत द्वारा पाकिस्तान के बिना अपने पड़ोसियों के साथ सहयोग बढ़ाने का एक कदम है. वास्तव में यह भारत का एक नया अजेंडा है. बिम्सटेक "बंगाल की खाड़ी में बहुक्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए एक पहल" है {Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation (BIMSTEC)} जिसमें बांग्लादेश, भारत, म्यांमार, श्रीलंका, थाईलैंड, भूटान और नेपाल शामिल हैं.


 
भारत, रूस और चीन भी ब्रिक्स मंच के अतिरिक्त आपसी सहयोग को बढ़ावा देने और नए संबंधों को विकसित करने के लिए एक नया मंच बनाने की दिशा में देख रहे हैं. 
सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में भारतीय सेना द्वारा उठाया गया कदम यह सिद्ध करता है कि भारत कुछ भी करने में सक्षम है लेकिन वह सीमाओं और अंतर्राष्ट्रीय नियमों के कानूनी निर्बंधनों का सम्मान करता है. भारत ने सदैव अपने पड़ोसियों के विकास में योगदान दिया है. अफ़ग़ानिस्तान की सहायता, बांग्लादेश के साथ सीमा समझौता, भूकंप और उसके बाद नेपाल की सहायता और भूटान एवं श्रीलंका की आर्थिक सहायता आदि भारत के इस रुख का कुछ प्रमुख उदाहरण हैं.

पाकिस्तान को यह समझने की जरुरत है कि आतंकवाद एक वैश्विक मुद्दा है और उसे आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के क्रम में अन्य राष्ट्रों की सहायता करनी होगी. भारत आतंक से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में से एक है और अब वह बड़े अंतर्राष्ट्रीय समर्थन के साथ इसके खिलाफ खड़ा हो रहा है और पाकिस्तान को भी इस क्रम में भारत की सहायता करनी ही होगी, इसके अतिरिक्त उसके पास कोई विकल्प नहीं है.
 शुभकामनाएं

Saturday, 1 October 2016


अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस : 30 सितम्बर


आज 30 सितम्बर को सम्पूर्ण विश्व में अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस मनाया जा रहा है. अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस 2016 का विषय "अनुवाद और व्याख्या: जोड़े विश्व को" है. यह दिवस, अनुवाद समुदाय के लिए एक वार्षिक आयोजन है और इस दिन, दुनिया भर में अनुवाद को समर्पित अनेक समारोहों, सेमिनार और गोष्ठियां की एक श्रृंखला का आयोजन किया जाता है. अनुवादकों के अंतर्राष्ट्रीय संघ (International Federation of Translators -FIT) द्वारा स्थापित अंतर्राष्ट्रीय अनुवाद दिवस, उन अनुवादकों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का एक अवसर है जिन्होंने दुनिया में भाषाई अवरोधों को तोड़कर थोड़ा छोटी जगह बनाने के लिए प्रयास किया है.

रियाध मैथ्यू बने PTI के नए चेयरमैन


प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) के नए चेयरमैन और वाईस-चेयरमैन के रूप में क्रमशः मलयालम मनोरमा के निदेशक रियाध मैथ्यू को, और इंडियन एक्सप्रेस के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक विवेक गोयनका का चयन किया गया है. पीटीआई भारत की एक प्रमुख समाचार एजेंसी है जिसकी पहुँच भारत में भारतीय रेलवे की तरह है. वर्तमान में, भारत में समाचार एजेंसी बाजार में पीटीआई का 90% बाजार पर नियंत्रण है. मि. मैथ्यू, जो मनोरमा प्रबंधन में हैं और मलयालम मनोरमा के वरिष्ठ सहायक संपादक हैं, ने बॉम्बे समाचार के निदेशक होर्मुसजी एन. कामा (Hormusji N. Cama) का स्थान लिया है जबकि मि. गोयनका ने वाईस-चेयरमैन के रूप में मि. मैथ्यू का स्थान लिया है.

तिरुपति हवाई अड्डे को "सर्वश्रेष्ठ पर्यटक अनुकूल हवाई अड्डे" का पुरस्कार
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एनएचएआई) के तिरूपति हवाईअड्डे को आंध्र प्रदेश पर्यटन द्वारा "राज्य की वार्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार 2015-16" की श्रेणी में "सर्वश्रेष्ठ पर्यटक अनुकूल हवाई अड्डे" का पुरस्कार दिया गया है. यह पुरस्कार विश्व पर्यटन दिवस की पूर्व संध्या पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री नारा चंद्रा बाबू नायडू द्वारा विजयवाड़ा के भवानी द्वीप में आयोजित एक समारोह में दिया गया. राज्य वार्षिक पर्यटन उत्कृष्टता पुरस्कार यात्रा और पर्यटन उद्योग के विभिन्न क्षेत्रों के अंतर्गत आंध्र प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा पर्यटकों और यात्रियों के साथ उत्कृष्ट मैत्रीपूर्ण संबंधों को बनाए रखने के लिए विश्व पर्यटन दिवस समारोह के अवसर पर दिया जाता है.

भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स देशों की श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक संपन्न
27-28 सितम्बर को नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के श्रम तथा रोजगार मंत्रियों का सम्मेलन संपन्न हुआ. दो दिन की इस बैठक में समान श्रम और रोजगार विषयों पर उपयोगी विचार-विमर्श हुआ. विचार-विमर्श के बाद ब्रिक्स श्रम और रोजगार मंत्री स्तरीय घोषणा को अपनाया गया. इस मौके पर केन्द्रीय श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री बंडारु दत्तात्रेय ने कहा कि ब्रिक्स श्रम मंत्रियों के सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की उपस्थिति से भारत उत्साहित हुआ है. भारत को इस बात की प्रसन्नता है कि अध्यक्षीय पहल और त्रिपक्षीय और सामाजिक संवाद की श्रेष्ठ परम्परा के रूप में इस मंच में भारत ब्रिक्स राष्ट्रीय सामाजिक सहयोगियों को शामिल कर सकता है. इस सम्मलेन में नियोक्ताओं और कर्मियों के अग्रणी संगठनों तथा भारतीय मजदूर संघ ने ब्रिक्स देशों के समकक्ष संगठनों से सहयोग किया और विचार-विमर्श किया.


यूएस और वियतनाम के नौसैनिकों का 7वां वार्षिक नौसिनिक गतिविधि शुरू
यूएस और वियतनाम के नौसैनिकों ने डा नांग के त्यान सा बंदरगाह (Tien Sa Port) में, 7वां वार्षिक नौसैनिक गतिविधि, वियतनाम 2016 शुरू किया. इस अभ्यास में, सागर में अनियोजित मुठभेड़ों एवं खोज और बचाव परिदृश्यों के लिए कोड भी शामिल है.





शक्ति सिन्हा नेहरू स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय के नए प्रमुख

कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने नेहरू स्मारक संग्रहालय और पुस्तकालय (NMML) के निदेशक पद के लिए, सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शक्ति सिन्हा की नियुक्ति को अपनी मंजूरी दे दी है. NMML में निदेशक का पद पिछले कई वर्षों से खाली था. NMML की स्थापना भारत के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहरलाल नेहरु की याद में की गई थी. यह संस्कृति मंत्रालय के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान है.


प्रसिद्ध बांग्लादेशी लेखक सैय्यद हक़ नहीं रहे

बांग्लादेशी लेखक सैय्यद शम्सुल हक़ का ढका में निधन हो गया. वह 81 वर्ष के थे. वह एक लघु-कहानी लेखक, उपन्यासकार, पटकथा लेखक और एक प्रसिद्ध कवि थे. हक़ को 1966 में प्रतिष्ठित बांग्ला अकादमी साहित्यिक पुरस्कार, 1984 में एकूशेय पदक और वर्ष 2000 में बांग्ला साहित्य में उनके योगदान के लिए, देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'स्वाधीनता पदक' प्रदान किया गया था.

विश्व के पहले 3 अभिभावकों वाले बच्चे का जन्म
तीन अलग-अलग लोगों के जीन द्वारा विश्व के पहले बच्चे का जन्म एक जार्जियन दंपत्ति को हुआ है. इस बच्चे का जन्म मेक्सिको में हुआ. पांच महीने की आयु के बच्चे ने न सिर्फ अपने माता-पिता दोनों से डीएनए प्राप्त किये थे बल्कि, उस आनुवांशिक स्थिति को टालने के लिए जो उसमें जाकर उसे नुक्सान पहुंचा सकती थीं, एक दानकर्ता द्वारा आनुवंशिक कोड के छोटे से टुकड़े भी लिए थे.


फेसबुक, अमेज़न, गूगल, आइबीएम और माइक्रोसॉफ्ट एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंच पर

फेसबुक, अमेज़न, गूगल, आइबीएम और माइक्रोसॉफ्ट ने एक ऐतिहासिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग की घोषणा के लिए हाथ मिलाया है. ये कंपनियां AI में शोध करने और उसके उन्नति पर चर्चा करेंगी तथा इस बात पर विमर्श करेंगी कि मशीन लर्निग द्वारा और बेहतर सुविधाएँ एवं उत्पाद कैसे दिए जा सकते हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक कंप्यूटर प्रोग्राम या एक मशीन की सोचने और याद रखने की क्षमता है.



INDOSAN में बोले पीएमः गंदगी के लिए हो नफरत का माहौल, सिर्फ बजट से नहीं आती स्वच्छता
दिल्ली के विज्ञान भवन में पीएम मोदी ने आज इंडोसैन (इंडिया सैनिटेशन कॉंफ्रेंस) का उद्धघाटन करते हुए कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से पहले देश को गंदगी से आजादी दिलाने के लिए स्वच्छाग्रहियों की फौज तैयार करनी होगी. पीएम मोदी के मुताबिक जिस तरह महात्मा गांधी से देश को अंग्रेजों से मुक्त कराने के लिए सत्याग्रह शुरु किया था उसी तरह अब स्वच्छाग्रह शुरु करने की जरुरत हैं. 
गौरतलब है कि दो साल पहले 2 अक्टूबर को ही स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की गई थी.
इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) को स्वच्छता अभियान का पुरस्कार सौंपा. यह कार्यक्रम केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय और पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा आयोजित किया गया था. इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ भारत मिशन के कार्य की समीक्षा करना है. सम्मेलन में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकैया नायडू के साथ ही मुख्यमंत्रियों और राज्यों में स्वच्छत भारत मिशन के प्रभारी मंत्रियों और प्रमुख सचिवों के अलावा जिलाधिकारियों और पंचायतद प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया था.


तेलुगु लेखक कोलाकलुरी एनोक को मिला मूर्तिदेवी पुरस्कार

तेलुगु लेखक एवं प्रख्यात विद्वान प्रोफ़ेसर कोलाकलुरी एनोक को, उनके उपन्यास अनंत जीवनम के लिए 29वें मूर्तिदेवी पुरस्कार 2015 से नवाजा गया है. लेखक को यह पुरस्कार प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ कपिला वात्स्यायन द्वारा दिया गया. एनोक को साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सरकार द्वारा 2014 में पद्म श्री पुरस्कार भी दिया जा चुका है.








भाला फेंक खेल में 60 मी पार फेंकने वाली रानी पहली भारतीय महिला बनीं

भाला फेंकने वाली खिलाडी (Javelin thrower) अन्नू रानी ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ते हुए 60 मी से अधिक दूरी पर भाला फेंकने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं. अन्नू रानी ने यह कारनामा लखनऊ में चल रहे 56वें ओपन नेशनल एथलेटिक चैंपियनशिप के तीसरे और अंतिम से ठीक एक दिन पहले किया.

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